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ट्रेन यात्रियों के लिए देवदूत बने कसबावासी
Updated Sun, 20 Aug 2017 02:15 AM IST
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ट्रेन यात्रियों के लिए देवदूत बने
खतौली (मुजफ्फरनगर)। कलिंग उत्कल ट्रेन हादसे में घायल यात्रियों के लिए यहां के स्थानीय लोग देवदूत बन कर मौके पर पहुंचेे। नागरिकों ने ट्रेन में फंसे घायल यात्रियों को सुरक्षित निकाला। ट्रेन यात्रियों की मदद के लिए पूरा कस्बा घटनास्थल पर पहुंच गया था।
तीर्थ यात्रा पर हरिद्वार जा रहे उत्कल ट्रेन के यात्रियों के लिए शनिवार का दिन काला शनिवार साबित हुआ। शनिवार शाम जैसे ही ट्रेन खतौली में पहुंची, तो तभी ट्रेन हादसा हो गया। ट्रेन हादसे की खबर पाकर पुलिस प्रशासन के अधिकारियों के मौके पर पहुंचने से पहले ही जनसमूह ट्रेन यात्रियों की मदद के लिए उमड़ पड़ा। हर कोई ट्रेन यात्रियों की मदद में जुट गया। हादसे के बाद यात्रियों की चीख पुकार मची थी। पटरी से उतरी 11 बोगियों में फंसे यात्री मदद के लिए पुकार रहे थे। ट्रेन के कोच एस-2, एस-6, एस-7 बुरी तरह से क्षतिग्रस्त होने के कारण उनमें यात्री फंसे थे। एस-2 कोच ट्रेन के रसोइयान के ऊपर चढ़ कर जगत सिंह के मकान में घुसा था। देर रात करीब नौ बजे कटर से बोगी को काट कर घायलों को बाहर निकाला गया। आरएसएस से लेकर स्काउट और एनसीसी के कैडेट भी अपनी वर्दी में पहुंच कर बचाव में जुटे रहे।
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खतौली (मुजफ्फरनगर)। कलिंग उत्कल ट्रेन हादसे में घायल यात्रियों के लिए यहां के स्थानीय लोग देवदूत बन कर मौके पर पहुंचेे। नागरिकों ने ट्रेन में फंसे घायल यात्रियों को सुरक्षित निकाला। ट्रेन यात्रियों की मदद के लिए पूरा कस्बा घटनास्थल पर पहुंच गया था।
तीर्थ यात्रा पर हरिद्वार जा रहे उत्कल ट्रेन के यात्रियों के लिए शनिवार का दिन काला शनिवार साबित हुआ। शनिवार शाम जैसे ही ट्रेन खतौली में पहुंची, तो तभी ट्रेन हादसा हो गया। ट्रेन हादसे की खबर पाकर पुलिस प्रशासन के अधिकारियों के मौके पर पहुंचने से पहले ही जनसमूह ट्रेन यात्रियों की मदद के लिए उमड़ पड़ा। हर कोई ट्रेन यात्रियों की मदद में जुट गया। हादसे के बाद यात्रियों की चीख पुकार मची थी। पटरी से उतरी 11 बोगियों में फंसे यात्री मदद के लिए पुकार रहे थे। ट्रेन के कोच एस-2, एस-6, एस-7 बुरी तरह से क्षतिग्रस्त होने के कारण उनमें यात्री फंसे थे। एस-2 कोच ट्रेन के रसोइयान के ऊपर चढ़ कर जगत सिंह के मकान में घुसा था। देर रात करीब नौ बजे कटर से बोगी को काट कर घायलों को बाहर निकाला गया। आरएसएस से लेकर स्काउट और एनसीसी के कैडेट भी अपनी वर्दी में पहुंच कर बचाव में जुटे रहे।
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