{"_id":"5ab14dd64f1c1ba3238b6460","slug":"151521569238-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गंगा का जल स्तर बढ़ाने को साधु-संतों का धरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंगा का जल स्तर बढ़ाने को साधु-संतों का धरना
Updated Tue, 20 Mar 2018 11:52 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मोरना। शुक्रताल स्थित गंगा में जल की कमी, गंगा की सफाई और घाटों पर फैली गंदगी पर रोष प्रकट करते हुए साधु संतों ने गंगा घाट पर धरना देकर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी।
महाभारत कालीन तीर्थनगरी शुक्रताल में गंगा का जल स्तर बढ़ाने, गंगा की मुख्यधारा को शुक्रताल में लाने की मांग संत समाज वर्षों से करता आ रहा है। लेकिन परिणाम शून्य रहने पर साधु व संतों में नाराजगी बढ़ रही है। मंगलवार को नमामि गंगे के जिला कार्यकारिणी के सदस्य एवं धर्मजागरण संस्कृति जिला प्रमुख आचार्य अजय कृष्ण शास्त्री के नेतृत्व में साधु संतों व समाजसेवियों ने गंगाघाट पर धरना दिया। साधु संतों ने गंगा की सफाई, गंगा घाट पर फैली गंदगी पर भारी रोष प्रकट किया। कहा कि मां गंगा भारतीय संस्कृति की पहचान है। मां गंगा मोक्षदायिनी व जीवनदायिनी है। मानव ही नहीं अन्य असंख्य प्राणियों का जीवन गंगा से जुड़ा है। ऐसे में सरकार द्वारा मां गंगा की उपेक्षा खेदजनक है। सरकार ने अगर इस ओर ध्यान न दिया तो संत समाज अनिश्चितकालीन आंदोलन करेगा। मौके पर गंगा समिति शुक्रताल के महामंत्री डॉ. महकार सिंह, प्रमोद पुजारी, पंडित देवराज शर्मा, पंडित देवेंद्र शर्मा, महेश शर्मा, दीपक शर्मा, जितेंद्र सैनी आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
महाभारत कालीन तीर्थनगरी शुक्रताल में गंगा का जल स्तर बढ़ाने, गंगा की मुख्यधारा को शुक्रताल में लाने की मांग संत समाज वर्षों से करता आ रहा है। लेकिन परिणाम शून्य रहने पर साधु व संतों में नाराजगी बढ़ रही है। मंगलवार को नमामि गंगे के जिला कार्यकारिणी के सदस्य एवं धर्मजागरण संस्कृति जिला प्रमुख आचार्य अजय कृष्ण शास्त्री के नेतृत्व में साधु संतों व समाजसेवियों ने गंगाघाट पर धरना दिया। साधु संतों ने गंगा की सफाई, गंगा घाट पर फैली गंदगी पर भारी रोष प्रकट किया। कहा कि मां गंगा भारतीय संस्कृति की पहचान है। मां गंगा मोक्षदायिनी व जीवनदायिनी है। मानव ही नहीं अन्य असंख्य प्राणियों का जीवन गंगा से जुड़ा है। ऐसे में सरकार द्वारा मां गंगा की उपेक्षा खेदजनक है। सरकार ने अगर इस ओर ध्यान न दिया तो संत समाज अनिश्चितकालीन आंदोलन करेगा। मौके पर गंगा समिति शुक्रताल के महामंत्री डॉ. महकार सिंह, प्रमोद पुजारी, पंडित देवराज शर्मा, पंडित देवेंद्र शर्मा, महेश शर्मा, दीपक शर्मा, जितेंद्र सैनी आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन