फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   देश में बहुत पहले बन जाना चाहिए था फांसी का कानून

देश में बहुत पहले बन जाना चाहिए था फांसी का कानून

Mon, 23 Apr 2018 12:48 AM IST
Updated Mon, 23 Apr 2018 12:48 AM IST
विज्ञापन
देश में बहुत पहले बन जाना चाहिए था फांसी का कानून
महिलाओं ने केंद्र सरकार के फैसले को सराहा
विज्ञापन

खतौली।
महिलाओं ने कहा कि बच्चियों से दुराचार के आरोपियों को फांसी की सजा का प्रावधान काफी पहले हो जाना चाहिए था। महिलाओं ने केंद्र सरकार द्वारा लाए गए अध्यादेश की तहेदिल से सराहना की है। महिलाओं ने उम्मीद जताई है कि इससे अपराध में कमी आएगी।
1-डॉ. ज्योति जैन का कहना है कि इस कानून के लागू होने से बच्चियों के साथ होने वाली रेप की वारदातों पर अंकुश जरूर लगेगा। नारी जाति दुख सहतीं हैं, लेकिन फिर भी किसी से कुछ नहीं कहती। अपने दुखों को अपने सीने में ही दफन कर लेतीं है। इसके बावजूद दरिंदें उनको अपमानित करें, ऐसे दरिंदों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाना चाहिए। उनको सिर्फ फांसी की ही सजा मिले। कैबिनेट ने मंजूरी देकर यह सराहनीय कदम उठाया है। इससे महिलाओं को सशक्तीकरण होने पर बल मिलेगा।
विज्ञापन

2-अलका ने कहा कि रेप की घटनाओं को अंजाम देकर नारी जाति को अपमानित किया जा रहा है। 12 वर्ष से कम उम्र की बच्ची से रेप के मामले में सिर्फ फांसी की ही सजा दी जानी चाहिए। दुष्कर्म पर फांसी की सजा का कानून बनाने के लिए केंद्रीय कैबिनेट का अच्छा कदम है।
विज्ञापन
विज्ञापन

3-इंदु का कहना है कि कठुआ और सूरत में बच्चियों के साथ हुई वारदातों ने देश को झकझोर कर रख दिया है। इस अपराध से बढ़कर कोई अपराध नहीं है। दरिंदगी इतनी की बच्चियों को भी नहीं बख्शा जा रहा है। फांसी देने का कानून बनाकर कैबिनेट ने प्रशंसनीय काम किया है।
4-संध्या नागर ने कहा कि आपराधिक कानून संशोधन अध्यादेश में बहुत पहले बदलाव हो जाना चाहिए था। नारी जाति को अपमानित करने वालों को सिर्फ फांसी की ही सजा मिलनी चाहिए। केंद्र सरकार का कदम काफी प्रशंसनीय है।

5-पिंकी ने कहा कि रेप के मामलों में दरिंदों को फांसी देने का कानून बनाने के लिए देश के सर्वसमाज की महिलाओं में बेहद खुशी की लहर है। इस कानून से महिलाओं को सशक्तीकरण होने पर बल मिला है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed