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हड़ताल से बैंकों में 1200 करोड़ का व्यापार प्रभावित
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स्टेट बैंक के मुख्यद्वार पर हड़ताल के चलते लगाया गया ताला।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
हड़ताल से बैंकों में 1200 करोड़ का कारोबार प्रभावित
मुजफ्फरनगर। यूनाईटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर बैंकों के निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों ने दूसरे दिन भी हड़ताल रख प्रदर्शन किया। जिले में दो दिन की हड़ताल से बैंकों का लगभग 1200 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है। चार दिन से बैंक बंद होने के कारण शहर के अधिकांश एटीएम खाली हो चुके हैं। नागरिक नगदी के लिए दिन भर भटकते रहे।
बैंक कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने हड़ताल के दूसरे दिन मंगलवार को रेलवे रोड स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा पर एकत्र होकर सरकार के निर्णय के विरोध में धरना प्रदर्शन किया। यहां आयोजित सभा में बैंक कर्मियों को संबोधित करते हुए यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के अध्यक्ष आरपी शर्मा ने कहा कि बैंककर्मी जनहित में बैंकों का निजीकरण नहीं होने देंगे। सरकार ने निर्णय वापस नहीं लिया तो हम अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने से पीछे नहीं हटेंगे। सरकार पब्लिक सेक्टर के बैंकों को प्राइवेट धन्नासेठों को बेचना चाहती है। ये सब बैंक मुनाफे में हैं। इससे जॉब सिक्योरिटी, सोशल बैंकिंग पर कुठाराघात होगा। आम पब्लिक को प्राइवेट बैंकों से मिल रही अनेकों सुविधाएं बंद हो जाएगी। अशोक शर्मा, गौरव किशोर, योगेश गुप्ता ने कहा कि पब्लिक भी निजीकरण के विरोध में है, क्योंकि प्राइवेट बैंकों में दस हजार रुपये से कम तो खाता ही नहीं खुलता, जबकि राष्ट्रीयकृत बैंकों में जीरो बैलेंस से खाते खुलते हैं। यदि मांगें पूरी नहीं हुई तो बेमियादी हड़ताल की जाएगी। सरकार के निर्णय के खिलाफ पूरे देश के बैंककर्मी एकजुट हैं। धरने को राजीव जैन, प्रदीप मलिक, तेजराज गुप्ता, मुकेश भार्गव, बीके सूर्यवंशी, निहारिका, रविंद्र सिंह, डीके बंसल, आशीष भटनागर, संजीव जैन, राजेश कुमार, अनुज गुप्ता, कांती राठी, प्रभात कुमार, फतेह सिंह, अनिल गर्ग, सचिन चौधरी आदि ने संबोधित किया। उधर, बैंक कर्मियों की हड़ताल से जिले में दो दिन में 1200 करोड़ से अधिक का कारोबार प्रभावित हुआ है। जिले के एलडीएम राजेश चौधरी ने बताया कि जिले में बैंकों की 300 शाखाएं है। प्रत्येक शाखा में एक दिन का लगभग दो करोड़ का व्यापार होता है। दो दिनों में करीब 1200 करोड़ से अधिक का व्यापार प्रभावित हुआ है। दूसरी ओर, चार दिनों से सरकारी बैंक बंद है, ऐसे में उनके एटीएम भी बंद है। एटीएम से रुपये नहीं मिलने के कारण लोग परेशान रहे।
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मुजफ्फरनगर। यूनाईटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर बैंकों के निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों ने दूसरे दिन भी हड़ताल रख प्रदर्शन किया। जिले में दो दिन की हड़ताल से बैंकों का लगभग 1200 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है। चार दिन से बैंक बंद होने के कारण शहर के अधिकांश एटीएम खाली हो चुके हैं। नागरिक नगदी के लिए दिन भर भटकते रहे।
बैंक कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने हड़ताल के दूसरे दिन मंगलवार को रेलवे रोड स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा पर एकत्र होकर सरकार के निर्णय के विरोध में धरना प्रदर्शन किया। यहां आयोजित सभा में बैंक कर्मियों को संबोधित करते हुए यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के अध्यक्ष आरपी शर्मा ने कहा कि बैंककर्मी जनहित में बैंकों का निजीकरण नहीं होने देंगे। सरकार ने निर्णय वापस नहीं लिया तो हम अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने से पीछे नहीं हटेंगे। सरकार पब्लिक सेक्टर के बैंकों को प्राइवेट धन्नासेठों को बेचना चाहती है। ये सब बैंक मुनाफे में हैं। इससे जॉब सिक्योरिटी, सोशल बैंकिंग पर कुठाराघात होगा। आम पब्लिक को प्राइवेट बैंकों से मिल रही अनेकों सुविधाएं बंद हो जाएगी। अशोक शर्मा, गौरव किशोर, योगेश गुप्ता ने कहा कि पब्लिक भी निजीकरण के विरोध में है, क्योंकि प्राइवेट बैंकों में दस हजार रुपये से कम तो खाता ही नहीं खुलता, जबकि राष्ट्रीयकृत बैंकों में जीरो बैलेंस से खाते खुलते हैं। यदि मांगें पूरी नहीं हुई तो बेमियादी हड़ताल की जाएगी। सरकार के निर्णय के खिलाफ पूरे देश के बैंककर्मी एकजुट हैं। धरने को राजीव जैन, प्रदीप मलिक, तेजराज गुप्ता, मुकेश भार्गव, बीके सूर्यवंशी, निहारिका, रविंद्र सिंह, डीके बंसल, आशीष भटनागर, संजीव जैन, राजेश कुमार, अनुज गुप्ता, कांती राठी, प्रभात कुमार, फतेह सिंह, अनिल गर्ग, सचिन चौधरी आदि ने संबोधित किया। उधर, बैंक कर्मियों की हड़ताल से जिले में दो दिन में 1200 करोड़ से अधिक का कारोबार प्रभावित हुआ है। जिले के एलडीएम राजेश चौधरी ने बताया कि जिले में बैंकों की 300 शाखाएं है। प्रत्येक शाखा में एक दिन का लगभग दो करोड़ का व्यापार होता है। दो दिनों में करीब 1200 करोड़ से अधिक का व्यापार प्रभावित हुआ है। दूसरी ओर, चार दिनों से सरकारी बैंक बंद है, ऐसे में उनके एटीएम भी बंद है। एटीएम से रुपये नहीं मिलने के कारण लोग परेशान रहे।
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