{"_id":"5ae8b15f4f1c1b350b8b78ec","slug":"111525199199-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"साहब मैं गरीब हूं, पढना चाहता हूं,","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
साहब मैं गरीब हूं, पढना चाहता हूं,
Updated Wed, 02 May 2018 12:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
साहब मैं गरीब हूं, पढ़ना चाहता हूं,
जानसठ। संपूर्ण समाधान दिवस में एक दिव्यांग छात्र गांव गढ़ी निवासी सुमित पुत्र लोकेश ने डीएम से फरियाद लगाते हुए कहा कि साहब मैं गरीब हूं, मैं आगे पढ़ना चाहता हूं। मुझे एक ई रिक्शा दिला दो। छात्र की फरियाद सुनकर डीएम ने उसको सम्मानित किया। अधिकारियों से उसके पसंदीदा स्कूल में दाखिला कराने के निर्देश भी दिए। डीएम बीडीओ, शिक्षा संबंधित अधिकारियों को दिव्यांग की मदद करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
जानसठ। संपूर्ण समाधान दिवस में एक दिव्यांग छात्र गांव गढ़ी निवासी सुमित पुत्र लोकेश ने डीएम से फरियाद लगाते हुए कहा कि साहब मैं गरीब हूं, मैं आगे पढ़ना चाहता हूं। मुझे एक ई रिक्शा दिला दो। छात्र की फरियाद सुनकर डीएम ने उसको सम्मानित किया। अधिकारियों से उसके पसंदीदा स्कूल में दाखिला कराने के निर्देश भी दिए। डीएम बीडीओ, शिक्षा संबंधित अधिकारियों को दिव्यांग की मदद करने के निर्देश दिए।