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एडीएम के समर्थन में उतरे कर्मचारी, सामाजिक संगठन
Updated Sun, 26 Aug 2018 12:15 AM IST
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एडीएम के समर्थन में उतरे कर्मचारी, सामाजिक संगठन
मुजफ्फरनगर। नोएडा प्रकरण में कर्नल के साथ विवाद में शासन से सस्पेंड किए गए जिले के एडीएम प्रशासन हरीशचंद के समर्थन में जिले के कर्मचारी संगठन और सामाजिक संगठन सामने आ रहे हैं। इन संगठनों ने एडीएम और उनके परिवार के खिलाफ की जा रही कार्रवाई को एकतरफा और उत्पीड़नात्मक कार्रवाई बताया है। सीएम, पीएम और राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर न्याय की मांग की गई है।
अखिल भारतीय वाल्मीकि महासभा ने राष्ट्रपति के नाम डीएम को ज्ञापन दिया। एडीएम हरीशचंद्र के खिलाफ हो रही एक पक्षीय कार्रवाई का विरोध किया। ज्ञापन में कहा गया कि कर्नल एडीएम की पत्नी को लंबे समय से परेशान कर रहा था। उनके लिए अपमान जनक शब्दों का प्रयोग करता था। जिस परिवार का उत्पीड़न किया गया, उसी के खिलाफ कार्रवाई किया जाना गलत है। इससे दलित ही नहीं आम जन मानस में आक्रोश है। एडीएम का निलंबन तत्काल वापस लिया जाए। उनके परिवार पर किए गए झूठे मुकदमे वापिस लिए जाएं। कर्नल के खिलाफ कार्रवाई की जाए। सुशील झंझोट, कस्तूर सिंह स्नेही, राजकुमार, नरेशनंदन, सागर वाल्मीकि, नत्थु लाल चौहान, सागर वाल्मीकि आदि रहे। उत्तर प्रदेश सफाई मजदूर संघ ने प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम डीएम को ज्ञापन दिया। एडीएम पर उत्पीड़नात्मक कार्रवाई रोकने और उनकी बहाली की मांग की गई। शासन स्तर पर निलंबन की कार्रवाई को गलत बताया गया। सावन, राहुल, नितिन बिडला, गोपाल सुधाकर आदि रहे।
इसके अलावा भीम आर्मी एकता मिशन ने राष्ट्रपति, राज्यपाल और प्रधानमंत्री के नाम डीएम को ज्ञापन दिया। हरीशचंद्र के निलंबन को एक घटिया हरकत बताया गया है। यदि एडीएम का निलंबन वापिस नहीं लिया गया तो भीम आर्मी प्रदेश के हर जिले में प्रदर्शन करेगी। दिनेश कुमार, रोहित चंद्रा, विपुल मौर्य, योगेश आदि शामिल रहे। उत्तर प्रदेश सफाई कर्मचारी संघ ने भी मुख्यमंत्री के नाम डीएम को ज्ञापन दिया। कुल्लनदेवी, राजू वाल्मीकि, गोपाल सुधाकर, सुधीर पारचा, सुनील कुमार आदि रहे। भारतीय वाल्मीकि समाज ने भी राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देकर एडीएम का समर्थन किया है और निलंबन का विरोध किया है। यह भी कहा कि सरकार दलित समाज के लोगों पर टारगेट बनाकर कार्रवाई कर रही है। सुधीर पारचा, कपिल पाहिवाल, अर्पण शील, नितिन आदि रहे। उधम सिंह सेना और बाबू जगजीवन राम सेवा समिति ने भी राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजकर कार्रवाई पर विरोध जताया है।
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किसान संगठन भी आया साथ
मुजफ्फरनगर। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के जिलाध्यक्ष सुमित मलिक ने मुख्यमंत्री के नाम डीएम को ज्ञापन दिया। संगठन ने कहा कि एडीएम का निलंबन वापिस लिया जाना चाहिए।
नाराजगी जताई
मुजफ्फरनगर। गांव संधावली में पूर्व जिला पंचायत सदस्य सोमपाल सिंह के आवास पर हुई बैठक में एडीएम और उनके परिवार के खिलाफ की जा रही उत्पीड़नात्मक कार्रवाई का विरोध किया गया। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई। बैठक में सोमपाल सिंह, प्रेमपाल सिंह, मीर हसन, हिलाल मेहंदी, आशिक, इलियास जैदी, अशोक कुमार, दीपेश कुमार, अमित कुमार, सत्यपाल सिंह, राजेंद्र सिंह, सुरेशपाल, ब्रजपाल आदि मौजूद रहे।
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मुजफ्फरनगर। नोएडा प्रकरण में कर्नल के साथ विवाद में शासन से सस्पेंड किए गए जिले के एडीएम प्रशासन हरीशचंद के समर्थन में जिले के कर्मचारी संगठन और सामाजिक संगठन सामने आ रहे हैं। इन संगठनों ने एडीएम और उनके परिवार के खिलाफ की जा रही कार्रवाई को एकतरफा और उत्पीड़नात्मक कार्रवाई बताया है। सीएम, पीएम और राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर न्याय की मांग की गई है।
अखिल भारतीय वाल्मीकि महासभा ने राष्ट्रपति के नाम डीएम को ज्ञापन दिया। एडीएम हरीशचंद्र के खिलाफ हो रही एक पक्षीय कार्रवाई का विरोध किया। ज्ञापन में कहा गया कि कर्नल एडीएम की पत्नी को लंबे समय से परेशान कर रहा था। उनके लिए अपमान जनक शब्दों का प्रयोग करता था। जिस परिवार का उत्पीड़न किया गया, उसी के खिलाफ कार्रवाई किया जाना गलत है। इससे दलित ही नहीं आम जन मानस में आक्रोश है। एडीएम का निलंबन तत्काल वापस लिया जाए। उनके परिवार पर किए गए झूठे मुकदमे वापिस लिए जाएं। कर्नल के खिलाफ कार्रवाई की जाए। सुशील झंझोट, कस्तूर सिंह स्नेही, राजकुमार, नरेशनंदन, सागर वाल्मीकि, नत्थु लाल चौहान, सागर वाल्मीकि आदि रहे। उत्तर प्रदेश सफाई मजदूर संघ ने प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम डीएम को ज्ञापन दिया। एडीएम पर उत्पीड़नात्मक कार्रवाई रोकने और उनकी बहाली की मांग की गई। शासन स्तर पर निलंबन की कार्रवाई को गलत बताया गया। सावन, राहुल, नितिन बिडला, गोपाल सुधाकर आदि रहे।
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इसके अलावा भीम आर्मी एकता मिशन ने राष्ट्रपति, राज्यपाल और प्रधानमंत्री के नाम डीएम को ज्ञापन दिया। हरीशचंद्र के निलंबन को एक घटिया हरकत बताया गया है। यदि एडीएम का निलंबन वापिस नहीं लिया गया तो भीम आर्मी प्रदेश के हर जिले में प्रदर्शन करेगी। दिनेश कुमार, रोहित चंद्रा, विपुल मौर्य, योगेश आदि शामिल रहे। उत्तर प्रदेश सफाई कर्मचारी संघ ने भी मुख्यमंत्री के नाम डीएम को ज्ञापन दिया। कुल्लनदेवी, राजू वाल्मीकि, गोपाल सुधाकर, सुधीर पारचा, सुनील कुमार आदि रहे। भारतीय वाल्मीकि समाज ने भी राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देकर एडीएम का समर्थन किया है और निलंबन का विरोध किया है। यह भी कहा कि सरकार दलित समाज के लोगों पर टारगेट बनाकर कार्रवाई कर रही है। सुधीर पारचा, कपिल पाहिवाल, अर्पण शील, नितिन आदि रहे। उधम सिंह सेना और बाबू जगजीवन राम सेवा समिति ने भी राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजकर कार्रवाई पर विरोध जताया है।
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किसान संगठन भी आया साथ
मुजफ्फरनगर। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के जिलाध्यक्ष सुमित मलिक ने मुख्यमंत्री के नाम डीएम को ज्ञापन दिया। संगठन ने कहा कि एडीएम का निलंबन वापिस लिया जाना चाहिए।
नाराजगी जताई
मुजफ्फरनगर। गांव संधावली में पूर्व जिला पंचायत सदस्य सोमपाल सिंह के आवास पर हुई बैठक में एडीएम और उनके परिवार के खिलाफ की जा रही उत्पीड़नात्मक कार्रवाई का विरोध किया गया। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई। बैठक में सोमपाल सिंह, प्रेमपाल सिंह, मीर हसन, हिलाल मेहंदी, आशिक, इलियास जैदी, अशोक कुमार, दीपेश कुमार, अमित कुमार, सत्यपाल सिंह, राजेंद्र सिंह, सुरेशपाल, ब्रजपाल आदि मौजूद रहे।