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जैविक खेती के लिए 1534 किसानों का चयन
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मोरना क्षेत्र के गाव भुआपुर में किसानों के बीच बोलते डॉ. जेपी शर्मा।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
जैविक खेती के लिए 1534 किसानों का चयन
मोरना। गांव भुवापुर में नमामि गंगे परियोजना के तहत संचालित जैविक कृषि कार्यक्रम में बृहस्पतिवार को कृषकों को प्रशिक्षण दिया गया। मोरना क्षेत्र के गांवों में 62 समूहों का गठन कर 1534 किसानों का चयन जैविक खेती के लिए किया गया। केंद्र सरकार की ओर से 32 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर का अनुदान भी दिया जाएगा।
क्षेत्र के गांव भुवापुर में बृहस्पतिवार को आयोजित कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम में शील बायोटेक लिमिटेड के वरिष्ठ परियोजना निदेशक डॉ जेपी शर्मा ने बताया कि विश्व में जैविक उत्पादों की बड़ी मांग है। विकास खंड मोरना की ग्राम पंचायत भुवापुर, इलाहाबास, फिरोजपुर, मजलिसपुर तौफीर, शुक्रताल खादर, शुक्रतारी तथा जानसठ ब्लाक की ग्राम पंचायत जीवनपुरी, हंसावाला, रहड़वा और स्याली में कुल 62 समूहों का गठन किया गया है। इनमें 1,534 किसानों को शामिल कर उनकी 1266.6 हेक्टेयर खेती योग्य भूमि का चयन जैविक खेती के लिए किया गया है। जैविक पद्धति से खेती करने से मृदा का स्वास्थ्य भी अच्छा होता है और गुणवत्ता युक्त उत्पाद होते हैं, जिन्हें खाने से हमारे परिवार के पोषण स्तर में भी सुधार होता है। कृषि विज्ञान केंद्र चितौड़ा के डॉ. जेपी आर्य ने जैविक खेती में फसलों के पोषण, तत्व प्रबंधन एवं पौध सुरक्षा की जानकारी भी दी गई। इस मौके पर अंकित, वरुण, आयुष, अनिकेत, जितेंद्र, धीरज पाल सिंह, अमित, पूनम देवी, ग्राम प्रधान राणा प्रताप सिंह, मनोज, यशपाल सिंह, धनपाल सिंह, सुरेंद्र शर्मा, नरदेव सिंह, हरकली देवी, सुमित, अरुण, ओमपाल और मान सिंह आदि मौजूद रहे।
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मोरना। गांव भुवापुर में नमामि गंगे परियोजना के तहत संचालित जैविक कृषि कार्यक्रम में बृहस्पतिवार को कृषकों को प्रशिक्षण दिया गया। मोरना क्षेत्र के गांवों में 62 समूहों का गठन कर 1534 किसानों का चयन जैविक खेती के लिए किया गया। केंद्र सरकार की ओर से 32 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर का अनुदान भी दिया जाएगा।
क्षेत्र के गांव भुवापुर में बृहस्पतिवार को आयोजित कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम में शील बायोटेक लिमिटेड के वरिष्ठ परियोजना निदेशक डॉ जेपी शर्मा ने बताया कि विश्व में जैविक उत्पादों की बड़ी मांग है। विकास खंड मोरना की ग्राम पंचायत भुवापुर, इलाहाबास, फिरोजपुर, मजलिसपुर तौफीर, शुक्रताल खादर, शुक्रतारी तथा जानसठ ब्लाक की ग्राम पंचायत जीवनपुरी, हंसावाला, रहड़वा और स्याली में कुल 62 समूहों का गठन किया गया है। इनमें 1,534 किसानों को शामिल कर उनकी 1266.6 हेक्टेयर खेती योग्य भूमि का चयन जैविक खेती के लिए किया गया है। जैविक पद्धति से खेती करने से मृदा का स्वास्थ्य भी अच्छा होता है और गुणवत्ता युक्त उत्पाद होते हैं, जिन्हें खाने से हमारे परिवार के पोषण स्तर में भी सुधार होता है। कृषि विज्ञान केंद्र चितौड़ा के डॉ. जेपी आर्य ने जैविक खेती में फसलों के पोषण, तत्व प्रबंधन एवं पौध सुरक्षा की जानकारी भी दी गई। इस मौके पर अंकित, वरुण, आयुष, अनिकेत, जितेंद्र, धीरज पाल सिंह, अमित, पूनम देवी, ग्राम प्रधान राणा प्रताप सिंह, मनोज, यशपाल सिंह, धनपाल सिंह, सुरेंद्र शर्मा, नरदेव सिंह, हरकली देवी, सुमित, अरुण, ओमपाल और मान सिंह आदि मौजूद रहे।
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