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कथक में जादू बिखेर रही प्रिया गर्ग
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मुजफ्फरनगर। कथक नृत्यांगना प्रिया गर्ग विदेशों में भारत की कला का लोहा मनवा रही है। उसकी उपलब्धि पर परिवार अभिभूत है। सबसे बड़ी बात यह है कि मध्यम परिवार की प्रिया के माता-पिता ने उसके सपने को साकार किया।
जैन डिग्री कॉलेज के लिपिक सुबोध गर्ग एवं नीलम रानी की बेटी प्रिया का सपना शुरू से ही कथक नृत्य में पारंगत होना था। बेटी के सपनों को साकार करने के लिए माता-पिता ने उसका नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कथक डांस नई दिल्ली में एडमिशन कराया। इसी के साथ उसने दिल्ली यूनिवर्सिटी के डीएवी कॉलेज से पीजी किया। कॉलेज स्तर की प्रतियोगिताओं में उसने कई अवार्ड जीते। बिट्स पिलानी में कथक नृत्य में प्रतिभाग करने पर प्रिया को नेशनल अवार्ड से सम्मानित किया गया। प्रिया ने दिल्ली के आंध्रा पब्लिक स्कूल में शिक्षिका के पद पर कार्य किया। दिल्ली दूरदर्शन पर किशोर कुमार की याद में आयोजित कार्यक्रम गाता रहे मेरा दिल में प्रस्तुति पर सम्मान मिला। प्रसिद्ध नृत्यांगना उमा शर्मा के नेतृत्व में उसने यूरोप के कई देशों में कथक की प्रस्तुति दी। अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार से प्रिया सम्मानित भी हुई। कथक नृत्य में अनुभव और योग्यता के आधार पर भारत के सांस्कृतिक मंत्रालय ने उसका चयन कथक डांस टीचर कम परफोर्मर के रूप में कर मालद्वीप भेजा। प्रिया विदेशों में कथक नृत्य सिखाकर भारत की कला और संस्कृति को फैलाने का काम कर रही है। प्रिया गर्ग के पिता सुबोध गर्ग का कहना है कि उन्होंने बेटी को उसकी इच्छा के अनुसार शिक्षा दी। बेटी ने उनके परिवार, जिले और देश का नाम रोशन किया है।
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जैन डिग्री कॉलेज के लिपिक सुबोध गर्ग एवं नीलम रानी की बेटी प्रिया का सपना शुरू से ही कथक नृत्य में पारंगत होना था। बेटी के सपनों को साकार करने के लिए माता-पिता ने उसका नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कथक डांस नई दिल्ली में एडमिशन कराया। इसी के साथ उसने दिल्ली यूनिवर्सिटी के डीएवी कॉलेज से पीजी किया। कॉलेज स्तर की प्रतियोगिताओं में उसने कई अवार्ड जीते। बिट्स पिलानी में कथक नृत्य में प्रतिभाग करने पर प्रिया को नेशनल अवार्ड से सम्मानित किया गया। प्रिया ने दिल्ली के आंध्रा पब्लिक स्कूल में शिक्षिका के पद पर कार्य किया। दिल्ली दूरदर्शन पर किशोर कुमार की याद में आयोजित कार्यक्रम गाता रहे मेरा दिल में प्रस्तुति पर सम्मान मिला। प्रसिद्ध नृत्यांगना उमा शर्मा के नेतृत्व में उसने यूरोप के कई देशों में कथक की प्रस्तुति दी। अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार से प्रिया सम्मानित भी हुई। कथक नृत्य में अनुभव और योग्यता के आधार पर भारत के सांस्कृतिक मंत्रालय ने उसका चयन कथक डांस टीचर कम परफोर्मर के रूप में कर मालद्वीप भेजा। प्रिया विदेशों में कथक नृत्य सिखाकर भारत की कला और संस्कृति को फैलाने का काम कर रही है। प्रिया गर्ग के पिता सुबोध गर्ग का कहना है कि उन्होंने बेटी को उसकी इच्छा के अनुसार शिक्षा दी। बेटी ने उनके परिवार, जिले और देश का नाम रोशन किया है।
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