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निर्यात में मुजफ्फरनगर का देश में पांचवा स्थान
Updated Fri, 23 Mar 2018 12:28 AM IST
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निर्यात में मुजफ्फरनगर का देश में पांचवां स्थान
मुजफ्फरनगर। वैश्विक व्यापार को केंद्र सरकार बढ़ावा दे रही है। इसी के तहत निर्यात बंधु योजना प्रारंभ की गई है। दुनिया की डिमांड के आधार पर प्रोडक्ट तैयार करने वाले उद्यमियों को केंद्र सरकार मशीन आदि खरीदने के लिए अनुदान भी उपलब्ध करा रही है। इंजीनियरिंग के सामान के निर्यात में मुजफ्फरनगर का देश में पांचवां स्थान है।
नईमंडी में एक रेस्टोरेंट में पत्रकारों से वार्ता में ईईपीसी के असिस्टेंट डायरेक्टर जीपी मल्होत्रा ने कहा कि दुनियाभर में निर्यात के लिए काफी संभावनाएं है। उद्यमी को उसी वस्तु का उत्पादन करना चाहिए, जिसकी विदेशों में डिमांड है। उद्यमियों को उत्पादन के लिए अच्छी मशीनें आदि खरीदने के लिए केंद्र सरकार अनुदान भी उपलब्ध करा रही है। उद्यमियों में जागृति लाने के लिए निर्यात बंधु योजना की बैठकें हो रही हैं। एक्सपर्ट इन बैठकों में उद्यमियों को बताते हैं कि वह किस तरह एक्सपोर्ट की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इसी के साथ ही जीएसटी रिफंड में आने वाली परेशानियों के हल का रास्ता भी उद्यमियों को बताया जा रहा है। मुजफ्फरनगर का इंजीनियरिंग का सामान निर्यात करने में देश में पांचवां स्थान है। हमारा लक्ष्य इसमें बीस प्रतिशत बढ़ोतरी करना है। उन्होंने यह भी बताया कि जीएसटी लागू होने के बाद देश में निर्यात 18 प्रतिशत बढ़ा है। आईआईए के अध्यक्ष कुशपुरी ने बताया कि जिले से कुल निर्यात एक वर्ष में 2000 करोड़ के लगभग है। इसमें इंजीनियरिंग के सामान के साथ एग्री प्रोडक्ट, मीट का एक्सपोर्ट शामिल हैं। हमारे देश का इंजीनियरिंग का माल अफ्रीकी देशों और पड़ोसी देशों में जाता है। वार्ता में आशुतोष और राकेश खंडेलवाल मौजूद रहे।
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मुजफ्फरनगर। वैश्विक व्यापार को केंद्र सरकार बढ़ावा दे रही है। इसी के तहत निर्यात बंधु योजना प्रारंभ की गई है। दुनिया की डिमांड के आधार पर प्रोडक्ट तैयार करने वाले उद्यमियों को केंद्र सरकार मशीन आदि खरीदने के लिए अनुदान भी उपलब्ध करा रही है। इंजीनियरिंग के सामान के निर्यात में मुजफ्फरनगर का देश में पांचवां स्थान है।
नईमंडी में एक रेस्टोरेंट में पत्रकारों से वार्ता में ईईपीसी के असिस्टेंट डायरेक्टर जीपी मल्होत्रा ने कहा कि दुनियाभर में निर्यात के लिए काफी संभावनाएं है। उद्यमी को उसी वस्तु का उत्पादन करना चाहिए, जिसकी विदेशों में डिमांड है। उद्यमियों को उत्पादन के लिए अच्छी मशीनें आदि खरीदने के लिए केंद्र सरकार अनुदान भी उपलब्ध करा रही है। उद्यमियों में जागृति लाने के लिए निर्यात बंधु योजना की बैठकें हो रही हैं। एक्सपर्ट इन बैठकों में उद्यमियों को बताते हैं कि वह किस तरह एक्सपोर्ट की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इसी के साथ ही जीएसटी रिफंड में आने वाली परेशानियों के हल का रास्ता भी उद्यमियों को बताया जा रहा है। मुजफ्फरनगर का इंजीनियरिंग का सामान निर्यात करने में देश में पांचवां स्थान है। हमारा लक्ष्य इसमें बीस प्रतिशत बढ़ोतरी करना है। उन्होंने यह भी बताया कि जीएसटी लागू होने के बाद देश में निर्यात 18 प्रतिशत बढ़ा है। आईआईए के अध्यक्ष कुशपुरी ने बताया कि जिले से कुल निर्यात एक वर्ष में 2000 करोड़ के लगभग है। इसमें इंजीनियरिंग के सामान के साथ एग्री प्रोडक्ट, मीट का एक्सपोर्ट शामिल हैं। हमारे देश का इंजीनियरिंग का माल अफ्रीकी देशों और पड़ोसी देशों में जाता है। वार्ता में आशुतोष और राकेश खंडेलवाल मौजूद रहे।
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