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डूडा के 15 सड़कों के टेंडर निरस्त
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डूडा के 15 सड़कों के टेंडर निरस्त
मुजफ्फरनगर। डूडा द्वारा नगर पंचायत शाहपुर एवं चरथावल में बनवाई जा रही 15 सड़कों के एक करोड़ 18 लाख के टेंडर निरस्त हो गए है। डीएम ने शासन से स्वीकृत कार्यों से अलग कार्य कराए जाने से नाराज होकर यह कार्रवाई की।
डूडा ने नगर पंचायत शाहपुर में 12 एवं नगर पंचायत चरथावल में तीन निर्माण कार्य के लिए धनराशि स्वीकृत कराई थी। स्वीकृत हुए कार्य में स्पष्ट उल्लेख किया गया था कि किस कार्य के लिए धनराशि दी जा रही है। उसका व्यय प्रत्येक दशा में उसी कार्य में किया जाना था। शाहपुर नगर पंचायत में 12 निर्माण कार्य होने थे, जिन कार्यों को डूडा ने पास कराया नगर पंचायत ने उन्हें अपने पास आए धन से करा दिया। डूडा का पैसा देर से आया। डूडा ने पैसा वापस भेजने के बजाए अन्य सड़कों के टेंडर यहां आए 80 लाख से कर दिए। चरथावल में तीन सड़कें बनाई जानी है, जिनके टेंडर अलग-अलग होने थे, डूडा ने तीनों सड़कों का 38 लाख का एक ही टेंडर कर दिया, जबकि तीनों सड़कों का अलग-अलग टेंडर होना था। डीएम के सामने जब यह मामला आया तो उन्होंने डूडा की इन 15 सड़कों की ई-टेंडरिंग की प्रक्रिया निरस्त कर दी है। डीएम अजय शंकर पांडेय ने बताया कि नई सड़कों का निर्माण शासन से अनुमोदन के बाद ही हो सकता है। इस मामले में टेंडर प्रक्रिया निरस्त करने के साथ ही दोषियों के विरुद्ध प्रशासनिक कार्यवाही करने के साथ आपराधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
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मुजफ्फरनगर। डूडा द्वारा नगर पंचायत शाहपुर एवं चरथावल में बनवाई जा रही 15 सड़कों के एक करोड़ 18 लाख के टेंडर निरस्त हो गए है। डीएम ने शासन से स्वीकृत कार्यों से अलग कार्य कराए जाने से नाराज होकर यह कार्रवाई की।
डूडा ने नगर पंचायत शाहपुर में 12 एवं नगर पंचायत चरथावल में तीन निर्माण कार्य के लिए धनराशि स्वीकृत कराई थी। स्वीकृत हुए कार्य में स्पष्ट उल्लेख किया गया था कि किस कार्य के लिए धनराशि दी जा रही है। उसका व्यय प्रत्येक दशा में उसी कार्य में किया जाना था। शाहपुर नगर पंचायत में 12 निर्माण कार्य होने थे, जिन कार्यों को डूडा ने पास कराया नगर पंचायत ने उन्हें अपने पास आए धन से करा दिया। डूडा का पैसा देर से आया। डूडा ने पैसा वापस भेजने के बजाए अन्य सड़कों के टेंडर यहां आए 80 लाख से कर दिए। चरथावल में तीन सड़कें बनाई जानी है, जिनके टेंडर अलग-अलग होने थे, डूडा ने तीनों सड़कों का 38 लाख का एक ही टेंडर कर दिया, जबकि तीनों सड़कों का अलग-अलग टेंडर होना था। डीएम के सामने जब यह मामला आया तो उन्होंने डूडा की इन 15 सड़कों की ई-टेंडरिंग की प्रक्रिया निरस्त कर दी है। डीएम अजय शंकर पांडेय ने बताया कि नई सड़कों का निर्माण शासन से अनुमोदन के बाद ही हो सकता है। इस मामले में टेंडर प्रक्रिया निरस्त करने के साथ ही दोषियों के विरुद्ध प्रशासनिक कार्यवाही करने के साथ आपराधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
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