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पालिका चुनाव में रालोद की फजीहत
Updated Fri, 24 Nov 2017 12:34 AM IST
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मुजफ्फरनगर।
नगर पालिका चुनाव में रालोद प्रत्याशी को लेकर अजीबोगरीब हालात पैदा हो गए हैं। पार्टी ने अध्यक्ष पद के लिए जिस प्रत्याशी को मैदान में उतारा था, उसने बृहस्पतिवार को बसपा को समर्थन देने का ऐलान कर दिया।
पालिकाध्यक्ष पद के लिए रालोद ने जोश-खरोश के साथ पूर्व सभासद डॉ मुर्तजा सलमानी की पुत्रवधू शबनम परवीन को उम्मीदवार बनाया था। चुनाव में शबनम की मौजूदगी इसलिए अहम थी, क्योंकि बड़े दलों से सिर्फ दो ही मुस्लिम प्रत्याशी मैदान में थीं। अचानक ऐसी सियासी खिचड़ी पकी कि रालोद के वरिष्ठ नेताओं ने अपनी पार्टी की प्रत्याशी को कांग्रेस के पक्ष में बैठने का निर्देश दे दिया। रालोद के फैसले को प्रत्याशी ने मानने से इंकार कर दिया। बीते तीन दिन से सियासी हलकों में रालोद के रुख को लेकर माथापच्ची होती रही। बृहस्पतिवार को रालोद प्रत्याशी शबनम परवीन ने बसपा प्रत्याशी मुदस्सिर को समर्थन देने का ऐलान कर दिया।
रालोद नेता और पूर्व सभासद डॉ. मुर्तजा सलमानी ने कार्यकर्ताओं के साथ खालापार की सभा में शिरकत की। सलमानी ने कहा कि रालोद नेताओं ने उन्हें विश्वास में नहीं लिया। पहले प्रत्याशी बनाया और फिर बैठने के लिए कह दिया। आरोप है कि जिले के रालोद नेता परचा भरवाने के बाद से उन्हें सहयोग नहीं कर रहे थे।
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रालोद प्रत्याशी ने पार्टी के निर्देशों का पालन नहीं किया। हाईकमान निकाय चुनाव में कांग्रेस को समर्थन करने की घोषणा कर चुका है। बावजूद इसके प्रत्याशी ने बैठने से इंकार कर दिया। बसपा को समर्थन प्रत्याशी का निजी फैसला है रालोद का नहीं। - अजित राठी, जिलाध्यक्ष रालोद।
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नगर पालिका चुनाव में रालोद प्रत्याशी को लेकर अजीबोगरीब हालात पैदा हो गए हैं। पार्टी ने अध्यक्ष पद के लिए जिस प्रत्याशी को मैदान में उतारा था, उसने बृहस्पतिवार को बसपा को समर्थन देने का ऐलान कर दिया।
पालिकाध्यक्ष पद के लिए रालोद ने जोश-खरोश के साथ पूर्व सभासद डॉ मुर्तजा सलमानी की पुत्रवधू शबनम परवीन को उम्मीदवार बनाया था। चुनाव में शबनम की मौजूदगी इसलिए अहम थी, क्योंकि बड़े दलों से सिर्फ दो ही मुस्लिम प्रत्याशी मैदान में थीं। अचानक ऐसी सियासी खिचड़ी पकी कि रालोद के वरिष्ठ नेताओं ने अपनी पार्टी की प्रत्याशी को कांग्रेस के पक्ष में बैठने का निर्देश दे दिया। रालोद के फैसले को प्रत्याशी ने मानने से इंकार कर दिया। बीते तीन दिन से सियासी हलकों में रालोद के रुख को लेकर माथापच्ची होती रही। बृहस्पतिवार को रालोद प्रत्याशी शबनम परवीन ने बसपा प्रत्याशी मुदस्सिर को समर्थन देने का ऐलान कर दिया।
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रालोद नेता और पूर्व सभासद डॉ. मुर्तजा सलमानी ने कार्यकर्ताओं के साथ खालापार की सभा में शिरकत की। सलमानी ने कहा कि रालोद नेताओं ने उन्हें विश्वास में नहीं लिया। पहले प्रत्याशी बनाया और फिर बैठने के लिए कह दिया। आरोप है कि जिले के रालोद नेता परचा भरवाने के बाद से उन्हें सहयोग नहीं कर रहे थे।
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रालोद प्रत्याशी ने पार्टी के निर्देशों का पालन नहीं किया। हाईकमान निकाय चुनाव में कांग्रेस को समर्थन करने की घोषणा कर चुका है। बावजूद इसके प्रत्याशी ने बैठने से इंकार कर दिया। बसपा को समर्थन प्रत्याशी का निजी फैसला है रालोद का नहीं। - अजित राठी, जिलाध्यक्ष रालोद।