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भागीदार बनकर देश की उन्नति में सहायक बनें-ओमानंद
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भागीदार बनकर देश की उन्नति में सहायक बनें-ओमानंद
मोरना। संत मंडल आश्रम शुकतीर्थ के प्रथम निर्वाण दिवस के मुख्य अतिथि स्वामी ओमानंद महाराज ने कहा कि जो सामाजिक और मानव जीवन को सद्गति प्रदान करता है, वही संत कहलाने योग्य हैं। गरीबों और दीन दुखियों को सहारा देकर उनके दुखों का भागीदार बनकर देश की उन्नति में सहायक बनें, वही वास्तव में महापुरुष है। ब्रह्मलीन स्वामी श्यामानंद महाराज के जीवन से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए।
शुकतीर्थ स्थित संत मंडल आश्रम में ब्रह्मलीन स्वामी का निर्वाण दिवस का आयोजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच उनकी समाधि के निर्माण के लिए विधि विधानपूर्वक ईंटों का पूजन हुआ। उनके परमशिष्य ओर आश्रम पीठाधीश्वर स्वामी विचारानंद उर्फ छोटू महाराज ने गुरु श्यामानंद महाराज के चित्र के समक्ष पूजा अर्चना करते हुए कहा कि मेरा जीवन अपने गुरु के सपनों को साकार करने के लिए है, जिसमें बिना किसी भेदभाव के मानवता की सेवा करना ही मेरा मकसद है। कार्यक्रम में स्वामी महानंद महाराज, स्वामी मोहनदास महाराज, धर्मदास महाराज, ज्ञानानंद महाराज, सत्यानंद महाराज, हरनंद गिरि महाराज, पुरुषोत्तम गिरि महाराज, निजानंद महाराज आदि ने भी लोगों को आशीर्वाद दिया। इस मौके पर विशिष्ट अतिथि ठाकुर जयपाल सिंह क्षत्रिय चौहान कल्याण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, रविंद्र महामंत्री, सत्यपाल सिंह, ऋषिपाल सिंह, हेमसिंह चौहान, काशीराम गोयल, चंद्रपाल प्रधान, सरदार राणा, ओमपाल सिंह आदि श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस मौके पर साधु संतों के बीच प्रसाद का वितरण कर नकद दान दक्षिणा भी दी गई।
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मोरना। संत मंडल आश्रम शुकतीर्थ के प्रथम निर्वाण दिवस के मुख्य अतिथि स्वामी ओमानंद महाराज ने कहा कि जो सामाजिक और मानव जीवन को सद्गति प्रदान करता है, वही संत कहलाने योग्य हैं। गरीबों और दीन दुखियों को सहारा देकर उनके दुखों का भागीदार बनकर देश की उन्नति में सहायक बनें, वही वास्तव में महापुरुष है। ब्रह्मलीन स्वामी श्यामानंद महाराज के जीवन से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए।
शुकतीर्थ स्थित संत मंडल आश्रम में ब्रह्मलीन स्वामी का निर्वाण दिवस का आयोजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच उनकी समाधि के निर्माण के लिए विधि विधानपूर्वक ईंटों का पूजन हुआ। उनके परमशिष्य ओर आश्रम पीठाधीश्वर स्वामी विचारानंद उर्फ छोटू महाराज ने गुरु श्यामानंद महाराज के चित्र के समक्ष पूजा अर्चना करते हुए कहा कि मेरा जीवन अपने गुरु के सपनों को साकार करने के लिए है, जिसमें बिना किसी भेदभाव के मानवता की सेवा करना ही मेरा मकसद है। कार्यक्रम में स्वामी महानंद महाराज, स्वामी मोहनदास महाराज, धर्मदास महाराज, ज्ञानानंद महाराज, सत्यानंद महाराज, हरनंद गिरि महाराज, पुरुषोत्तम गिरि महाराज, निजानंद महाराज आदि ने भी लोगों को आशीर्वाद दिया। इस मौके पर विशिष्ट अतिथि ठाकुर जयपाल सिंह क्षत्रिय चौहान कल्याण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, रविंद्र महामंत्री, सत्यपाल सिंह, ऋषिपाल सिंह, हेमसिंह चौहान, काशीराम गोयल, चंद्रपाल प्रधान, सरदार राणा, ओमपाल सिंह आदि श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस मौके पर साधु संतों के बीच प्रसाद का वितरण कर नकद दान दक्षिणा भी दी गई।
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