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कांग्रेस ने बड़े घरानों पर खेला दांव
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कांग्रेस ने बड़े घरानों पर खेला दाव
मुजफ्फरनगर। कांग्रेस ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बड़े घरानों के दिग्गज नेताओं पर दाव खेला है। काजी परिवार के इमरान मसूद को सहारनपुर से, पूर्व उप मुख्यमंत्री नारायण सिंह की बेटी इंदिरा भाटी को बिजनौर से, दिग्गज जाट नेता हरेंद्र मलिक को कैराना से मैदान में उतारा। पार्टी बागपत और मुजफ्फरनगर से चुनाव नहीं लड़ेगी। चुनाव वितरण में कांग्रेस ने मुस्लिम ठप्पे से बचने का भी प्रयास किया है।
कांग्रेस ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक बार फिर राजनीति के पुराने खिलाड़ियों को ही आजमाया है। राजनीतिक घरानों के दिग्गज नेताओं को मैदान में उतारकर चुनावी लड़ाई को रोचक बना दिया है। बिजनौर से पार्टी ने प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री और पश्चिम के बड़े गुर्जर नेता रहे नारायण सिंह की बेटी इंदिरा भाटी को मैदान में उतारा है। इंदिरा भाटी के भाई संजय चौहान भी बिजनौर से सांसद रह चुके हैं। सहारनपुर से पार्टी ने इमरान मसूद को मैदान में उतारा है। इमरान मसूद पूर्व केंद्रीय मंत्री काजी रशीद मसूद के भतीजे हैं। वह मुजफ्फराबाद से विधायक रह चुके हैं और 2104 के चुनाव में बहुत ही कम वोटों से चुनाव हार गए थे। कैराना से प्रत्याशी बनाए गए पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक जाट समाज के दिग्गज नेता हैं और लंबे समय तक विधायक रहे हैं। उनके बेटे पंकज मलिक भी दो बार विधायक रह चुके हैं। हरेंद्र मलिक दो बार अपनी गृह लोकसभा मुजफ्फरनगर से भी चुनाव लड़ चुके हैं। पार्टी ने इसी के साथ अलीगढ़ से भी पूर्व सांसद बिजेंद्र सिंह को मैदान में उतारा है। मेरठ और गौतमबुद्धनगर में जरूर ऐसे प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं जो राजनीति के बड़े खिलाड़ी नहीं रहे हैं।
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मुजफ्फरनगर। कांग्रेस ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बड़े घरानों के दिग्गज नेताओं पर दाव खेला है। काजी परिवार के इमरान मसूद को सहारनपुर से, पूर्व उप मुख्यमंत्री नारायण सिंह की बेटी इंदिरा भाटी को बिजनौर से, दिग्गज जाट नेता हरेंद्र मलिक को कैराना से मैदान में उतारा। पार्टी बागपत और मुजफ्फरनगर से चुनाव नहीं लड़ेगी। चुनाव वितरण में कांग्रेस ने मुस्लिम ठप्पे से बचने का भी प्रयास किया है।
कांग्रेस ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक बार फिर राजनीति के पुराने खिलाड़ियों को ही आजमाया है। राजनीतिक घरानों के दिग्गज नेताओं को मैदान में उतारकर चुनावी लड़ाई को रोचक बना दिया है। बिजनौर से पार्टी ने प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री और पश्चिम के बड़े गुर्जर नेता रहे नारायण सिंह की बेटी इंदिरा भाटी को मैदान में उतारा है। इंदिरा भाटी के भाई संजय चौहान भी बिजनौर से सांसद रह चुके हैं। सहारनपुर से पार्टी ने इमरान मसूद को मैदान में उतारा है। इमरान मसूद पूर्व केंद्रीय मंत्री काजी रशीद मसूद के भतीजे हैं। वह मुजफ्फराबाद से विधायक रह चुके हैं और 2104 के चुनाव में बहुत ही कम वोटों से चुनाव हार गए थे। कैराना से प्रत्याशी बनाए गए पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक जाट समाज के दिग्गज नेता हैं और लंबे समय तक विधायक रहे हैं। उनके बेटे पंकज मलिक भी दो बार विधायक रह चुके हैं। हरेंद्र मलिक दो बार अपनी गृह लोकसभा मुजफ्फरनगर से भी चुनाव लड़ चुके हैं। पार्टी ने इसी के साथ अलीगढ़ से भी पूर्व सांसद बिजेंद्र सिंह को मैदान में उतारा है। मेरठ और गौतमबुद्धनगर में जरूर ऐसे प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं जो राजनीति के बड़े खिलाड़ी नहीं रहे हैं।
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