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15 प्रतिशत अधिक गन्ने का ही होगा समायोजन
Updated Wed, 19 Sep 2018 01:04 AM IST
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15 प्रतिशत अधिक गन्ने का ही होगा समायोजन
मुजफ्फरनगर। गन्ने के आगामी सत्र 2018-19 में आपूर्ति पर्चियों पर निर्धारित वजन से 15 प्रतिशत अधिक गन्ना तुलने पर ही समायोजन होगा। गन्ना आयुक्त ने इसके लिए अलग से नीति तैयार कर दी है।
जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि जनपद की चीनी मिलों द्वारा पेराई सत्र 2017-18 में समिति द्वारा जारी आपूर्ति पर्चियों पर चीनी मिलों द्वारा तौल की गई गन्ने की मात्रा अधिक रही। समीक्षा करने पर पाया गया कि पर्चियों पर निर्धारित वजन के सापेक्ष लगभग 40 प्रतिशत अधिक तौल की गई, जिस कारण किसानों के आपूर्ति कैलेंडर में निर्धारित पर्चियों का निर्गमन प्रभावित हुआ है। किसानों को पर्चियों की प्राप्ति भी देर से हुई है। पर्चियों पर निर्धारित वजन से अधिक वजन दिए जाने से चीनी मिलों द्वारा नियत किया गए अधिकतम वजन अधिक है। अधिक तौल वजन का नियमित रूप से समायोजन भी नहीं होना एक प्रमुख कारण रहा है। आगामी पेराई सत्र 2018-19 के लिए गन्ना आयुक्त, उत्तर प्रदेश की ओर से जारी गन्ने की आपूर्ति एवं सट्टा नीति मे स्पष्ट प्राविधान किये गये है कि गन्ने की आपूर्ति पर्चियों पर निर्धारित वजन से 15 प्रतिशत से अधिक का प्रतिदिन ऑनलाइन समायोजन होगा। जनपद की सभी चीनी मिलों के प्रतिनिधियों, गन्ना समितियों के सचिव प्रभारी एवं ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षकों से विचार-विमर्श उपरांत पेराई सत्र 2018-19 के लिए विभिन्न प्रकार की आपूर्ति पर्चियों के लिए शुद्ध गन्ने का वजन और ग्रास वजन (हाड़ा) निर्धारित कर दिया गया है और निर्धारित हाड़ा के अंतर्गत ही अधिकतम वजन लिया जायेगा तथा निर्धारित वजन से अधिक तौल वजन (ओवरवेट) का प्रतिदिन ऑनलाइन समायोजन किया जाएगा।
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मुजफ्फरनगर। गन्ने के आगामी सत्र 2018-19 में आपूर्ति पर्चियों पर निर्धारित वजन से 15 प्रतिशत अधिक गन्ना तुलने पर ही समायोजन होगा। गन्ना आयुक्त ने इसके लिए अलग से नीति तैयार कर दी है।
जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि जनपद की चीनी मिलों द्वारा पेराई सत्र 2017-18 में समिति द्वारा जारी आपूर्ति पर्चियों पर चीनी मिलों द्वारा तौल की गई गन्ने की मात्रा अधिक रही। समीक्षा करने पर पाया गया कि पर्चियों पर निर्धारित वजन के सापेक्ष लगभग 40 प्रतिशत अधिक तौल की गई, जिस कारण किसानों के आपूर्ति कैलेंडर में निर्धारित पर्चियों का निर्गमन प्रभावित हुआ है। किसानों को पर्चियों की प्राप्ति भी देर से हुई है। पर्चियों पर निर्धारित वजन से अधिक वजन दिए जाने से चीनी मिलों द्वारा नियत किया गए अधिकतम वजन अधिक है। अधिक तौल वजन का नियमित रूप से समायोजन भी नहीं होना एक प्रमुख कारण रहा है। आगामी पेराई सत्र 2018-19 के लिए गन्ना आयुक्त, उत्तर प्रदेश की ओर से जारी गन्ने की आपूर्ति एवं सट्टा नीति मे स्पष्ट प्राविधान किये गये है कि गन्ने की आपूर्ति पर्चियों पर निर्धारित वजन से 15 प्रतिशत से अधिक का प्रतिदिन ऑनलाइन समायोजन होगा। जनपद की सभी चीनी मिलों के प्रतिनिधियों, गन्ना समितियों के सचिव प्रभारी एवं ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षकों से विचार-विमर्श उपरांत पेराई सत्र 2018-19 के लिए विभिन्न प्रकार की आपूर्ति पर्चियों के लिए शुद्ध गन्ने का वजन और ग्रास वजन (हाड़ा) निर्धारित कर दिया गया है और निर्धारित हाड़ा के अंतर्गत ही अधिकतम वजन लिया जायेगा तथा निर्धारित वजन से अधिक तौल वजन (ओवरवेट) का प्रतिदिन ऑनलाइन समायोजन किया जाएगा।
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