फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   एचटी लाइन स्थानांतरित कराने के नाम पर विद्युत निगम अधिकारियों पर रिश्वत मांगने का आरोप

एचटी लाइन स्थानांतरित कराने के नाम पर विद्युत निगम अधिकारियों पर रिश्वत मांगने का आरोप

Wed, 26 Jun 2019 12:45 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 26 Jun 2019 12:45 AM IST
विज्ञापन
एचटी लाइन स्थानांतरित कराने के नाम पर विद्युत निगम अधिकारियों पर रिश्वत मांगने का आरोप
देवबंद (सहारनपुर)। पश्चिमी विद्युत वितरण निगम के प्रबंधक निदेशक के आदेश के बावजूद सांपला खत्री में घरों के ऊपर से गुजर रही एचटी लाइन स्थानांतरित न किए जाने से नाराज ग्रामीणों ने एक्सईएन कार्यालय का घेराव करते हुए जमकर प्रदर्शन किया। इसके उपरांत ग्रामीणों ने मीडिया से रूबरू होकर विद्युत निगम के अधिकारियों पर भ्रष्टाचार में लिप्त रहने के आरोप भी लगाए।
विज्ञापन

मंगलवार को मजनूवाला मार्ग पर पत्रकारों से वार्ता में सांपला खत्री निवासी मो. सादिक ने आरोप लगाया कि उच्चाधिकारियों के आदेश के बावजूद स्थानीय निगम अधिकारी घरों के ऊपर से होकर गुजर रही एचटी लाइन को स्थानांतरित करने को तैयार नहीं हैं। आरोप लगाया कि अधिकारी लाइन बदलने के नाम पर तीन लाख रुपये की रिश्वत मांग रहे हैं। उन्होंने बताया कि करीब एक वर्ष पूर्व विद्युत लाइन के कारण अमीर आलम नामक व्यक्ति की मौत हो गई थी। जिसके चलते ग्रामीण अपने खर्चे से लाइन को स्थानांतरित कराना चाहते हैं। मो. सादिक ने बताया कि अधिशासी अभियंता ने उक्त लाइन का निरीक्षण कराने के बाद जरूरी कार्रवाई पूरी करते हुए ग्रामीणों से स्थानांतरण के खर्चे का 15 प्रतिशत सुपरविजन चार्ज करीब 51360 रुपये जमा करा लिए। 6 फरवरी 2019 को लाइन स्थानांतरण की अनुमति भी दे दी गई थी। ग्रामीणों ने करीब डेढ़ लाख रुपये की स्थानांतरण में प्रयोग होने वाली सामग्री भी खरीद ली थी। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव के कुछ लोगों ने स्थानीय विद्युत अधिकारियों से साठगांठ होने के चलते उक्त कार्य रोक दिया गया, जबकि प्रबंधक निदेशक ने भी मामले में आदेश कर दिए थे। वार्ता के दौरान इरफान, महबूब, नौमान आदि मौजूद रहे। इससे पूर्व ग्रामीणों ने सांपला मार्ग पर स्थित निगम के अधिशासी अभियंता के कार्यालय का घेराव कर जमकर प्रदर्शन किया।
विज्ञापन

आरोप निराधार, उपभोक्ता खर्च वहन करने को तैयार नहीं: एक्सईएन
देवबंद। एक्सईएन अनिल कुमार गर्ग ने ग्रामीणों द्वारा रिश्वत मांगे जाने के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि सांपला खत्री के ग्रामीणों ने लाइन शिफ्टिंग के लिए उनके कार्यालय पर प्रार्थना पत्र दिया था। जिस पर जेई द्वारा स्टीमेट बनाकर मार्क करके मुख्य कार्यालय को भेज दिया था। वहां से नंगी लाइन को स्टीमेट बना था। जिसे 15 प्रतिशत सुपरविजन चार्ज लगाकर जमा करा दिया गया था। ऐसी स्थिति में उपभोक्ताओं की स्वयं लाइन बनाने की जिम्मेदारी थी। उसमें कंडीशन यह भी थी यदि कोई हादसा होता है तो उपभोक्ताओं की जिम्मेदारी होगी। जब विभाग की टीम वहां लाइन बनवाने पहुंची तो कुछ ग्रामीणों ने विरोध करते हुए कार्य करने से रोक दिया। इसके बाद आरोप लगाने वाले एमडी आफिस पहुंचे। जहां से हुई जांच में यह बात सामने आई कि विरोध को देखते हुए अंडर ग्राउंड लाइन बनाई जा सकती है। जिसका पैसा उपभोक्ता खर्च करने को तैयार नहीं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed