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अब्बास की शहादत पर मातमी जुलूस निकाला
Updated Thu, 20 Sep 2018 12:20 AM IST
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अब्बास की शहादत पर मातमी जुलूस निकाला
खतौली। मोहर्रम की आठ तारीख को इमाम हुसैन के भाई जनाबे अब्बास की शहादत पर शिया सोगवारों ने नगर में मातमी जुलूस निकाला। ग्राम शेखुपरा स्थित हवा महल स्थित इमाम बारगाह में वक्फ अलमदार हुसैन की ओर से आयोजित मजलिस को खिताब फरमाते हुए मौलाना गौहर हैदर जैदी ने कहा कि जनाबे अब्बास ने इमाम हुसैन के ऊपर अपनी जान को न्यौछावर कर दी। सिर झुका के जीने में कोई अच्छाई नहीं है। सिर उठा के जीने में बेहतर है। जानसठ तिराहे पर सैयद मोहम्मद मेंहदी ने करबला के वाक्यात बयान किए। जुलूस का नेतृत्व अब्बास जैदी, समद जैदी ने किया। जुलूस में अंजुमन खुमैनी खतौली तथा अंजुमन जाफरया गढ़ी मुझेड़ा के सोगवार शामिल रहे। मरसियाख्वानी मीसम रजा, हसन इमाम, हैदर रजा ने की। जुलूस में शादाब हसन, दानिश जाफरी, हसन आबिद, आदिल, रजा मेहंदी, रजी हैदर जैदी, मेहजर अली, जमला अब्बास, कमाल अब्बास, शालू जैदी, दानिश जैदी, फूलमियां जैदी, शहजाद जैदी ने मातमपुर्सी कर करबला के शहीदों को खिराजे अकीदत पेश की।
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खतौली। मोहर्रम की आठ तारीख को इमाम हुसैन के भाई जनाबे अब्बास की शहादत पर शिया सोगवारों ने नगर में मातमी जुलूस निकाला। ग्राम शेखुपरा स्थित हवा महल स्थित इमाम बारगाह में वक्फ अलमदार हुसैन की ओर से आयोजित मजलिस को खिताब फरमाते हुए मौलाना गौहर हैदर जैदी ने कहा कि जनाबे अब्बास ने इमाम हुसैन के ऊपर अपनी जान को न्यौछावर कर दी। सिर झुका के जीने में कोई अच्छाई नहीं है। सिर उठा के जीने में बेहतर है। जानसठ तिराहे पर सैयद मोहम्मद मेंहदी ने करबला के वाक्यात बयान किए। जुलूस का नेतृत्व अब्बास जैदी, समद जैदी ने किया। जुलूस में अंजुमन खुमैनी खतौली तथा अंजुमन जाफरया गढ़ी मुझेड़ा के सोगवार शामिल रहे। मरसियाख्वानी मीसम रजा, हसन इमाम, हैदर रजा ने की। जुलूस में शादाब हसन, दानिश जाफरी, हसन आबिद, आदिल, रजा मेहंदी, रजी हैदर जैदी, मेहजर अली, जमला अब्बास, कमाल अब्बास, शालू जैदी, दानिश जैदी, फूलमियां जैदी, शहजाद जैदी ने मातमपुर्सी कर करबला के शहीदों को खिराजे अकीदत पेश की।