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उर्दू-हिंदी में भी सोचकर लिखे सवालों के जवाब
Updated Thu, 15 Mar 2018 12:08 AM IST
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मुजफ्फरनगर। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षा के दूसरे दिन यूजी और पीजी वर्ग में थ्योरीकल पेपर हुए। जिसमें छात्रों ने उर्दू, हिंदी जैसे पेपरों में भी सोचकर सवालों के जवाब लिखे हैं। प्रथम वर्ष की परीक्षा देने वाले परीक्षार्थियों ने कॉपियों में कोड अंकित करते समय गलतियां कीं, जिन्हें सही कराने में कक्ष निरीक्षकों को खूब माथापच्ची करनी पड़ी।
विवि की परीक्षाएं तीन पालियों में कराई जा रही है। पहली पॉली सुबह, दूसरी दोपहर और तीसरी पाली शाम 3 बजे से आयोजित की गई। बुधवार को यूजी और पीजी वर्ग में कई अहम पेपर रहे। अंडर ग्रेजुऐट (यूजी) वर्ग में बीए, बीएससी, बीकॉम, बीएससी स्पोर्ट्र्स, पीई, एचई आदि की परीक्षाएं कराई गईं, जबकि पोस्ट ग्रेजुएट वर्ग में एमकॉम, एमए, एलएलएम आदि कोर्स की परीक्षा रही। जिले में परीक्षा के लिए 24 सेंटर बने हैं। जिन पर करीब 50 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। एमए हिंदी, उर्दू जैसे पेपर में भी परीक्षार्थियों ने खूब सोचकर सवालों के जवाब लिखे हैं। कक्ष निरीक्षकों को प्रथम वर्ष का पेपर देने वाले परीक्षार्थियों के कारण सिरदर्द झेलना पड़ा। इन परीक्षार्थियों ने उत्तर पुस्तिकाओं पर कोड सही रूप से अंकित नहीं किए। जिसे पूरा कराने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। जनपद में चार नोडल केंद्र बनाए गए हैं। जिनमें डीएवी पीजी कॉलेज, एसडी डिग्री कॉलेज, सीसीआरडी डिग्री कॉलेज और खतौली के कुंद-कुंद जैन पीजी कॉलेज को बनाया गया है। डीएवी नोडल केंद्र के प्रभारी डॉ पीके मित्तल ने बताया कि परीक्षा सकुशल संपन्न हुई है। परीक्षा में कोई नकलची नहीं पकड़ा गया है।
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विवि की परीक्षाएं तीन पालियों में कराई जा रही है। पहली पॉली सुबह, दूसरी दोपहर और तीसरी पाली शाम 3 बजे से आयोजित की गई। बुधवार को यूजी और पीजी वर्ग में कई अहम पेपर रहे। अंडर ग्रेजुऐट (यूजी) वर्ग में बीए, बीएससी, बीकॉम, बीएससी स्पोर्ट्र्स, पीई, एचई आदि की परीक्षाएं कराई गईं, जबकि पोस्ट ग्रेजुएट वर्ग में एमकॉम, एमए, एलएलएम आदि कोर्स की परीक्षा रही। जिले में परीक्षा के लिए 24 सेंटर बने हैं। जिन पर करीब 50 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। एमए हिंदी, उर्दू जैसे पेपर में भी परीक्षार्थियों ने खूब सोचकर सवालों के जवाब लिखे हैं। कक्ष निरीक्षकों को प्रथम वर्ष का पेपर देने वाले परीक्षार्थियों के कारण सिरदर्द झेलना पड़ा। इन परीक्षार्थियों ने उत्तर पुस्तिकाओं पर कोड सही रूप से अंकित नहीं किए। जिसे पूरा कराने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। जनपद में चार नोडल केंद्र बनाए गए हैं। जिनमें डीएवी पीजी कॉलेज, एसडी डिग्री कॉलेज, सीसीआरडी डिग्री कॉलेज और खतौली के कुंद-कुंद जैन पीजी कॉलेज को बनाया गया है। डीएवी नोडल केंद्र के प्रभारी डॉ पीके मित्तल ने बताया कि परीक्षा सकुशल संपन्न हुई है। परीक्षा में कोई नकलची नहीं पकड़ा गया है।
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