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बुखार से पीड़ित छात्रा की दिल्ली में मौत
Updated Wed, 19 Sep 2018 01:02 AM IST
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बुखार से पीड़ित छात्रा की दिल्ली में मौत
मोरना। छात्रा की बुखार के चलते उपचार के दौरान दिल्ली अस्पताल में मौत हो गई। परिजनों ने गमगीन माहौल में शव को सुपुर्द ए खाक किया। ककरौली निवासी वकील की बारह वर्षीय पुत्री समरीन गांव के ही किसान इंटर कॉलेज में कक्षा सात में पढ़ती थी। वह दस दिन से बुखार से पीड़ित थी। परिजनों ने पहले गांव में और उसके बाद मुजफ्फरनगर अस्पताल में उसका उपचार कराया। चिकित्सकों ने हालत बिगड़ती देख तीन दिन पहले उसे मेरठ रेफर कर दिया और वहां से दिल्ली रेफर कर दिया गया। सोमवार की रात में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों ने गमगीन माहौल में छात्रा के शव को गांव में लाकर सुपुर्द ए खाक किया।
शिया सोगवारों ने मातम किया
मोरना। मोहर्रम माह की सातवीं तिथि को शिया समाज द्वारा मजलिस का आयोजन किया गया। जिसमें करबला के वाकयात बयान किए गए। मरसिया ख्वानी, नोहा ख्वानी की गई। सोगवारों ने करबला के शहीदों की याद में मातम किया। ककरौली सादात स्थित दरगाह आलिया कदम ए रसूल में अंजुमने सज्जादिया द्वारा आयोजित हुसैनी मजलिस का शुभारंभ असगर मेंहदीब द्वारा मरसिया पढ़कर किया गया। मौलाना अली हैदर आब्दी ने अपनी तकरीर में करबला के वाकयात पर प्रकाश डाला। सदारत अली गुंबर, गयाज अकबर जैदी, असकरी जैदी, अली यावर जैदी, फराज जैदी, मोनू जैदी, काशिफ रजा, अब्बास अली, जमन जैदी, असगर मेंहदी अटारी, मिसम अब्बास, राहत मियां, बाबर जैदी, जीशान जैदी, इरम जैदी, कौसर मेहंदी, शबाब मेहंदी, बाकर आदि रहे।
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मोरना। छात्रा की बुखार के चलते उपचार के दौरान दिल्ली अस्पताल में मौत हो गई। परिजनों ने गमगीन माहौल में शव को सुपुर्द ए खाक किया। ककरौली निवासी वकील की बारह वर्षीय पुत्री समरीन गांव के ही किसान इंटर कॉलेज में कक्षा सात में पढ़ती थी। वह दस दिन से बुखार से पीड़ित थी। परिजनों ने पहले गांव में और उसके बाद मुजफ्फरनगर अस्पताल में उसका उपचार कराया। चिकित्सकों ने हालत बिगड़ती देख तीन दिन पहले उसे मेरठ रेफर कर दिया और वहां से दिल्ली रेफर कर दिया गया। सोमवार की रात में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों ने गमगीन माहौल में छात्रा के शव को गांव में लाकर सुपुर्द ए खाक किया।
शिया सोगवारों ने मातम किया
मोरना। मोहर्रम माह की सातवीं तिथि को शिया समाज द्वारा मजलिस का आयोजन किया गया। जिसमें करबला के वाकयात बयान किए गए। मरसिया ख्वानी, नोहा ख्वानी की गई। सोगवारों ने करबला के शहीदों की याद में मातम किया। ककरौली सादात स्थित दरगाह आलिया कदम ए रसूल में अंजुमने सज्जादिया द्वारा आयोजित हुसैनी मजलिस का शुभारंभ असगर मेंहदीब द्वारा मरसिया पढ़कर किया गया। मौलाना अली हैदर आब्दी ने अपनी तकरीर में करबला के वाकयात पर प्रकाश डाला। सदारत अली गुंबर, गयाज अकबर जैदी, असकरी जैदी, अली यावर जैदी, फराज जैदी, मोनू जैदी, काशिफ रजा, अब्बास अली, जमन जैदी, असगर मेंहदी अटारी, मिसम अब्बास, राहत मियां, बाबर जैदी, जीशान जैदी, इरम जैदी, कौसर मेहंदी, शबाब मेहंदी, बाकर आदि रहे।
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