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सिलिंडर फैक्टरी में झुलसे दो और मजदूरों की मौत
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भोपा (मुजफ्फरनगर)। गांव मखियाली स्थित सिलिंडर फैक्टरी में दस दिन पूर्व लगी आग में झुलसे दो और मजदूरों की मेरठ के अस्पताल मेें उपचार के दौरान मौत हो गई। इसके अलावा दो अन्य मजदूरों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।
नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के गांव मखियाली स्थित मित्तल वेसल्स प्राइवेट लिमिटेड फैक्टरी में 15 मई को आग लगने से नौ मजदूर झुलस गए थे। जिनमें रामकुमार, भंवरसिंह पुत्र किरण सिंह, जगत सिंह व बबलू निवासीगण गांव सिकंदरपुर भोपा के साथ ही पप्पू, नीलू व अनिल निवासीगण गांव पचेंडा व दो अन्य शामिल थे। सभी मजदूरों को जिला अस्पताल से मेरठ के लिए रेफर कर दिया गया था, जहां उन्हें लोकप्रिय हास्पिटल में भर्ती कराया गया था। इनमें से चार मजदूरों को उपचार के बाद स्वास्थ्य में सुधार के बाद छुट्टी दे दी गई थी, जबकि पांच मजदूरों की हालत गंभीर बनी हुई थी। बुधवार सुबह हॉस्पिटल में भर्ती मजदूर भंवरसिंह पुत्र किरणसिंह निवासी सिकंदरपुर भोपा की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। वहीं, बृहस्पतिवार रात करीब 11 बजे गंभीर रूप से झुलसे रामकुमार उर्फ टीटू (36) और इसके बाद तड़के करीब तीन बजे गांव पचेंड़ा निवासी नीलू (23) पुत्र सुरेंद्र ने भी उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। हॉस्पिटल में भर्ती दो मजदूरों की मौत की सूचना मिलते ही उनके परिजनों में कोहराम मच गया। रामकुमार की मौत के बाद पत्नी रविता, बेटी शिवानी, बेटे कृष्णा व संदीप सहित पूरे परिवार का बुरा हाल है। वहीं, दो श्रमिकों की मौत के बाद उनके परिजनों व ग्रामीणों ने फैक्टरी मालिकान से इस संबंध में वार्ता की, जिसमें उन्होंने पीड़ित परिजनों को आर्थिक सहायता का आश्वासन दिया है। उधर, इंस्पेक्टर नई मंडी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि उनके पास किसी भी मजदूर की मौत की कोई जानकारी नहीं है और न ही पीड़ित परिजनों द्वारा शिकायत की गई है। मौके पर टीम भेजकर जांच कराई जाएगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के गांव मखियाली स्थित मित्तल वेसल्स प्राइवेट लिमिटेड फैक्टरी में 15 मई को आग लगने से नौ मजदूर झुलस गए थे। जिनमें रामकुमार, भंवरसिंह पुत्र किरण सिंह, जगत सिंह व बबलू निवासीगण गांव सिकंदरपुर भोपा के साथ ही पप्पू, नीलू व अनिल निवासीगण गांव पचेंडा व दो अन्य शामिल थे। सभी मजदूरों को जिला अस्पताल से मेरठ के लिए रेफर कर दिया गया था, जहां उन्हें लोकप्रिय हास्पिटल में भर्ती कराया गया था। इनमें से चार मजदूरों को उपचार के बाद स्वास्थ्य में सुधार के बाद छुट्टी दे दी गई थी, जबकि पांच मजदूरों की हालत गंभीर बनी हुई थी। बुधवार सुबह हॉस्पिटल में भर्ती मजदूर भंवरसिंह पुत्र किरणसिंह निवासी सिकंदरपुर भोपा की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। वहीं, बृहस्पतिवार रात करीब 11 बजे गंभीर रूप से झुलसे रामकुमार उर्फ टीटू (36) और इसके बाद तड़के करीब तीन बजे गांव पचेंड़ा निवासी नीलू (23) पुत्र सुरेंद्र ने भी उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। हॉस्पिटल में भर्ती दो मजदूरों की मौत की सूचना मिलते ही उनके परिजनों में कोहराम मच गया। रामकुमार की मौत के बाद पत्नी रविता, बेटी शिवानी, बेटे कृष्णा व संदीप सहित पूरे परिवार का बुरा हाल है। वहीं, दो श्रमिकों की मौत के बाद उनके परिजनों व ग्रामीणों ने फैक्टरी मालिकान से इस संबंध में वार्ता की, जिसमें उन्होंने पीड़ित परिजनों को आर्थिक सहायता का आश्वासन दिया है। उधर, इंस्पेक्टर नई मंडी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि उनके पास किसी भी मजदूर की मौत की कोई जानकारी नहीं है और न ही पीड़ित परिजनों द्वारा शिकायत की गई है। मौके पर टीम भेजकर जांच कराई जाएगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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