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परेशानियों से निजात के लिए कुरआन की शिक्षा पर अमल करें: फरीउद्दीन
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देवबंद (सहारनपुर)। दारुल उलूम के वरिष्ठ उस्ताद मौलाना फरीदउद्दीन कासमी ने कहा कि कुरआन की शिक्षा पर अमल करके ही परेशानियों से निजात मिल सकती है। मुसलमानों को चाहिए कि वह कुरआन की सुन्नतों पर अमल करें और कराएं।
बुधवार को दारुल उलूम वक्फ मार्ग पर स्थित मदरसा जामिया शेखुल हिंद में आयोजित दस्तारबंदी कार्यक्रम में मौलाना फरीदउद्दीन कासमी ने कहा कि कुरआन पाक अल्लाह का कलाम है। खुशनसीब हैं वो माता पिता जिनके बच्चों ने अपने सीने में इसे महफूज कर लिया। उन्होंने कहा कि कुरआन का पढ़ना और पढ़ाना दोनों से ही सवाब हासिल होता है। मौलाना कारी मुस्तफा ने कहा कि दीनी मदारिस इस्लाम के मजबूत किले हैं। जहां से तालीम हासिल करके छात्र पूरी दुनिया में इसकी रोशनी फैलाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस्लामी तालीम को आम करने के साथ ही दीनी मदारिस अमन का पैगाम दे रहे हैं। संस्था के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती असद कासमी ने कहा कि हमें इस्लामी शिक्षा को अपने जीवन में उतारकर उसी के मुताबिक जिंदगी को जीना चाहिए। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को दीनी तालीम दिलाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में कुरआन पाक हिफ्ज (कंठस्थ) करने वाले बिजनौर निवासी छात्र अबूबकर की दस्तारबंदी की गई। इस मौके पर मौलाना वकील, समाजसेवी अरुण अग्रवाल, असद जमाल फैजी, मौलाना ओसामा, मौलाना मुकीद, मौलाना मुकर्रम, आरिफ प्रधान, मुमताज अहमद, जर्रार बेग, फैसल नूर आदि मौजूद रहे।
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बुधवार को दारुल उलूम वक्फ मार्ग पर स्थित मदरसा जामिया शेखुल हिंद में आयोजित दस्तारबंदी कार्यक्रम में मौलाना फरीदउद्दीन कासमी ने कहा कि कुरआन पाक अल्लाह का कलाम है। खुशनसीब हैं वो माता पिता जिनके बच्चों ने अपने सीने में इसे महफूज कर लिया। उन्होंने कहा कि कुरआन का पढ़ना और पढ़ाना दोनों से ही सवाब हासिल होता है। मौलाना कारी मुस्तफा ने कहा कि दीनी मदारिस इस्लाम के मजबूत किले हैं। जहां से तालीम हासिल करके छात्र पूरी दुनिया में इसकी रोशनी फैलाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस्लामी तालीम को आम करने के साथ ही दीनी मदारिस अमन का पैगाम दे रहे हैं। संस्था के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती असद कासमी ने कहा कि हमें इस्लामी शिक्षा को अपने जीवन में उतारकर उसी के मुताबिक जिंदगी को जीना चाहिए। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को दीनी तालीम दिलाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में कुरआन पाक हिफ्ज (कंठस्थ) करने वाले बिजनौर निवासी छात्र अबूबकर की दस्तारबंदी की गई। इस मौके पर मौलाना वकील, समाजसेवी अरुण अग्रवाल, असद जमाल फैजी, मौलाना ओसामा, मौलाना मुकीद, मौलाना मुकर्रम, आरिफ प्रधान, मुमताज अहमद, जर्रार बेग, फैसल नूर आदि मौजूद रहे।
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