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बच्चों ने भी जलाया दशानन
Updated Sun, 01 Oct 2017 12:15 AM IST
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बच्चों ने भी जलाया दशानन
मुजफ्फरनगर। शिक्षण संस्थाओं में भी दशहरा पर्व धूमधाम से मनाया गया। बच्चों ने रामलीला का मंचन किया। राम-रावण युद्घ हुआ। दशानन के मारे जाने पर बच्चों ने भी बुराई के प्रतीक लंकेश के पुतले जलाए। भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन से प्रेरणा लेने का संकल्प लिया।
ज्ञान दीप पब्लिक स्कूल लालूखेड़ी में दशहरा पर्व उत्साह के साथ मनाया गया। विद्यालय के छात्र राम-लक्ष्मण, महर्षि वशिष्ठ, विभीषण और रावण आदि बने। रावण के साथ युद्ध और उसके वध के जीवंत दृष्य अभिनीत किया। बच्चों ने अपनी अभिनय क्षमता का परिचय दिया। श्रीराम ने रावण के पुतले को अग्नि-बाण से भेदन कर दहन किया। विद्यालय में रावण दहन की यह विशेषता रही कि यह पर्व प्रदूषण मुक्त मनाया गया। विद्यालय निदेशक पीके निर्वाल ने वर्तमान समय में माता-पिता के प्रति कर्त्तव्य तथा व्यक्तिगत और सामाजिक मर्यादा पर बल देतेे हुए बच्चों को रामायण की शिक्षाओं को अपने जीवन में आत्मसात करने को कहा। अर्जुन निर्वाल ने अपने कौशल से छात्र-छात्राओं का अभिनय जीवंत बना दिया। प्रधानाचार्य मेघराज सिंह ने बच्चों को श्रीराम के चरित्र को अपने जीवन में उतारने की शिक्षा दी।
जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल दशहरा पर्व मनाया गया। प्रधानाचार्या हरजिंदर कौर विजयदशमी पर्व के बारे में बच्चों को बताया। कहा कि राष्ट्रीय पर्व हों या धार्मिक पर्व, ये देश की एकता एवं संस्कृति को आगे बढ़ाने में सहायक होते हैं, इसलिए हमें आपसी भेदभाव मिटाकर मनाकर करना चाहिए। हमें अपने अंदर के रावण अर्थात मन की बुराइयों का वध करना होगा, तभी सही में हम विजय दशमी का पर्व मनाने में सफल होकर मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की तरह आज्ञाकारी एवं कर्त्तव्य पालक बन सकते हैं। अध्यापकों द्वारा अभिनीत कर रामलीला का सुंदर मंचन किया गया।
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नई मंडी एवं गांधी कॉलोनी स्थित लिटिल मिलेनियम स्कूल में भी दशहरा पर्व मनाया गया। बाल रामलीला का भव्य मंचन किया गया। बच्चों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने के लिए नाटकीकरण एक उत्तम साधन है, जिसमें सभी पूरे मन से भाग लेते हैं और दर्शक भी इसका खूब आनंद उठाते हैं। बच्चों को विभिन्न पात्र श्रीराम, लक्ष्मण, सीता, हनुमान, रावण, मेघनाद, कुंभकर्ण, जामवंत आदि दिए गए। बालराम लीला का मंचन करते हुए बालकों ने शानदार अभिनय किया। सेतु बंधन लीला के माध्यम से अध्यापकों ने बच्चों को बताया कि एकता में बहुत शक्ति होती है और सभी का सहयोग मिलता है। बाद में रावण के पुतले का दहन किया। भारती मोटवानी, प्रिया अरोरा, शीतल पाराशर, कनिका वाधवा, शिप्रा सिंघल, ऋचा गर्ग, दीक्षा अरोरा, आयुषी बत्रा, आइना नागपाल, मणि भाटिया, सुरभि भाटिया, अलका चौधरी,आयुषी भारद्वाज, कनिका अरोरा, पूजा जिंदल, प्रज्ञा आहूजा, शालू शर्मा आदि मौजूद रहे।
डांडिया में अंशुल-हिमांशु ग्रुप प्रथम
-फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में वाणी जीती
(फोटो समाचार)
मुजफ्फरनगर। रुड़की रोड स्थित विबग्योर स्कूल में भी दुर्गा अष्टमी और दशहरा पर्व मनाया गया। लघु नाटिका के माध्यम से श्रीराम के चरित्र पर प्रकाश डाला गया। बताया कि हमेशा सत्य की असत्य पर जीत होती है। फैँसी ड्रेस प्रतियोगिता भी कराई गई। कक्षा नौ के छात्र मानस्वी और अरीन ने काव्य पाठ किया। इस दौरान डांडिया नृत्य भी हुआ। अंशुल और हिमांशु ग्रुप प्रथम रहा। ड्रेस प्रतियोगिता में वाणी ने प्रथम स्थान पाया। सभी बच्चों को पुरस्कृत किया गया। आंचल, नेहा, अदिति, उजमा, नजमा, नितिन आदि का सहयोग रहा। संचालन आशीष, अरीन और ग्रेसी ने संयुक्त रूप से किया।
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मुजफ्फरनगर। शिक्षण संस्थाओं में भी दशहरा पर्व धूमधाम से मनाया गया। बच्चों ने रामलीला का मंचन किया। राम-रावण युद्घ हुआ। दशानन के मारे जाने पर बच्चों ने भी बुराई के प्रतीक लंकेश के पुतले जलाए। भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन से प्रेरणा लेने का संकल्प लिया।
ज्ञान दीप पब्लिक स्कूल लालूखेड़ी में दशहरा पर्व उत्साह के साथ मनाया गया। विद्यालय के छात्र राम-लक्ष्मण, महर्षि वशिष्ठ, विभीषण और रावण आदि बने। रावण के साथ युद्ध और उसके वध के जीवंत दृष्य अभिनीत किया। बच्चों ने अपनी अभिनय क्षमता का परिचय दिया। श्रीराम ने रावण के पुतले को अग्नि-बाण से भेदन कर दहन किया। विद्यालय में रावण दहन की यह विशेषता रही कि यह पर्व प्रदूषण मुक्त मनाया गया। विद्यालय निदेशक पीके निर्वाल ने वर्तमान समय में माता-पिता के प्रति कर्त्तव्य तथा व्यक्तिगत और सामाजिक मर्यादा पर बल देतेे हुए बच्चों को रामायण की शिक्षाओं को अपने जीवन में आत्मसात करने को कहा। अर्जुन निर्वाल ने अपने कौशल से छात्र-छात्राओं का अभिनय जीवंत बना दिया। प्रधानाचार्य मेघराज सिंह ने बच्चों को श्रीराम के चरित्र को अपने जीवन में उतारने की शिक्षा दी।
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जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल दशहरा पर्व मनाया गया। प्रधानाचार्या हरजिंदर कौर विजयदशमी पर्व के बारे में बच्चों को बताया। कहा कि राष्ट्रीय पर्व हों या धार्मिक पर्व, ये देश की एकता एवं संस्कृति को आगे बढ़ाने में सहायक होते हैं, इसलिए हमें आपसी भेदभाव मिटाकर मनाकर करना चाहिए। हमें अपने अंदर के रावण अर्थात मन की बुराइयों का वध करना होगा, तभी सही में हम विजय दशमी का पर्व मनाने में सफल होकर मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की तरह आज्ञाकारी एवं कर्त्तव्य पालक बन सकते हैं। अध्यापकों द्वारा अभिनीत कर रामलीला का सुंदर मंचन किया गया।
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नई मंडी एवं गांधी कॉलोनी स्थित लिटिल मिलेनियम स्कूल में भी दशहरा पर्व मनाया गया। बाल रामलीला का भव्य मंचन किया गया। बच्चों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने के लिए नाटकीकरण एक उत्तम साधन है, जिसमें सभी पूरे मन से भाग लेते हैं और दर्शक भी इसका खूब आनंद उठाते हैं। बच्चों को विभिन्न पात्र श्रीराम, लक्ष्मण, सीता, हनुमान, रावण, मेघनाद, कुंभकर्ण, जामवंत आदि दिए गए। बालराम लीला का मंचन करते हुए बालकों ने शानदार अभिनय किया। सेतु बंधन लीला के माध्यम से अध्यापकों ने बच्चों को बताया कि एकता में बहुत शक्ति होती है और सभी का सहयोग मिलता है। बाद में रावण के पुतले का दहन किया। भारती मोटवानी, प्रिया अरोरा, शीतल पाराशर, कनिका वाधवा, शिप्रा सिंघल, ऋचा गर्ग, दीक्षा अरोरा, आयुषी बत्रा, आइना नागपाल, मणि भाटिया, सुरभि भाटिया, अलका चौधरी,आयुषी भारद्वाज, कनिका अरोरा, पूजा जिंदल, प्रज्ञा आहूजा, शालू शर्मा आदि मौजूद रहे।
डांडिया में अंशुल-हिमांशु ग्रुप प्रथम
-फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में वाणी जीती
(फोटो समाचार)
मुजफ्फरनगर। रुड़की रोड स्थित विबग्योर स्कूल में भी दुर्गा अष्टमी और दशहरा पर्व मनाया गया। लघु नाटिका के माध्यम से श्रीराम के चरित्र पर प्रकाश डाला गया। बताया कि हमेशा सत्य की असत्य पर जीत होती है। फैँसी ड्रेस प्रतियोगिता भी कराई गई। कक्षा नौ के छात्र मानस्वी और अरीन ने काव्य पाठ किया। इस दौरान डांडिया नृत्य भी हुआ। अंशुल और हिमांशु ग्रुप प्रथम रहा। ड्रेस प्रतियोगिता में वाणी ने प्रथम स्थान पाया। सभी बच्चों को पुरस्कृत किया गया। आंचल, नेहा, अदिति, उजमा, नजमा, नितिन आदि का सहयोग रहा। संचालन आशीष, अरीन और ग्रेसी ने संयुक्त रूप से किया।