{"_id":"5ce83b15bdec22077e09c134","slug":"155872339919-khatauli-news54","type":"story","status":"publish","title_hn":"दीपक की मौत से परिजनों में मचा कोहराम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दीपक की मौत से परिजनों में मचा कोहराम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खतौली। गांव पलड़ी के रहने वाले लापता दीपक की मेरठ में मौत के बाद से परिजनों में कोहराम मचा है। परिजनों ने पोस्टमार्टम के बाद शव को गांव में लाकर गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया।
खतौली के गांव पलड़ी निवासी 40 वर्षीय दीपक पुत्र कंवरपाल पिछले करीब आठ साल से मेरठ के थाना कंकरखेड़ा क्षेत्र के गांव नंगला तासी में अपने बच्चों के साथ रह रहा था। 18 वर्ष पूर्व दीपक की शादी मेरठ के सरधना क्षेत्र के गांव ईकड़ी निवासी पूनम के साथ हुई थी। दीपक के चार बच्चे हैं। बड़ा पुत्र 14 वर्षीय जतिन, पुत्री 12 वर्षीय गुनगुन, 10 वर्षीय खुशी व 8 साल की पल्लवी है। परिजनों के मुताबिक दीपक मेरठ में हाईवे पर जूस बेचने का काम करता था। बृहस्पतिवार शाम से दीपक लापता था। शुक्रवार की सुबह गांव के पास नाले में दीपक का शव पड़ा मिला। दीपक की मौत की खबर सुनते ही गांव पलड़ी में रहने वाले पिता कंवरपाल, मां बीरमती, ताऊ बिक्रम सिंह, चाचा नेगीराम के परिवार के लोगों में कोहराम मच गया। परिवार के लोग एकत्र होकर शुक्रवार की सुबह मेरठ में पहुंचे। मेरठ से पोस्टमार्टम कराने के बाद परिवार के लोग शाम के समय शव को लेकर गांव में पहुंचे। गांव में परिजनों ने गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार कर दिया है।
विज्ञापन
खतौली के गांव पलड़ी निवासी 40 वर्षीय दीपक पुत्र कंवरपाल पिछले करीब आठ साल से मेरठ के थाना कंकरखेड़ा क्षेत्र के गांव नंगला तासी में अपने बच्चों के साथ रह रहा था। 18 वर्ष पूर्व दीपक की शादी मेरठ के सरधना क्षेत्र के गांव ईकड़ी निवासी पूनम के साथ हुई थी। दीपक के चार बच्चे हैं। बड़ा पुत्र 14 वर्षीय जतिन, पुत्री 12 वर्षीय गुनगुन, 10 वर्षीय खुशी व 8 साल की पल्लवी है। परिजनों के मुताबिक दीपक मेरठ में हाईवे पर जूस बेचने का काम करता था। बृहस्पतिवार शाम से दीपक लापता था। शुक्रवार की सुबह गांव के पास नाले में दीपक का शव पड़ा मिला। दीपक की मौत की खबर सुनते ही गांव पलड़ी में रहने वाले पिता कंवरपाल, मां बीरमती, ताऊ बिक्रम सिंह, चाचा नेगीराम के परिवार के लोगों में कोहराम मच गया। परिवार के लोग एकत्र होकर शुक्रवार की सुबह मेरठ में पहुंचे। मेरठ से पोस्टमार्टम कराने के बाद परिवार के लोग शाम के समय शव को लेकर गांव में पहुंचे। गांव में परिजनों ने गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार कर दिया है।
विज्ञापन