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दूसरे जिलों ने भी ठुकरा दिए डीजल-पेट्रोल वाहन

Mon, 26 Jun 2017 01:11 AM IST
Updated Mon, 26 Jun 2017 01:11 AM IST
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दूसरे जिलों ने भी ठुकरा दिए डीजल-पेट्रोल वाहन
एनजीटी नियम की जद में 41 हजार वाहन
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मुजफ्फरनगर। एनजीटी ने एनसीआर में बढ़ रहे प्रदूषण को कम करने के लिए 10 वर्ष पुराने डीजल वाहनों के संचालन पर रोक लगा दी है। साथ ही 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों के संचालन पर रोक लगाई है। जिले में भी करीब 41 हजार वाहन एनजीटी के नियम की जद में आए हैं।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वाहनों का दबाव बढ़ने पर वायु, ध्वनि प्रदूषण की मात्रा अधिक हो गई है। जहरीली हवा होने के कारण अनेक बीमारियां पनप रही है। इसको लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने एनसीआर में डीजल-पेट्रोल वाहनों के संचालन की सीमा तय कर दी। 10 साल पुराने डीजल, 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को एनसीआर में अनुमति नहीं मिलेगी। इन वाहनों को उन जिलों, क्षेत्रों के लिए एनओसी दी जाएगी, जहां प्रदूषण की मात्रा कम है या खतरा भी अधिक नहीं है। सहायक संभागीय परिवहन विभाग ने जांच पड़ताल की तो जिले में करीब 41 हजार वाहन एनजीटी के नियम की जद में आए हैं, जिनमें स्कूटर, बाइक, वैन, ट्रैक्टर, मिनी ट्रक समेत बस भी शामिल है, जिनके संचालन पर यहां रोक लगा दी गई। हालांकि इन वाहनों को प्रदेश के अन्य जिलों में चलाने के लिए विभाग से एनओसी दी गई। इसके फिटनेस, प्रदूषण समेत अन्य कार्रवाई को पूरी करने में एक वाहन स्वामी को दो से तीन हजार रुपये खर्च करने पड़े। यह अन्य जिलों में चले भी गए, लेकिन अब वहां भी इनके संचालन को पुलिस, प्रशासन ने हाथ खड़े कर दिए हैं। एआरटीओ कार्यालय में शिकायत आने से अफसरों के भी होश उड़ गए हैं। एआरटीओ प्रशासन राजीव कुमार बंसल ने बताया कि जिन जिलों में संचालन हो सकता है, उन्हीं के लिए एनओसी दी जाएगी। वाहन संचालन में अन्य कोई समस्याएं होगी, एनओसी या फिटनेस नहीं है। जो भी शिकायत आई हैं, उनकी जांच पड़ताल हो रही है।
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नए आदेश ने बढ़ाई टेंशन
मुजफ्फरनगर। एनजीटी ने पूर्व में दिल्ली, एनसीआर को छोड़कर अन्य जिलों में वाहन चलाने को कहा था। लेकिन, अब शासन द्वारा नया आदेश आए हैं। जिसके चलते प्रदेश के 33 जिलों में ही एनओसी दी जाएगी।
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यह हैं प्रदेश के 33 जिले
इटावा, संतकबीरनगर, अंबेडकरनगर, फर्रुखाबाद, कुशीनगर, जौनपुर, कन्नौज, बलिया, सुल्तानपुर, गाजीपुर, मैनपुरी, प्रतापगढ़, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, श्रावस्ती, औरेया, सोनभद्र, फतेहपुर, पीलीभीत, शाहजहांपुर, लखीमपुर, बदायुं, बलरामपुर, हरदोई, बहराइच, उरई, एटा, कांशीराम नगर, महोबा, ललितपुर, चित्रकूट, हमीरपुर और अमेठी जिले हैं। इन जिलों में एनओसी दी जा सकती है।
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