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गडढामुक्त सड़कों की होगी जांच
Updated Sat, 30 Sep 2017 01:28 AM IST
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शासन ने प्रशासनिक अफसरों से मांगी रिपोर्ट
मुजफ्फरनगर। प्रदेश में सत्ता मिलने के साथ ही योगी आदित्यनाथ सरकार ने सड़कों को गड्ढ़ामुक्त बनाने का अभियान चलाया था। बरसात और बजट आड़े आ जाने के कारण इसमें शत प्रतिशत सफलता नहीं मिल पाई। निकायों और लोक निर्माण विभाग द्वारा जनपद में कुछ सड़कों को गड्ढ़ामुक्त करने का कार्य किया गया था। इन सड़कों की शासन ने रिपोर्ट मांग ली है। जांच के लिए सीडीओ की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित हो गई है।
भाजपा सरकार के सत्ता में आते ही सबसे पहले सड़कों को दुरुस्त करने के लिए गड्ढामुक्त अभियान चलाया गया। आनन-फानन में जनपद में शासन की मंशा के अनुसार सड़कों से गड्ढों को दूर करने का कार्य शुरू किया गया। नगरपालिका परिषद की ओर से शहर में सड़कों और गलियों को गड्ढ़ामुक्त बनाने के लिए टेंडर निकाले गए और कार्य करा दिया गया। तत्कालीन ईओ अजीत कुमार सिंह ने इसे प्राथमिकता पर सम्पन्न कराया। ठेकेदारों द्वारा कार्य सम्पन्न कर दिए जाने के बाद लाखों रुपये का भुगतान लटका हुआ है, क्योंकि शासन ने गड्ढामुक्त सड़कों के लिए रिपोर्ट तलब कर ली है। प्रमुख सचिव मनोज कुमार सिंह ने सभी जनपदों में भेजे आदेशों के तहत गड्ढामुक्त सड़कों के लिए आठ बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी है। प्रमुख सचिव ने दस अक्तूबर तक निकायों को रिपोर्ट देने को कहा है, इसके साथ ही सड़कों की दशा सुधारने के लिए समयबद्धता निश्चित करते हुए दीपावली तक हर हाल में पूर्णत: गड्ढामुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रमुख सचिव के आदेशों पर स्थानीय निकाय निदेशक लखनऊ अनिल कुमार सिंह ने पालिका प्रशासन से गड्ढामुक्त सड़कों के साथ ही सड़कों के जीर्णोद्धार और नव निर्माण की आवश्यकताओं को सम्मिलित करते हुए सूचना मांगी है। सड़कों की जांच के लिए सीडीओ अंकित अग्रवाल की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है।
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मुजफ्फरनगर। प्रदेश में सत्ता मिलने के साथ ही योगी आदित्यनाथ सरकार ने सड़कों को गड्ढ़ामुक्त बनाने का अभियान चलाया था। बरसात और बजट आड़े आ जाने के कारण इसमें शत प्रतिशत सफलता नहीं मिल पाई। निकायों और लोक निर्माण विभाग द्वारा जनपद में कुछ सड़कों को गड्ढ़ामुक्त करने का कार्य किया गया था। इन सड़कों की शासन ने रिपोर्ट मांग ली है। जांच के लिए सीडीओ की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित हो गई है।
भाजपा सरकार के सत्ता में आते ही सबसे पहले सड़कों को दुरुस्त करने के लिए गड्ढामुक्त अभियान चलाया गया। आनन-फानन में जनपद में शासन की मंशा के अनुसार सड़कों से गड्ढों को दूर करने का कार्य शुरू किया गया। नगरपालिका परिषद की ओर से शहर में सड़कों और गलियों को गड्ढ़ामुक्त बनाने के लिए टेंडर निकाले गए और कार्य करा दिया गया। तत्कालीन ईओ अजीत कुमार सिंह ने इसे प्राथमिकता पर सम्पन्न कराया। ठेकेदारों द्वारा कार्य सम्पन्न कर दिए जाने के बाद लाखों रुपये का भुगतान लटका हुआ है, क्योंकि शासन ने गड्ढामुक्त सड़कों के लिए रिपोर्ट तलब कर ली है। प्रमुख सचिव मनोज कुमार सिंह ने सभी जनपदों में भेजे आदेशों के तहत गड्ढामुक्त सड़कों के लिए आठ बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी है। प्रमुख सचिव ने दस अक्तूबर तक निकायों को रिपोर्ट देने को कहा है, इसके साथ ही सड़कों की दशा सुधारने के लिए समयबद्धता निश्चित करते हुए दीपावली तक हर हाल में पूर्णत: गड्ढामुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रमुख सचिव के आदेशों पर स्थानीय निकाय निदेशक लखनऊ अनिल कुमार सिंह ने पालिका प्रशासन से गड्ढामुक्त सड़कों के साथ ही सड़कों के जीर्णोद्धार और नव निर्माण की आवश्यकताओं को सम्मिलित करते हुए सूचना मांगी है। सड़कों की जांच के लिए सीडीओ अंकित अग्रवाल की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है।
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