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भर्ती परिणाम घोषित कराने की मांग
Updated Thu, 31 May 2018 12:48 AM IST
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भर्ती परिणाम घोषित कराने की मांग
मुजफ्फरनगर। वर्ष 2003 में उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग में सहायक प्रोफेसर के पदों पर भर्ती के परिणाम घोषित करने की मांग की। अदालत के आदेश के बाद भी सरकार ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है। बाबू जगजीवन राम सेवा समिति के सदस्यों ने मांग को लेकर कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया।
समिति के सदस्यों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम राजीव शर्मा को सौंपा। समिति के प्रदेशाध्यक्ष विरेंद्र कुमार ने कहा कि साल 2003 में उ.प्र. उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग इलाहाबाद के द्वारा ओबीसी, एससी और एसटी का बैक लॉग भर्ती विज्ञापन संख्या 37 निकाला गया था। इसमें 43 विषयों के 838 असिस्टेंट प्रोफेसर के पद शामिल थे। दिसंबर 2006 में साक्षात्कार हुए। 19 जनवरी 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रकरण में विज्ञापन को सही ठहराया था। विरेंद्र कुमार ने कहा कि हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद भी भर्ती का परिणाम जारी नहीं किया जाना अदालत की अवहेलना है। समिति ने ये परिणाम अविलंब जारी कराए जाने की मांग राष्ट्रपति से की है। ज्ञापन देने वालों में विरेंद्र कुमार, राजपाल सिंह, ऋषिपाल सिंह, डा. मुकेश कुमार, रामकुमार, सतपाल सिंह, भगवान दास आदि शामिल रहे।
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मुजफ्फरनगर। वर्ष 2003 में उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग में सहायक प्रोफेसर के पदों पर भर्ती के परिणाम घोषित करने की मांग की। अदालत के आदेश के बाद भी सरकार ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है। बाबू जगजीवन राम सेवा समिति के सदस्यों ने मांग को लेकर कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया।
समिति के सदस्यों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम राजीव शर्मा को सौंपा। समिति के प्रदेशाध्यक्ष विरेंद्र कुमार ने कहा कि साल 2003 में उ.प्र. उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग इलाहाबाद के द्वारा ओबीसी, एससी और एसटी का बैक लॉग भर्ती विज्ञापन संख्या 37 निकाला गया था। इसमें 43 विषयों के 838 असिस्टेंट प्रोफेसर के पद शामिल थे। दिसंबर 2006 में साक्षात्कार हुए। 19 जनवरी 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रकरण में विज्ञापन को सही ठहराया था। विरेंद्र कुमार ने कहा कि हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद भी भर्ती का परिणाम जारी नहीं किया जाना अदालत की अवहेलना है। समिति ने ये परिणाम अविलंब जारी कराए जाने की मांग राष्ट्रपति से की है। ज्ञापन देने वालों में विरेंद्र कुमार, राजपाल सिंह, ऋषिपाल सिंह, डा. मुकेश कुमार, रामकुमार, सतपाल सिंह, भगवान दास आदि शामिल रहे।
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