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आत्म कल्याण करने वाला महापर्व है दशलक्षण पर्व
Updated Sat, 15 Sep 2018 12:27 AM IST
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शाहपुर। सकल जैन समाज के तत्वावधान में दशलक्षण पर्व पर आयोजित दशलक्षण विधान का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। ब्रह्मचारिणी रेखा दीदी ने प्रवचनों में कहा कि दशलक्षण पर्व आत्म कल्याण करने वाला महा पर्व है।
सकल जैन समाज के तत्वावधान में दशलक्षण महोत्सव के तहत दशलक्षण विधान का विधिवत शुभारंभ किया गया। जैन समाज की महिलाओं ने नगर में भव्य कलश यात्रा निकाली, जो जैन धर्मशाला से प्रारंभ होकर मंगलापुरी मंडी स्थित शांतिनाथ जिनालय पहुंची, जहां से वापस जैन धर्मशाला पहुंचकर कलश यात्रा संपन्न हुई। दशलक्षण विधान में प्रवचन करते हुए ब्रह्मचारिणी रेखा दीदी ने कहा कि दशलक्षण पर्व आत्म कल्याण का महा पर्व हैं, जो मुक्ति पथ का मार्ग प्रशस्त करता है। उत्तम क्षमा को धारण करने से जीवन की समस्त कुटिलता समाप्त हो जाती है और संपूर्ण प्राणी जगत से अनन्य मैत्री भाव जागृत होता है। ब्रह्मचारिणी सरिता दीदी ने कहा कि दशलक्षण के महान पर्व पर मनुष्य दस धर्मों को अपनाकर उनका पालन करे, तो वह अजर अमर पद निर्वाण की प्राप्ति कर सकता है। ध्वजारोहण सतीश चंद जैन व अंकुर जैन, अखंड दीप प्रज्ज्वलन रिखब दास, जनेश्वर दास व जिनवाणी की स्थापना बालेश जैन, अमित जैन ने की। आचार्य ज्ञान सागर जी महाराज के चित्र का अनावरण सुंदर लाल जैन व अरविंद जैन ने किया। भूषण लाल जैन, सुंदर लाल जैन, अरविंद जैन, राकेश जैन, ललित जैन, अमित जैन, उमंग जैन, विक्की जैन और आगम जैन आदि का सहयोग रहा।
युवक ने जहर खाकर जान दी
छपार। थाना क्षेत्र के गांव रेत्ता नगला निवासी युवक की घर पर किसी बात को लेकर परिजनों के साथ कहासुनी हो गई थी। परिजनों के अनुसार, इससे क्षुब्ध होकर युवक ने जहर खा लिया। कुछ देर बाद उसकी हालत बिगडने पर परिजन उसे डॉक्टर के पास ले गए, जिसने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बिना किसी को सूचना दिए गुपचुप तरीके से उसका अंतिम संस्कार कर दिया।
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सकल जैन समाज के तत्वावधान में दशलक्षण महोत्सव के तहत दशलक्षण विधान का विधिवत शुभारंभ किया गया। जैन समाज की महिलाओं ने नगर में भव्य कलश यात्रा निकाली, जो जैन धर्मशाला से प्रारंभ होकर मंगलापुरी मंडी स्थित शांतिनाथ जिनालय पहुंची, जहां से वापस जैन धर्मशाला पहुंचकर कलश यात्रा संपन्न हुई। दशलक्षण विधान में प्रवचन करते हुए ब्रह्मचारिणी रेखा दीदी ने कहा कि दशलक्षण पर्व आत्म कल्याण का महा पर्व हैं, जो मुक्ति पथ का मार्ग प्रशस्त करता है। उत्तम क्षमा को धारण करने से जीवन की समस्त कुटिलता समाप्त हो जाती है और संपूर्ण प्राणी जगत से अनन्य मैत्री भाव जागृत होता है। ब्रह्मचारिणी सरिता दीदी ने कहा कि दशलक्षण के महान पर्व पर मनुष्य दस धर्मों को अपनाकर उनका पालन करे, तो वह अजर अमर पद निर्वाण की प्राप्ति कर सकता है। ध्वजारोहण सतीश चंद जैन व अंकुर जैन, अखंड दीप प्रज्ज्वलन रिखब दास, जनेश्वर दास व जिनवाणी की स्थापना बालेश जैन, अमित जैन ने की। आचार्य ज्ञान सागर जी महाराज के चित्र का अनावरण सुंदर लाल जैन व अरविंद जैन ने किया। भूषण लाल जैन, सुंदर लाल जैन, अरविंद जैन, राकेश जैन, ललित जैन, अमित जैन, उमंग जैन, विक्की जैन और आगम जैन आदि का सहयोग रहा।
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युवक ने जहर खाकर जान दी
छपार। थाना क्षेत्र के गांव रेत्ता नगला निवासी युवक की घर पर किसी बात को लेकर परिजनों के साथ कहासुनी हो गई थी। परिजनों के अनुसार, इससे क्षुब्ध होकर युवक ने जहर खा लिया। कुछ देर बाद उसकी हालत बिगडने पर परिजन उसे डॉक्टर के पास ले गए, जिसने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बिना किसी को सूचना दिए गुपचुप तरीके से उसका अंतिम संस्कार कर दिया।
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