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उतम शौच धर्म के पालन का लिया संकल्प
Updated Tue, 18 Sep 2018 12:30 AM IST
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उत्तम शौच धर्म के पालन का लिया संकल्प
खतौली। नगर के सभी नौ जैन मंदिरों में धर्म प्रेमियों ने जीवन में उत्तम शौच धर्म को अपनाने का संकल्प लिया। शौच का अर्थ शुचिता अर्थात हृदय की पवित्रता से है। हमें अपने हृदय को निर्मल बनाना है। इस आशय के साथ प्रभु भक्ति की गई। सोमवार को प्रात:काल में श्रीजी का अभिषेक व पूजन पूरे भक्ति भाव से श्रावकों ने किया।
इस पावन अवसर पर पीसनोपाड़ा जैन मंदिर में आयोजित धर्म सभा में क्षमा भूषण महाराज ने कहा कि आज दशलक्षण पर्व में उत्तम शौच का दिन है। हमें जीवन में लालच में त्याग करना है। लोभ का त्याग करके मनुष्य जीवन में अनेक बुराइयों से बच सकता है। हम अपनी पात्रता से अधिक प्राप्त करने के लिए गलत मार्ग का चयन करते हैं। यह कार्य धर्म विरुद्ध है। ईमानदारी से प्राप्त वस्तु जीवन में सम्मान की कारक है। भारतीय संस्कृति महावीर, राम और बुद्ध की संस्कृति है। उनके आदर्श अपनाकर ही हम जीवन में गौरव प्राप्त कर सकते हैं। भागीरथी मंदिर में अरुण नंगली के संचालन में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। जैन मंडी मंदिर में रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इस अवसर पर अरुण, संजय, विपिन, संजय दादरी, जयकुमार प्रवक्ता, कल्पेंद्र, आदीश प्रवक्ता, राकेश सभासद, पवन, सतेंद्र, हरिश्चंद्र, मुकेश, धनेश, बल्लू, अजय, संजय मुखिया, अनिल बजाज, पंकज, डॉ. आशा, डॉ. ज्योति, रजनी प्रवक्ता, संगीता, अन्नू, सरला, अर्चना, नीरज जैन प्रवक्ता आदि रहे।
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खतौली। नगर के सभी नौ जैन मंदिरों में धर्म प्रेमियों ने जीवन में उत्तम शौच धर्म को अपनाने का संकल्प लिया। शौच का अर्थ शुचिता अर्थात हृदय की पवित्रता से है। हमें अपने हृदय को निर्मल बनाना है। इस आशय के साथ प्रभु भक्ति की गई। सोमवार को प्रात:काल में श्रीजी का अभिषेक व पूजन पूरे भक्ति भाव से श्रावकों ने किया।
इस पावन अवसर पर पीसनोपाड़ा जैन मंदिर में आयोजित धर्म सभा में क्षमा भूषण महाराज ने कहा कि आज दशलक्षण पर्व में उत्तम शौच का दिन है। हमें जीवन में लालच में त्याग करना है। लोभ का त्याग करके मनुष्य जीवन में अनेक बुराइयों से बच सकता है। हम अपनी पात्रता से अधिक प्राप्त करने के लिए गलत मार्ग का चयन करते हैं। यह कार्य धर्म विरुद्ध है। ईमानदारी से प्राप्त वस्तु जीवन में सम्मान की कारक है। भारतीय संस्कृति महावीर, राम और बुद्ध की संस्कृति है। उनके आदर्श अपनाकर ही हम जीवन में गौरव प्राप्त कर सकते हैं। भागीरथी मंदिर में अरुण नंगली के संचालन में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। जैन मंडी मंदिर में रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इस अवसर पर अरुण, संजय, विपिन, संजय दादरी, जयकुमार प्रवक्ता, कल्पेंद्र, आदीश प्रवक्ता, राकेश सभासद, पवन, सतेंद्र, हरिश्चंद्र, मुकेश, धनेश, बल्लू, अजय, संजय मुखिया, अनिल बजाज, पंकज, डॉ. आशा, डॉ. ज्योति, रजनी प्रवक्ता, संगीता, अन्नू, सरला, अर्चना, नीरज जैन प्रवक्ता आदि रहे।
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