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सहायक समीक्षा अधिकारी को जेल भेजा
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सहायक समीक्षा अधिकारी को जेल भेजा
मुजफ्फरनगर। अदालत ने दहेज उत्पीड़न के एक आरोपी की अंतरिम जमानत याचिका खारिज करते हुए जेल भेज दिया है। जमानत पर सुनवाई के लिए 7 जून की तारीख निर्धारित की है। जेल भेजा गया आरोपी हरिद्वार जनपद का सहायक समीक्षा अधिकारी बताया गया है।
अधिवक्ता सीताराम वर्मा ने बताया कि थाना छपार पर बसेड़ा निवासी धर्मपाल पुत्र दयानंद ने 25 मार्च 2013 को मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसकी पुत्री सीमा की शादी ज्ञानेंद्र पुत्र नीलम सिंह निवासी कनखल, जिला हरिद्वार उत्तराखंड के साथ हुई थी। सीमा के पति ज्ञानेंद्र व ससुराल वालों पर दहेज के लिए उत्पीड़न करना तथा मारपीट तथा जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था, जिसके विरुद्ध मुख्य आरोपी ज्ञानेंद्र उच्च न्यायालय की शरण में गया और एक माह में अदालत में हाजिर होकर अपनी जमानत कराने का आदेश प्राप्त किया, जिसकी आज समय सीमा समाप्त हो गई थी। इसलिए आरोपी ज्ञानेंद्र ने अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत संख्या-1 में हाजिर हुआ और अंतरिम जमानत याचिका दाखिल की, जिसका अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता जितेंद्र कुमार त्यागी व वादी के अधिवक्ता द्वारा विरोध किया गया। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलील व सबूतों के साथ उच्च न्यायालय के आदेश का अध्ययन कर आरोपी की अंतरिम जमानत याचिका खारिज करते हुए आरोपी ज्ञानेंद्र को जेल भेज दिया। जमानत पर सुनवाई के लिए अदालत ने 7 जून यानि आज की तारीख नीयत की है। वादी के अधिवक्ता सीताराम वर्मा ने बताया कि आरोपी ज्ञानेंद्र हरिद्वार में सहायक समीक्षा अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं।
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मुजफ्फरनगर। अदालत ने दहेज उत्पीड़न के एक आरोपी की अंतरिम जमानत याचिका खारिज करते हुए जेल भेज दिया है। जमानत पर सुनवाई के लिए 7 जून की तारीख निर्धारित की है। जेल भेजा गया आरोपी हरिद्वार जनपद का सहायक समीक्षा अधिकारी बताया गया है।
अधिवक्ता सीताराम वर्मा ने बताया कि थाना छपार पर बसेड़ा निवासी धर्मपाल पुत्र दयानंद ने 25 मार्च 2013 को मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसकी पुत्री सीमा की शादी ज्ञानेंद्र पुत्र नीलम सिंह निवासी कनखल, जिला हरिद्वार उत्तराखंड के साथ हुई थी। सीमा के पति ज्ञानेंद्र व ससुराल वालों पर दहेज के लिए उत्पीड़न करना तथा मारपीट तथा जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था, जिसके विरुद्ध मुख्य आरोपी ज्ञानेंद्र उच्च न्यायालय की शरण में गया और एक माह में अदालत में हाजिर होकर अपनी जमानत कराने का आदेश प्राप्त किया, जिसकी आज समय सीमा समाप्त हो गई थी। इसलिए आरोपी ज्ञानेंद्र ने अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत संख्या-1 में हाजिर हुआ और अंतरिम जमानत याचिका दाखिल की, जिसका अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता जितेंद्र कुमार त्यागी व वादी के अधिवक्ता द्वारा विरोध किया गया। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलील व सबूतों के साथ उच्च न्यायालय के आदेश का अध्ययन कर आरोपी की अंतरिम जमानत याचिका खारिज करते हुए आरोपी ज्ञानेंद्र को जेल भेज दिया। जमानत पर सुनवाई के लिए अदालत ने 7 जून यानि आज की तारीख नीयत की है। वादी के अधिवक्ता सीताराम वर्मा ने बताया कि आरोपी ज्ञानेंद्र हरिद्वार में सहायक समीक्षा अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं।
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