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सांसद बने नहीं, विधायकी पर भी संकट
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मुजफ्फरनगर। भाजपा को छोड़ कांग्रेस से सांसद बनने का मीरापुर विधायक अवतार सिंह भड़ाना का सपना पूरा नहीं हो सका। हरियाणा की फरीदाबाद लोकसभा सीट से चुनाव लड़े भड़ाना को केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल सिंह गुर्जर ने 6.39 लाख से ज्यादा मतों के अंतर से हरा दिया।
वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले एकाएक भड़ाना ने भाजपा का दामन थामा और मीरापुर से टिकट पा लिया। संगठन के अंतर विरोध के बावजूद वे सपा के लियाकत अली के सामने मात्र 193 वोट से जीत गए। योगी मंत्री मंडल में जगह नहीं मिलने की उन्हें कसक रही। वर्ष 1999 में मेरठ-मवाना लोकसभा सीट से वह कांग्रेस के सांसद रह चुके हैं। वर्ष 1991 में कांग्रेस से पहली बार फरीदाबाद से सांसद बने। वर्ष 2004 एवं 2009 में उन्हें इस सीट से सांसद का चुनाव जीतने का श्रेय मिला। पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा के कृष्णपाल गुर्जर से मिली शिकस्त के बाद उन्होंने वेस्ट यूपी का रुख किया। भाजपा में मीरापुर से विधायक बन गए, मगर पार्टी में मन मुताबिक तवज्जों नहीं मिली। संसदीय चुनाव से ठीक पहले भड़ाना ने भाजपा छोड़ दी और आखिरकार फरीदाबाद कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा। भाजपा प्रत्याशी एवं केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर के विरुद्ध भड़ाना को निराशा मिली। भड़ाना को केवल 274983 मत मिले, जबकि गुर्जर ने 913222 बंपर वोट हासिल कर उनका सपना तोड़ दिया। उनकी विधायकी बच पाएंगी या नहीं? यह बड़ा सवाल है। भड़ाना ने मीरापुर सीट से इस्तीफा भाजपा हाईकमान को सौंप दिया था। जिस पर निर्णय होना बाकी है।
सिसौना और जमालपुर में जश्न का माहौल
मुजफ्फरनगर। फरीदाबाद से केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल सिंह गुर्जर की जीत पर जिले के सिसौना और जमालपुर गांवों में जश्न का माहौल है। गुर्जर की ससुराल मीरापुर के गाव जमालपुर में है। किसान स्वर्गीय रघुवीर सिंह की बेटी निर्मला सिंह उनकी धर्मपत्नी है। सदर ब्लाक के गांव सिसौना में गुर्जर की बहन सरोज सिंह ब्याही है। रोहाना गन्ना विकास परिषद के चेयरमैन एवं उनके भांजे चेतन ललित सिंह रिंकू ने बताया कि जीत पर ग्रामीण खुश है।
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वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले एकाएक भड़ाना ने भाजपा का दामन थामा और मीरापुर से टिकट पा लिया। संगठन के अंतर विरोध के बावजूद वे सपा के लियाकत अली के सामने मात्र 193 वोट से जीत गए। योगी मंत्री मंडल में जगह नहीं मिलने की उन्हें कसक रही। वर्ष 1999 में मेरठ-मवाना लोकसभा सीट से वह कांग्रेस के सांसद रह चुके हैं। वर्ष 1991 में कांग्रेस से पहली बार फरीदाबाद से सांसद बने। वर्ष 2004 एवं 2009 में उन्हें इस सीट से सांसद का चुनाव जीतने का श्रेय मिला। पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा के कृष्णपाल गुर्जर से मिली शिकस्त के बाद उन्होंने वेस्ट यूपी का रुख किया। भाजपा में मीरापुर से विधायक बन गए, मगर पार्टी में मन मुताबिक तवज्जों नहीं मिली। संसदीय चुनाव से ठीक पहले भड़ाना ने भाजपा छोड़ दी और आखिरकार फरीदाबाद कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा। भाजपा प्रत्याशी एवं केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर के विरुद्ध भड़ाना को निराशा मिली। भड़ाना को केवल 274983 मत मिले, जबकि गुर्जर ने 913222 बंपर वोट हासिल कर उनका सपना तोड़ दिया। उनकी विधायकी बच पाएंगी या नहीं? यह बड़ा सवाल है। भड़ाना ने मीरापुर सीट से इस्तीफा भाजपा हाईकमान को सौंप दिया था। जिस पर निर्णय होना बाकी है।
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सिसौना और जमालपुर में जश्न का माहौल
मुजफ्फरनगर। फरीदाबाद से केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल सिंह गुर्जर की जीत पर जिले के सिसौना और जमालपुर गांवों में जश्न का माहौल है। गुर्जर की ससुराल मीरापुर के गाव जमालपुर में है। किसान स्वर्गीय रघुवीर सिंह की बेटी निर्मला सिंह उनकी धर्मपत्नी है। सदर ब्लाक के गांव सिसौना में गुर्जर की बहन सरोज सिंह ब्याही है। रोहाना गन्ना विकास परिषद के चेयरमैन एवं उनके भांजे चेतन ललित सिंह रिंकू ने बताया कि जीत पर ग्रामीण खुश है।
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