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विभागों में उलझी मीट लाइसेंस की प्रक्रिया
Updated Fri, 16 Jun 2017 12:47 AM IST
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विभागों में उलझी मीट लाइसेंस की प्रक्रिया
मुजफ्फरनगर। रमजान माह बीतने को है, लेकिन एक भी फुटकर मीट कारोबारी को लाइसेंस जारी नहीं हो सका है। पुलिस और नगर पालिका की एनओसी आने के बाद भी खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी स्थान, कारोबारी का सर्वे कर रिपोर्ट देंगे। उसके बाद ही व्यापार शुरू किया जा सकेगा।
योगी सरकार ने अवैध बूचड़खानों पर पाबंदी लगाने के साथ मीट का कारोबार करने के लिए लाइसेंस जारी करने के निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट ने विगत दिनों मीट कारोबारियों को राहत देते हुए प्रदेश सरकार को मीट लाइसेंस जारी करने के निर्देश दिए थे। इसके लिए खाद्य सुरक्षा विभाग को कमान दी गई है। मीट कारोबारी पुलिस, नगर पालिका और खाद्य सुरक्षा विभाग के बीच उलझे हुए हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी पालिका और पुलिस की एनओसी नहीं होने से लाइसेंस जारी नहीं कर रहे हैं। पिछले 20 दिनों में शहर समेत देहात से करीब 150 से अधिक फुटकर मीट लाइसेंस के लिए आवेदन लंबित हैं। उधर, मीट लाइसेंस लेना आसान नहीं होगा। पालिका, पुलिस की एनओसी आने के बाद भी विभागीय स्तर से आवेदक के स्थान, दुकान और क्षेत्र में सर्वे कराया जाएगा। उसके बाद ही वह मीट कारोबार कर सकेगा। मीट लाइसेंस जारी न होने पर अधिवक्ता एहतेशाम सिद्दीकी के साथ अहसान, सोना, वसीक, सादिक, शकील, आसिफ, आशु, जुबैर आदि ने डीएम को भी इस मामले में ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।
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मुजफ्फरनगर। रमजान माह बीतने को है, लेकिन एक भी फुटकर मीट कारोबारी को लाइसेंस जारी नहीं हो सका है। पुलिस और नगर पालिका की एनओसी आने के बाद भी खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी स्थान, कारोबारी का सर्वे कर रिपोर्ट देंगे। उसके बाद ही व्यापार शुरू किया जा सकेगा।
योगी सरकार ने अवैध बूचड़खानों पर पाबंदी लगाने के साथ मीट का कारोबार करने के लिए लाइसेंस जारी करने के निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट ने विगत दिनों मीट कारोबारियों को राहत देते हुए प्रदेश सरकार को मीट लाइसेंस जारी करने के निर्देश दिए थे। इसके लिए खाद्य सुरक्षा विभाग को कमान दी गई है। मीट कारोबारी पुलिस, नगर पालिका और खाद्य सुरक्षा विभाग के बीच उलझे हुए हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी पालिका और पुलिस की एनओसी नहीं होने से लाइसेंस जारी नहीं कर रहे हैं। पिछले 20 दिनों में शहर समेत देहात से करीब 150 से अधिक फुटकर मीट लाइसेंस के लिए आवेदन लंबित हैं। उधर, मीट लाइसेंस लेना आसान नहीं होगा। पालिका, पुलिस की एनओसी आने के बाद भी विभागीय स्तर से आवेदक के स्थान, दुकान और क्षेत्र में सर्वे कराया जाएगा। उसके बाद ही वह मीट कारोबार कर सकेगा। मीट लाइसेंस जारी न होने पर अधिवक्ता एहतेशाम सिद्दीकी के साथ अहसान, सोना, वसीक, सादिक, शकील, आसिफ, आशु, जुबैर आदि ने डीएम को भी इस मामले में ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।
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