{"_id":"5acd13b24f1c1bd63d8b46db","slug":"11523389362-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मौसम ने फिर रंग बदला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मौसम ने फिर रंग बदला
Updated Wed, 11 Apr 2018 01:12 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बुढ़ाना। मंगलवार को मौसम एक बार फिर से बदल गया। आकाश में बादलों की गड़गड़ाहट से किसान परेशान हो गए।
कस्बे और देहात क्षेत्र में सोमवार सुबह आंधी के साथ हुई बारिश ने 20 से 40 प्रतिशत फसलों को बर्बाद कर दिया। मंगलवार सुबह मौसम साफ रहा। दोपहर में हुई तेज गर्मी के कारण किसानों ने मौसम का अनुमान लगा लिया था। शाम होते-होते करीब छह बजे मौसम ने फिर बदल गया। बादलों की गड़गड़ाहट से किसानों के चेहरे का रंग फिर फीका पड़ गया। किसान की गेहूं, मसूर, सरसों, चना की फसल जमीन पर लेटी हुई है। दोबारा बारिश हुई तो किसान को भारी नुकसान होगा। दोबारा बारिश हुई तो किसान इस नुकसान की भरपाई नही कर सकेगा। सेवानिवृत्त अपर जिला कृषि अधिकारी रामनिवास सहरावत सहित दर्जनों किसानों का कहना है कि फसलों के पक जाने के बाद बारिश का होना किसान के लिए बेहद घातक होता है।
विज्ञापन
कस्बे और देहात क्षेत्र में सोमवार सुबह आंधी के साथ हुई बारिश ने 20 से 40 प्रतिशत फसलों को बर्बाद कर दिया। मंगलवार सुबह मौसम साफ रहा। दोपहर में हुई तेज गर्मी के कारण किसानों ने मौसम का अनुमान लगा लिया था। शाम होते-होते करीब छह बजे मौसम ने फिर बदल गया। बादलों की गड़गड़ाहट से किसानों के चेहरे का रंग फिर फीका पड़ गया। किसान की गेहूं, मसूर, सरसों, चना की फसल जमीन पर लेटी हुई है। दोबारा बारिश हुई तो किसान को भारी नुकसान होगा। दोबारा बारिश हुई तो किसान इस नुकसान की भरपाई नही कर सकेगा। सेवानिवृत्त अपर जिला कृषि अधिकारी रामनिवास सहरावत सहित दर्जनों किसानों का कहना है कि फसलों के पक जाने के बाद बारिश का होना किसान के लिए बेहद घातक होता है।