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स्कूलों में जाकर वाहनों- लाइसेंस की होगी जांच
Updated Mon, 29 Jan 2018 12:33 AM IST
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छात्रों को पढ़ाएंगे यातायात नियमों का पाठ
स्कूल बसों की फिटनेस, चालकों और छात्र-छात्राओं के लाइसेंस की भी जांच होगी
अपने वाहन से स्कूल आने वाले छात्रों के पास हैं लाइसेंस, स्कूल प्रबंधकों से लिया जाएगा प्रमाणपत्र
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। जिले में बेधड़क फर्राटा भर रहे स्कूली वाहनों और नाबालिगों के दुपहिया लेकर स्कूल जाने के मामले में अब सहायक परिवहन अधिकारी कार्यालय सख्ती करेगा। स्कूल में जाकर विभागीय अधिकारी और पुलिस वाहनों की फिटनेस और छात्र-छात्राओं के लाइसेंस की जांच करेंगे। बिन लाइसेंस के वाहन लेकर आने वाले छात्र-छात्राओं की जानकारी स्कूल प्रबंधन के साथ अभिभावकों को भी दी जाएगी, जो वाहन मानकों पर खरे नहीं उतरेंगे, उन्हें तत्काल सीज किया जाएगा।
जिले के अधिकांश इंटर, डिग्री कॉलेजों में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं वाहनों से आना-जाना करते हैं। इन छात्रों के पास न तो ड्राइविंग लाइसेंस है और न ही उन्हें यातायात नियमों की सही तरह से समझ है। ऐसे में दुर्घटना होने की संभावनाएं अधिक है, छुट्टी के समय छात्र-छात्राएं ट्रिपल राइडिंग भी करते हैं। बिन हेलमेट दुपहिया चलाते हैं। इसको लेकर एआरटीओ कार्यालय को निर्देश दिए गए हैं। अब स्कूल प्रबंधक और प्रशासन छात्र-छात्राओं के प्रवेश के दौरान ही उनके अन्य कागजातों के साथ ही ड्राइविंग लाइसेंस की भी पड़ताल करेंगे। अभिभावक से इस बाबत लिखित में प्रमाण लें कि बिन लाइसेंस के कोई छात्र-छात्रा ड्राइविंग नहीं करेगा।
एआरटीओ ने साफ कर दिया है कि जिन स्कूली बसों, वाहनों की फिटनेस योग्यता खत्म हो गई उनकी जांच कराएं। जांच में वाहन अनफिट मिला तो स्कूल, कालेज प्रबंधकों पर कार्रवाई होगी। इसके अलावा स्कूली वाहन के साथ कोई हादसा होता है तो इसका जिम्मेदार स्कूल प्रबंधन होगा। एआरटीओ विभाग ने पंजीकृत स्कूली वाहनों की सूची तैयार की है। सूची के अनुसार स्कूल समय में जाकर वाहन, चालक का लाइसेंस और छात्रों के ड्राइविंग लाइसेंस की जांच-पड़ताल होगी। छात्र के पास लाइसेंस नहीं मिलता है तो इस बाबत अभिभावकों से बात की जाएगी। साथ ही अनफिट वाहनों को तत्काल सीज किया जाएगा। एआरटीओ राजीव कुमार बंसल ने बताया कि पहले स्कूली वाहनों और चालकों के लाइसेंस, फिटनेस की जांच हो रही है। इसके बाद छात्रों से यातायात के नियमों की जानकारी लेने के साथ उन्हें इस बारे में समझाया जाएगा। कई स्कूलों के वाहन फिटनेस पर खरे नहीं उतरे हैं, इन्हें नोटिस दिया गया है।
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स्कूल बसों की फिटनेस, चालकों और छात्र-छात्राओं के लाइसेंस की भी जांच होगी
अपने वाहन से स्कूल आने वाले छात्रों के पास हैं लाइसेंस, स्कूल प्रबंधकों से लिया जाएगा प्रमाणपत्र
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। जिले में बेधड़क फर्राटा भर रहे स्कूली वाहनों और नाबालिगों के दुपहिया लेकर स्कूल जाने के मामले में अब सहायक परिवहन अधिकारी कार्यालय सख्ती करेगा। स्कूल में जाकर विभागीय अधिकारी और पुलिस वाहनों की फिटनेस और छात्र-छात्राओं के लाइसेंस की जांच करेंगे। बिन लाइसेंस के वाहन लेकर आने वाले छात्र-छात्राओं की जानकारी स्कूल प्रबंधन के साथ अभिभावकों को भी दी जाएगी, जो वाहन मानकों पर खरे नहीं उतरेंगे, उन्हें तत्काल सीज किया जाएगा।
जिले के अधिकांश इंटर, डिग्री कॉलेजों में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं वाहनों से आना-जाना करते हैं। इन छात्रों के पास न तो ड्राइविंग लाइसेंस है और न ही उन्हें यातायात नियमों की सही तरह से समझ है। ऐसे में दुर्घटना होने की संभावनाएं अधिक है, छुट्टी के समय छात्र-छात्राएं ट्रिपल राइडिंग भी करते हैं। बिन हेलमेट दुपहिया चलाते हैं। इसको लेकर एआरटीओ कार्यालय को निर्देश दिए गए हैं। अब स्कूल प्रबंधक और प्रशासन छात्र-छात्राओं के प्रवेश के दौरान ही उनके अन्य कागजातों के साथ ही ड्राइविंग लाइसेंस की भी पड़ताल करेंगे। अभिभावक से इस बाबत लिखित में प्रमाण लें कि बिन लाइसेंस के कोई छात्र-छात्रा ड्राइविंग नहीं करेगा।
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एआरटीओ ने साफ कर दिया है कि जिन स्कूली बसों, वाहनों की फिटनेस योग्यता खत्म हो गई उनकी जांच कराएं। जांच में वाहन अनफिट मिला तो स्कूल, कालेज प्रबंधकों पर कार्रवाई होगी। इसके अलावा स्कूली वाहन के साथ कोई हादसा होता है तो इसका जिम्मेदार स्कूल प्रबंधन होगा। एआरटीओ विभाग ने पंजीकृत स्कूली वाहनों की सूची तैयार की है। सूची के अनुसार स्कूल समय में जाकर वाहन, चालक का लाइसेंस और छात्रों के ड्राइविंग लाइसेंस की जांच-पड़ताल होगी। छात्र के पास लाइसेंस नहीं मिलता है तो इस बाबत अभिभावकों से बात की जाएगी। साथ ही अनफिट वाहनों को तत्काल सीज किया जाएगा। एआरटीओ राजीव कुमार बंसल ने बताया कि पहले स्कूली वाहनों और चालकों के लाइसेंस, फिटनेस की जांच हो रही है। इसके बाद छात्रों से यातायात के नियमों की जानकारी लेने के साथ उन्हें इस बारे में समझाया जाएगा। कई स्कूलों के वाहन फिटनेस पर खरे नहीं उतरे हैं, इन्हें नोटिस दिया गया है।
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