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रेलवे स्टेशन पर ट्रेनें आईं पर यात्री नहीं
Updated Tue, 22 Aug 2017 12:47 AM IST
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तीसरे दिन भी स्टेशन पर पसरा रहा सन्नाटा
मुजफ्फरनगर। कलिंग उत्कल एक्सप्रेस हादसे के तीसरे दिन भी रेलवे स्टेशन पर सन्नाटा पसरा रहा। स्टेशन पर सोमवार को ट्रेनें आईं जरूर, लेकिन यात्री नहीं थे। टिकट खिड़की से लेकर पूछताछ केंद्र पर इक्का-दुक्का ही यात्री पहुंचे। हादसे के बाद भयभीत लोग बस के सफर को तरजीह दे रहे हैं।
रविवार देर रात करीब 12 बजे के बाद खतौली में क्षतिग्रस्त हुआ रेलवे ट्रैक सुचारु कर दिया गया। ट्रैक सही होने के बाद मुजफ्फरनगर से पहली ट्रेन छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस को रवाना किया गया। इस ट्रेन के लिए स्टेशन से तीन यात्रियों ने टिकट खरीदे थे। इसके बाद ट्रैक पर गाड़ियों का आवागमन शुरू हो गया। हालांकि संचालन बहाल होने के बाद भी स्टेशन खाली पड़ा रहा। हादसे से भयभीत लोग ट्रेन में सफर करने से बचते नजर आ रहे हैं। तीसरे दिन भी स्टेशन पर सन्नाटा पसरा रहा। टिकट खिड़की पर पूरे दिन 30 टिकट भी जारी नहीं हुए। टिकट काउंटर प्रभारी सुधीर कुमार ने बताया कि हादसे के बाद टिकट बुक कराने वालों की संख्या शून्य है। लोकल में आने-जाने वाले यात्री ही टिकट ले रहे हैं।
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मुजफ्फरनगर। कलिंग उत्कल एक्सप्रेस हादसे के तीसरे दिन भी रेलवे स्टेशन पर सन्नाटा पसरा रहा। स्टेशन पर सोमवार को ट्रेनें आईं जरूर, लेकिन यात्री नहीं थे। टिकट खिड़की से लेकर पूछताछ केंद्र पर इक्का-दुक्का ही यात्री पहुंचे। हादसे के बाद भयभीत लोग बस के सफर को तरजीह दे रहे हैं।
रविवार देर रात करीब 12 बजे के बाद खतौली में क्षतिग्रस्त हुआ रेलवे ट्रैक सुचारु कर दिया गया। ट्रैक सही होने के बाद मुजफ्फरनगर से पहली ट्रेन छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस को रवाना किया गया। इस ट्रेन के लिए स्टेशन से तीन यात्रियों ने टिकट खरीदे थे। इसके बाद ट्रैक पर गाड़ियों का आवागमन शुरू हो गया। हालांकि संचालन बहाल होने के बाद भी स्टेशन खाली पड़ा रहा। हादसे से भयभीत लोग ट्रेन में सफर करने से बचते नजर आ रहे हैं। तीसरे दिन भी स्टेशन पर सन्नाटा पसरा रहा। टिकट खिड़की पर पूरे दिन 30 टिकट भी जारी नहीं हुए। टिकट काउंटर प्रभारी सुधीर कुमार ने बताया कि हादसे के बाद टिकट बुक कराने वालों की संख्या शून्य है। लोकल में आने-जाने वाले यात्री ही टिकट ले रहे हैं।
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