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हिंदी भाषा का अधिक प्रयोग करने पर बल
Updated Fri, 22 Sep 2017 01:03 AM IST
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हिंदी भाषा का अधिक प्रयोग करने पर बल
मुजफ्फरनगर।
भारत विकास परिषद समृद्घि का हिंदी दिवस पखवाड़ा समारोह संपन्न हुआ। मुख्य अतिथि भारतीय शिक्षा समिति के प्रदेश मंत्री अरुण खंडेलवाल ने कहा कि मनुष्य की योग्यता उसके ज्ञान की दास तो हो सकती है, भाषा विशेष के ज्ञान की दास नहीं हो सकती। आत्मविश्वास मनुष्य के भीतर के शाश्वत ज्ञान पर आधारित होता है।
खंडेलवाल ने कहा कि हिंदी का उद्भव भाषाओं की जननी संस्कृत से हुआ है, जो आज तकनीकी क्षेत्र के लिए सबसे उपयुक्त भाषा मानी जा रही है। हिंदी दुनिया की तीसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है। नगर के एक रेस्टोरेंट में हुए कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता और स्वामी विवेकानंद के चित्र पर संस्था के अध्यक्ष अजय गुप्ता, सचिव संजीव अग्रवाल, विवेक वर्मा ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। भारत विकास परिषद के प्रांतीय वित्त सचिव नवीन संगल, पूर्व अध्यक्ष डॉ. विनोद वर्मा, कौशल कृष्ण अग्रवाल, मनोज सेठी, डॉ. प्रवेश कुमार, सचिन संगल ने हिंदी के अधिक से अधिक प्रयोग पर बल दिया। इस दौरान आलोक अग्रवाल, राजेश मित्तल, चक्रेश जैन, सुरेंद्र नाथ मित्तल, हंस कुमार, ब्रज मोहन, डॉ. जगदीश गर्ग, पंकज बंसल, विवेक मित्तल, मनोज गुप्ता आदि मौजूद रहे। संचालन अभिषेक गोयल ने किया।
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मुजफ्फरनगर।
भारत विकास परिषद समृद्घि का हिंदी दिवस पखवाड़ा समारोह संपन्न हुआ। मुख्य अतिथि भारतीय शिक्षा समिति के प्रदेश मंत्री अरुण खंडेलवाल ने कहा कि मनुष्य की योग्यता उसके ज्ञान की दास तो हो सकती है, भाषा विशेष के ज्ञान की दास नहीं हो सकती। आत्मविश्वास मनुष्य के भीतर के शाश्वत ज्ञान पर आधारित होता है।
खंडेलवाल ने कहा कि हिंदी का उद्भव भाषाओं की जननी संस्कृत से हुआ है, जो आज तकनीकी क्षेत्र के लिए सबसे उपयुक्त भाषा मानी जा रही है। हिंदी दुनिया की तीसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है। नगर के एक रेस्टोरेंट में हुए कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता और स्वामी विवेकानंद के चित्र पर संस्था के अध्यक्ष अजय गुप्ता, सचिव संजीव अग्रवाल, विवेक वर्मा ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। भारत विकास परिषद के प्रांतीय वित्त सचिव नवीन संगल, पूर्व अध्यक्ष डॉ. विनोद वर्मा, कौशल कृष्ण अग्रवाल, मनोज सेठी, डॉ. प्रवेश कुमार, सचिन संगल ने हिंदी के अधिक से अधिक प्रयोग पर बल दिया। इस दौरान आलोक अग्रवाल, राजेश मित्तल, चक्रेश जैन, सुरेंद्र नाथ मित्तल, हंस कुमार, ब्रज मोहन, डॉ. जगदीश गर्ग, पंकज बंसल, विवेक मित्तल, मनोज गुप्ता आदि मौजूद रहे। संचालन अभिषेक गोयल ने किया।
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