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पार्क की भूमि पर दुकानों का निर्माण नहीं करा सकेगी नगरपालिका
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पार्क की भूमि पर दुकानों का निर्माण नहीं करा सकेगी पालिका
देवबंद (सहारनपुर)। अब इंदिरा पार्क की भूमि पर नगरपालिका दुकानों का निर्माण नहीं कर पाएगी क्योंकि दुकानों के निर्माण के विरोध में डाली गई जनहित याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दुकान निर्माण न करने का आदेश जारी कर दिया है।
वाई जोन एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष समीन अशरफ ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। इसमें बताया था कि मोहल्ला खानकाह इंदिरा पार्क लोगों के सैर सपाटे के लिए बना है। आरोप था कि पालिकाध्यक्ष ने पार्क के एरिया को खत्म कर वहां दुकानों का निर्माण कराने की योजना बनाते हुए सभासदों को धोखे में रखकर बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पास करा दिया। समीन की जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद अप्रैल माह में हाईकोर्ट ने दुकानों का निर्माण न किए जाने पर रोक लगा दी थी। इसी मामले में गत 10 मई को उच्च न्यायालय ने अपना अंतिम आदेश जारी किया। जिसमें कहा गया कि जिस स्थान पर पार्क बना है, वहां की भूमि के स्वरूप को बदला नहीं जा सकता है। जनहित याचिका पर आए फैसले पर खुशी का इजहार करते हुए वाई जोन के अध्यक्ष समीन अशरफ ने कहा कि नगरपालिका निजी लाभ के लिए भूमि पर दुकानों का निर्माण कराना चाहती थी। मगर हाईकोर्ट ने आदेश जारी कर न केवल पार्क की भूमि को बचाया बल्कि उसका सौंदर्य और प्रकृति को भी सुरक्षित रखने का काम किया है।
नपा की भूमि पर ही दुकानों का निर्माण
कराने का प्रस्ताव किया था पारित
नगरपालिका की कुछ जगह इंदिरा पार्क के बाहर खाली पड़ी है। उसे दूसरे लोग इस्तेमाल कर रहे हैं। नगरपालिका की आय में कुछ बढ़ोतरी हो, इसी मकसद से वहां पर दुकानों का निर्माण कराए जाने संबंधी बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव पास किया गया था। मगर इसके विरोध में कुछ लोग हाईकोर्ट चले गए थे। -जियाउद्दीन अंसारी, पालिकाध्यक्ष
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देवबंद (सहारनपुर)। अब इंदिरा पार्क की भूमि पर नगरपालिका दुकानों का निर्माण नहीं कर पाएगी क्योंकि दुकानों के निर्माण के विरोध में डाली गई जनहित याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दुकान निर्माण न करने का आदेश जारी कर दिया है।
वाई जोन एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष समीन अशरफ ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। इसमें बताया था कि मोहल्ला खानकाह इंदिरा पार्क लोगों के सैर सपाटे के लिए बना है। आरोप था कि पालिकाध्यक्ष ने पार्क के एरिया को खत्म कर वहां दुकानों का निर्माण कराने की योजना बनाते हुए सभासदों को धोखे में रखकर बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पास करा दिया। समीन की जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद अप्रैल माह में हाईकोर्ट ने दुकानों का निर्माण न किए जाने पर रोक लगा दी थी। इसी मामले में गत 10 मई को उच्च न्यायालय ने अपना अंतिम आदेश जारी किया। जिसमें कहा गया कि जिस स्थान पर पार्क बना है, वहां की भूमि के स्वरूप को बदला नहीं जा सकता है। जनहित याचिका पर आए फैसले पर खुशी का इजहार करते हुए वाई जोन के अध्यक्ष समीन अशरफ ने कहा कि नगरपालिका निजी लाभ के लिए भूमि पर दुकानों का निर्माण कराना चाहती थी। मगर हाईकोर्ट ने आदेश जारी कर न केवल पार्क की भूमि को बचाया बल्कि उसका सौंदर्य और प्रकृति को भी सुरक्षित रखने का काम किया है।
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नपा की भूमि पर ही दुकानों का निर्माण
कराने का प्रस्ताव किया था पारित
नगरपालिका की कुछ जगह इंदिरा पार्क के बाहर खाली पड़ी है। उसे दूसरे लोग इस्तेमाल कर रहे हैं। नगरपालिका की आय में कुछ बढ़ोतरी हो, इसी मकसद से वहां पर दुकानों का निर्माण कराए जाने संबंधी बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव पास किया गया था। मगर इसके विरोध में कुछ लोग हाईकोर्ट चले गए थे। -जियाउद्दीन अंसारी, पालिकाध्यक्ष
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