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पिता के सपनों को बेटों ने दी नई उड़ान
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पिता के सपनों को बेटों ने दी नई उड़ान
मोरना। पिता मुनेश कश्यप के पास खेतीबाड़ी को जमीन नहीं थी, फिर दूसरों की जमीन बटाई पर लेकर बेटों को पढ़ाकर कामयाब बनाया। एक बेटा पुलिस में दरोगा बना और दूसरा बेटा विद्युुत विभाग मेें जेई है।
मोरना निवासी मुनेश कश्यप ने गंगा खादर में ठेके व बटाई पर जमीन लेकर बेटों को अधिकारी बना दिया है। मोरना के मेन बाजार में इस परिवार के बेटे दूसरों के लिए मिसाल बने हुए हैं। मुनेश के पास पुश्तैनी जमीन नहीं थी। कक्षा छह तक पढ़े मुनेश का सपना बेटों को उच्च शिक्षा दिला कर कर अफसर बनाना चाहता था। सब्जियों की खेती करके उसने बेटों के करियर को उंचाइयां दी। एक बेटा अंकित 2017 में यूपी पुलिस ने सब इंस्पेक्टर बना, जो वर्तमान में गाजियाबाद में तैनात है। वह पीसीएस भी भी तैयारी कर रहा। जबकि दूसरा बेटा सुमित कुमार विद्युत विभाग मेरठ में जेई है। उसने बेटियों पूजा, प्रिंयका, दीपा को भी उच्च शिक्षा दिलाई। छोटी बेटी दीपा पीसीएस की तैयारी कर रही है।
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मोरना। पिता मुनेश कश्यप के पास खेतीबाड़ी को जमीन नहीं थी, फिर दूसरों की जमीन बटाई पर लेकर बेटों को पढ़ाकर कामयाब बनाया। एक बेटा पुलिस में दरोगा बना और दूसरा बेटा विद्युुत विभाग मेें जेई है।
मोरना निवासी मुनेश कश्यप ने गंगा खादर में ठेके व बटाई पर जमीन लेकर बेटों को अधिकारी बना दिया है। मोरना के मेन बाजार में इस परिवार के बेटे दूसरों के लिए मिसाल बने हुए हैं। मुनेश के पास पुश्तैनी जमीन नहीं थी। कक्षा छह तक पढ़े मुनेश का सपना बेटों को उच्च शिक्षा दिला कर कर अफसर बनाना चाहता था। सब्जियों की खेती करके उसने बेटों के करियर को उंचाइयां दी। एक बेटा अंकित 2017 में यूपी पुलिस ने सब इंस्पेक्टर बना, जो वर्तमान में गाजियाबाद में तैनात है। वह पीसीएस भी भी तैयारी कर रहा। जबकि दूसरा बेटा सुमित कुमार विद्युत विभाग मेरठ में जेई है। उसने बेटियों पूजा, प्रिंयका, दीपा को भी उच्च शिक्षा दिलाई। छोटी बेटी दीपा पीसीएस की तैयारी कर रही है।
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