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म्यांमार के खिलाफ जमीयत कार्यकर्ताओं में रोष
Updated Tue, 12 Sep 2017 12:52 AM IST
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म्यांमार के खिलाफ जमीयत कार्यकर्ताओं में रोष
बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर) । म्यांमार के रोहिंग्या मुस्लिम समाज पर हो रहे अत्याचार को लेकर जमीयत उलमा-ए-हिंद की शाखा के कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
कस्बे के जमीयत उलमा-ए-हिन्द के कार्यकर्ता सोमवार को तहसील मुख्यालय पहुंचे। बताया कि पड़ोसी मुल्क म्यांमार (बर्मा) में पिछले कई सालों से संयुक्त राष्ट्र संघ के नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन हो रहा है। 2012 से रोहिंग्या मुस्लिम समाज के लोगों का उत्पीड़न जारी है। कत्लेआम, बलात्कार जैसे जघन्य अपराध किये जा रहे हैं। म्यांमार के लाखों मुस्लिम नागरिक भारत व बांग्लादेश आदि देशों में पलायन करने को मजबूर हो गए हैं। राष्ट्रपति से वहां के मुस्लिम लोगों की सुरक्षा किए जाने की मांग की है। मौके पर हाफिज तहसीन राणा, आसिफ, इस्लाम, अजीजूद्दीन, रिजवान, नसीम, शहजाद, आबाद, कामिल, अहसान, जिन्दा हसन, लियाकत, हाफिज शमीम आदि मौजूद रहे।
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बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर) । म्यांमार के रोहिंग्या मुस्लिम समाज पर हो रहे अत्याचार को लेकर जमीयत उलमा-ए-हिंद की शाखा के कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
कस्बे के जमीयत उलमा-ए-हिन्द के कार्यकर्ता सोमवार को तहसील मुख्यालय पहुंचे। बताया कि पड़ोसी मुल्क म्यांमार (बर्मा) में पिछले कई सालों से संयुक्त राष्ट्र संघ के नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन हो रहा है। 2012 से रोहिंग्या मुस्लिम समाज के लोगों का उत्पीड़न जारी है। कत्लेआम, बलात्कार जैसे जघन्य अपराध किये जा रहे हैं। म्यांमार के लाखों मुस्लिम नागरिक भारत व बांग्लादेश आदि देशों में पलायन करने को मजबूर हो गए हैं। राष्ट्रपति से वहां के मुस्लिम लोगों की सुरक्षा किए जाने की मांग की है। मौके पर हाफिज तहसीन राणा, आसिफ, इस्लाम, अजीजूद्दीन, रिजवान, नसीम, शहजाद, आबाद, कामिल, अहसान, जिन्दा हसन, लियाकत, हाफिज शमीम आदि मौजूद रहे।
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