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सफाई कर्मियों का शोषण बर्दाश्त नहीं: दिलेर
Updated Sat, 15 Sep 2018 12:27 AM IST
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सफाई कर्मियों का शोषण बर्दाश्त नहीं: दिलेर
मुजफ्फरनगर। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग की सदस्या मंजू दिलेर ने कहा कि सफाई कर्मचारियों का किसी भी स्तर पर शोषण नहीं होना चाहिए। डीपीआरओ को निर्देश दिए कि अफसरों के यहां संबद्ध सभी सफाई कर्मचारियों को उनकी मूल ड्यूटी पर भेजा जाए। आउट सोर्सिंग से लेकर पर्मानेंट तक के समस्त कर्मचारियों का वेतन सीधे उनके खातों में जाना चाहिए। नकद वेतन अब के बाद नहीं दिया जाए। संविदा कर्मियों को नियमानुसार साप्ताहिक अवकाश और अन्य सुविधा दी जाएगी।
विकास भवन के सभागार में पत्रकारों से वार्ता में मंजू दिलेर ने कहा कि मेला ढोने वाले वाल्मीकि समाज के जो लोग चिह्नित होने के बगैर रह गए थे। उनके लिए 43 जिलों में 30 सितंबर तक का समय बढ़ा दिया गया है। जिले में जो भी पात्र है वे सीधे निकाय में ईओ और जिले में डीपीआरओ को अपने आवेदन दे। इसकी चयन प्रक्रिया का कोई शुल्क नहीं है। यदि कोई पैसा मांगता है तो उसकी सीधे शिकायत करें। उन्होंने कहा कि गांवों में तैनात सफाई कर्मचारियों में पचास प्रतिशत काम ही नहीं करते। कुछ अफसरों के यहां संबद्ध है। प्रदेश के पंचायती राज मंत्री सभी डीपीआरओ को पत्र लिखकर संबद्धता समाप्त करने के आदेश कर चुके है। अफसरों की बेगारी में लगे इन सफाई कर्मियों को इनके गांवों में ही तैनात किया जाए। जहां नियुक्त सफाई कर्मी दूसरे लोगों से काम करा रहे हैं। उनकी नौकरी समाप्त की जाए। यह डबल शोषण है। सरकार से पैसा लिया जा रहा है। और गरीब का हक मारा जा रहा है। दिलेर ने कहा कि मृतक आश्रित नौकरी के सभी मामले तत्काल निस्तारित होंगे। आउट सोर्सिंग और संविदा कर्मियों को पूरा वेतन नहीं दिया जाता। अब किसी भी प्रकार के सफाई कर्मी का पैसा नकद नहीं दिया जाएगा। सीधे खाते में भुगतान होगा। सरकार से दी जाने वाले सभी सुविधाएं भी उन्हें दी जाए। संविदा कर्मियों को साप्ताहिक अवकाश और अन्य सुविधा दी जाएगी। आवासहीन सफाई कर्मियों को आवास दिए जाएंगे और कैंप लगाकर आयुष्मान योजना का लाभ सभी को मिलेगा।
अफसरों को दिए निर्देश
विकास भवन में अधिकारियों की बैठक में मंजू दिलेर ने कहा कि सफाई कर्मचारी पहले से ही शोषण का शिकार है। इनका एक साल में दो बार स्वास्थ्य परीक्षण अवश्य कराएं। गंदगी के बीच रहने से इन्हें बीमारी लगने का खतरा अधिक रहता है। डीएम राजीव शर्मा, एसएसपी सुधीर सिंह, सभी ईओ से कहा कि सफाई कर्मियों की समस्याओं का तुरंत निदान होना चाहिए। किसी भी सफाई कर्मी का वेतन लटकना नहीं चाहिए। एसटीपी प्लांट में काम करने वाले 35 कर्मियों को छह माह से वेतन नहीं मिलने पर नाराजगी जताई। सफाई कर्मचारी संगठनों ने कई मांगों को लेकर राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग की सदस्या को ज्ञापन भी दिया।
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मुजफ्फरनगर। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग की सदस्या मंजू दिलेर ने कहा कि सफाई कर्मचारियों का किसी भी स्तर पर शोषण नहीं होना चाहिए। डीपीआरओ को निर्देश दिए कि अफसरों के यहां संबद्ध सभी सफाई कर्मचारियों को उनकी मूल ड्यूटी पर भेजा जाए। आउट सोर्सिंग से लेकर पर्मानेंट तक के समस्त कर्मचारियों का वेतन सीधे उनके खातों में जाना चाहिए। नकद वेतन अब के बाद नहीं दिया जाए। संविदा कर्मियों को नियमानुसार साप्ताहिक अवकाश और अन्य सुविधा दी जाएगी।
विकास भवन के सभागार में पत्रकारों से वार्ता में मंजू दिलेर ने कहा कि मेला ढोने वाले वाल्मीकि समाज के जो लोग चिह्नित होने के बगैर रह गए थे। उनके लिए 43 जिलों में 30 सितंबर तक का समय बढ़ा दिया गया है। जिले में जो भी पात्र है वे सीधे निकाय में ईओ और जिले में डीपीआरओ को अपने आवेदन दे। इसकी चयन प्रक्रिया का कोई शुल्क नहीं है। यदि कोई पैसा मांगता है तो उसकी सीधे शिकायत करें। उन्होंने कहा कि गांवों में तैनात सफाई कर्मचारियों में पचास प्रतिशत काम ही नहीं करते। कुछ अफसरों के यहां संबद्ध है। प्रदेश के पंचायती राज मंत्री सभी डीपीआरओ को पत्र लिखकर संबद्धता समाप्त करने के आदेश कर चुके है। अफसरों की बेगारी में लगे इन सफाई कर्मियों को इनके गांवों में ही तैनात किया जाए। जहां नियुक्त सफाई कर्मी दूसरे लोगों से काम करा रहे हैं। उनकी नौकरी समाप्त की जाए। यह डबल शोषण है। सरकार से पैसा लिया जा रहा है। और गरीब का हक मारा जा रहा है। दिलेर ने कहा कि मृतक आश्रित नौकरी के सभी मामले तत्काल निस्तारित होंगे। आउट सोर्सिंग और संविदा कर्मियों को पूरा वेतन नहीं दिया जाता। अब किसी भी प्रकार के सफाई कर्मी का पैसा नकद नहीं दिया जाएगा। सीधे खाते में भुगतान होगा। सरकार से दी जाने वाले सभी सुविधाएं भी उन्हें दी जाए। संविदा कर्मियों को साप्ताहिक अवकाश और अन्य सुविधा दी जाएगी। आवासहीन सफाई कर्मियों को आवास दिए जाएंगे और कैंप लगाकर आयुष्मान योजना का लाभ सभी को मिलेगा।
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अफसरों को दिए निर्देश
विकास भवन में अधिकारियों की बैठक में मंजू दिलेर ने कहा कि सफाई कर्मचारी पहले से ही शोषण का शिकार है। इनका एक साल में दो बार स्वास्थ्य परीक्षण अवश्य कराएं। गंदगी के बीच रहने से इन्हें बीमारी लगने का खतरा अधिक रहता है। डीएम राजीव शर्मा, एसएसपी सुधीर सिंह, सभी ईओ से कहा कि सफाई कर्मियों की समस्याओं का तुरंत निदान होना चाहिए। किसी भी सफाई कर्मी का वेतन लटकना नहीं चाहिए। एसटीपी प्लांट में काम करने वाले 35 कर्मियों को छह माह से वेतन नहीं मिलने पर नाराजगी जताई। सफाई कर्मचारी संगठनों ने कई मांगों को लेकर राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग की सदस्या को ज्ञापन भी दिया।
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