{"_id":"5ad645d64f1c1b9b098b50d7","slug":"131523992022-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"परशुराम सेना ने की आरक्षण समाप्ति की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
परशुराम सेना ने की आरक्षण समाप्ति की मांग
Updated Wed, 18 Apr 2018 12:37 AM IST
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर।
परशुराम सेना एवं सर्व ब्राह्मण महासभा ने देश में मौजूद आरक्षण व्यवस्था को पूर्णत: समाप्त करने की मांग की। मंगलवार को महासभा के जिलाध्यक्ष पंडित कमल कांत शर्मा के नेतृत्व में डीएम कार्यालय पर आरक्षण व्यवस्था के विरोध में प्रदर्शन के उपरांत राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन प्रेषित किया गया। परशुराम सेना ने कहा कि समाज के शोषित एवं दबे कुचले वर्गों के उत्थान के लिए संविधान में केवल दस वर्षों के लिए उनको जातिगत आरक्षण देने की व्यवस्था की गई थी, लेकिन इसे देश में राजनीतिक कारणों से लगातार बिना समीक्षा किए बढ़ाया जा रहा है। गरीबी जाति देखकर नहीं आती, इस आरक्षण का आधार जातिगत होने के कारण सामान्य वर्ग के निर्धन युवा बेरोजगार हो रहे हैं।
विज्ञापन
परशुराम सेना एवं सर्व ब्राह्मण महासभा ने देश में मौजूद आरक्षण व्यवस्था को पूर्णत: समाप्त करने की मांग की। मंगलवार को महासभा के जिलाध्यक्ष पंडित कमल कांत शर्मा के नेतृत्व में डीएम कार्यालय पर आरक्षण व्यवस्था के विरोध में प्रदर्शन के उपरांत राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन प्रेषित किया गया। परशुराम सेना ने कहा कि समाज के शोषित एवं दबे कुचले वर्गों के उत्थान के लिए संविधान में केवल दस वर्षों के लिए उनको जातिगत आरक्षण देने की व्यवस्था की गई थी, लेकिन इसे देश में राजनीतिक कारणों से लगातार बिना समीक्षा किए बढ़ाया जा रहा है। गरीबी जाति देखकर नहीं आती, इस आरक्षण का आधार जातिगत होने के कारण सामान्य वर्ग के निर्धन युवा बेरोजगार हो रहे हैं।