फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   सड़क के गड्ढे ने ली थी सुनीता की जान

सड़क के गड्ढे ने ली थी सुनीता की जान

Sun, 22 Jul 2018 12:24 AM IST
Updated Sun, 22 Jul 2018 12:24 AM IST
विज्ञापन
सड़क के गड्ढे ने ली थी सुनीता की जान

विज्ञापन
सड़क के गड्ढे ने ली थी सुनीता की जान
बघरा के निकट हुई थी हादसे में मौत, नहीं मिली आर्थिक सहायता
फोटो समाचार
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर।
सूबे में गड्ढा मुक्त सड़कों के दावे करने वाली भाजपा सरकार में सड़क पर बने गड्ढे एक महिला की जान जा चुकी हैं। करीब साढ़े तीन माह पूर्व बघरा के निकट सड़क में बने गड्ढे में बाइक गिरने से पति के साथ जा रही महिला की मौत हो गई थी, जिसके परिजनों को अब तक किसी तरह की आर्थिक सहायता भी नहीं मिल पाई है।

सुप्रीम कोर्ट ने सड़कों के गड्ढों के कारण होने वाली मौतों पर चिंता जताते हुए मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। जिले में भी गड्ढों के कारण एक महिला की मौत हुई है। शामली के बाबरी थाना क्षेत्र के गांव हिरनवाड़ा निवासी किसान राधेश्याम हृदयरोगी था, जिसे उसकी पत्नी सुनीता 30 मार्च को शहर के सरकुलर रोड स्थित हॉर्ट हॉस्पिटल में दिखाने के लिए लेकर आ रही थी। रास्ते में बघरा के निकट अचानक बाइक का पिछला पहिया सड़क में बने गहरे गड्ढे में गिर जाने से पीछे सीट पर बैठी सुनीता उछलकर सड़क पर गिर गई थी। इसी दौरान सामने से आते ट्रक ने सुनीता को कुचल दिया था, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। सुनीता की इस तरह मौत से पति राधेश्याम के होश फाख्ता हो गए थे। हालांकि समय के साथ पति समेत सुनीता का पूरा परिवार इस भयंकर त्रास्दी से उबर चुका है, लेकिन परिजनों को टीस इसी बात की है कि यदि उस दिन बाइक का पहिया सड़क पर बने गड्ढे में न गिरता तो आज सुनीता अपने पति व चार बच्चों संग भरे-पूरे परिवार के साथ होती। वहीं, सड़क के गड्ढे की वजह से महिला की जान चले जाने के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर पीड़ित परिजनों को किसी तरह का कोई मुआवजा या आर्थिक सहायता भी नहीं मिली है। राधेश्याम का कहना है कि उस एक हादसे ने उसका सब कुछ छीन लिया। हादसे की वजह सड़क पर बना गड्ढा था, जिसके लिए पूरी तरह से शासन-प्रशासन जिम्मेदार है, लेकिन इसके बावजूद किसी भी अफसर या जनप्रतिनिधि ने आकर उनसे सांत्वना देना तो दूर, सहानुभूति के दो बोल तक नहीं बोले।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed