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अनियमितताओं की जांच को पहुंची टीम
Updated Sun, 24 Sep 2017 12:39 AM IST
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विकास कार्यों में धांधली की जांच
चरथावल(मुजफ्फरनगर)। नगर पंचायत में विकास कार्यों में धांधली की जांच को तहसीलदार न्यायिक कमलेश कुमार और लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता जयवीर सिंह ने 12 सूत्रीय बिंदुओं पर जांच-पड़ताल की। उन्होंने मानक के विपरीत कराए गए निर्माण कार्यों की शिकायत पर मौके पर जाकर निरीक्षण किया। तीन महीने बाद जांच-पड़ताल करना कस्बे में चर्चा का विषय बना रहा।
करीब तीन महीने पूर्व नगर पंचायत में विरोधी खेमे ने करीब एक हफ्ते भर तक धरना देकर 12 बिंदुओं पर जांच कराने के लिए मंडलायुक्त और मुख्यमंत्री के यहां शिकायत की थी। धीमी गति से चल रही जांच में डीएम ने मामले की जांच के लिए टीम गठित की थी। शनिवार को बारिश में जिला मुख्यालय से तहसीलदार और एई नगर पंचायत के लिपिक को लेकर कस्बे में पहुंचे। उन्होंने शिकायतकर्ता पूर्व सभासद गौरव त्यागी और विजेंद्र कुमार के बयान लिए और उनसे शिकायत के बिंदुओं पर पड़ताल की। उन्होंने कस्बे की कई सड़कों का मौके पर जाकर निरीक्षण किया और सड़क उखड़वा कर विभागीय मानक का मुआयना किया। अधिकारियों ने घंटों तक कार्यालय में बैठकर अभिलेखों को मुआयना किया। शिकायत के बिंदुओं में अच्छी खासी बिल्डिंग़ को तोड़कर करोड़ों की लागत से बनाए जा रहे कान्हा पशु आश्रय योजना, चार हरे पेड़ों को बिना अनुमति के काटने और मानकों के विपरीत सड़कों का निर्माण किया जाना प्रमुख था।
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चरथावल(मुजफ्फरनगर)। नगर पंचायत में विकास कार्यों में धांधली की जांच को तहसीलदार न्यायिक कमलेश कुमार और लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता जयवीर सिंह ने 12 सूत्रीय बिंदुओं पर जांच-पड़ताल की। उन्होंने मानक के विपरीत कराए गए निर्माण कार्यों की शिकायत पर मौके पर जाकर निरीक्षण किया। तीन महीने बाद जांच-पड़ताल करना कस्बे में चर्चा का विषय बना रहा।
करीब तीन महीने पूर्व नगर पंचायत में विरोधी खेमे ने करीब एक हफ्ते भर तक धरना देकर 12 बिंदुओं पर जांच कराने के लिए मंडलायुक्त और मुख्यमंत्री के यहां शिकायत की थी। धीमी गति से चल रही जांच में डीएम ने मामले की जांच के लिए टीम गठित की थी। शनिवार को बारिश में जिला मुख्यालय से तहसीलदार और एई नगर पंचायत के लिपिक को लेकर कस्बे में पहुंचे। उन्होंने शिकायतकर्ता पूर्व सभासद गौरव त्यागी और विजेंद्र कुमार के बयान लिए और उनसे शिकायत के बिंदुओं पर पड़ताल की। उन्होंने कस्बे की कई सड़कों का मौके पर जाकर निरीक्षण किया और सड़क उखड़वा कर विभागीय मानक का मुआयना किया। अधिकारियों ने घंटों तक कार्यालय में बैठकर अभिलेखों को मुआयना किया। शिकायत के बिंदुओं में अच्छी खासी बिल्डिंग़ को तोड़कर करोड़ों की लागत से बनाए जा रहे कान्हा पशु आश्रय योजना, चार हरे पेड़ों को बिना अनुमति के काटने और मानकों के विपरीत सड़कों का निर्माण किया जाना प्रमुख था।
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