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बंगलामुखी में श्रीमद् भागवत कथा आयोजन
Updated Sun, 22 Apr 2018 12:44 AM IST
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मोरना। शुक्रताल के मां बंगलामुखी पीतांबरा धाम जयंती मेें समारोह में भागवत कथा का आयोजन किया गया। बांदा चित्रकूट से पधारे कथा व्यास स्वामी यनेंद्र महाराज ने कहा कि जहां संत रहते हैं, वहां धर्म निवास करता है। जहां धर्म की चर्चा होती है, वहीं ज्ञान का उदय हो जाता है और जहां भक्ति विराजमान होती है, वहां भगवान विराजमान होते हैं।
आश्रम के प्रांगण में भागवत कथा को सुनाते हुए उन्होंने कहा कि सूर्य उदित होकर हमको बाह्य नेत्र प्रदान करते हैं। जिनसे हम बाहर की वस्तु को देख सकते हैं। परंतु संत हमको वह चक्षु देते हैं। जिससे सगुण-निगुर्ण परमात्मा का ज्ञान हो जाता है। इसलिए संत को देवता के समान पूजना चाहिए। गंगा केवल मनुष्यों के पापों को दूर करती है। मौके पर स्वामी अयोध्या प्रसाद महाराज, विनोद शर्मा, लीलावती, अमरीश शर्मा, सुमन, प्रमोद कुमार, विजय, श्यामपाल, वीरेंद्र सिंह, नवीन सिंह, रामवीर सिंह, अशोक भटनागर, ललित त्यागी, भोजराम, उदयवीर प्रधान आदि मौजूद रहे।
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आश्रम के प्रांगण में भागवत कथा को सुनाते हुए उन्होंने कहा कि सूर्य उदित होकर हमको बाह्य नेत्र प्रदान करते हैं। जिनसे हम बाहर की वस्तु को देख सकते हैं। परंतु संत हमको वह चक्षु देते हैं। जिससे सगुण-निगुर्ण परमात्मा का ज्ञान हो जाता है। इसलिए संत को देवता के समान पूजना चाहिए। गंगा केवल मनुष्यों के पापों को दूर करती है। मौके पर स्वामी अयोध्या प्रसाद महाराज, विनोद शर्मा, लीलावती, अमरीश शर्मा, सुमन, प्रमोद कुमार, विजय, श्यामपाल, वीरेंद्र सिंह, नवीन सिंह, रामवीर सिंह, अशोक भटनागर, ललित त्यागी, भोजराम, उदयवीर प्रधान आदि मौजूद रहे।
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