देवबंद में 11 स्वास्थ्यकर्मियों को लगी कोरोनारोधी टीके की बूस्टर डोज
देवबंद (सहारनपुर)। देवबंद में फ्रंट लाइन वर्करों में सोमवार को पहले दिन स्वास्थ्य विभाग के 11 कर्मचारियों को कोरोना वैक्सीन की बूस्टर डोज दी गई। हालांकि 60 वर्ष से अधिक आयु के कई लोग भी बूस्टर डोज लेने सीएचसी पहुंचे। लेकिन कोरोना की सेकेंड डोज लेने के नौ माह पूरा नहीं होने के चलते उन्हें लौटा दिया गया।
कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनजर सरकार ने फ्रंट लाइन वर्करों और 60 साल से अधिक आयु के उन व्यक्तियों को कोरोना की बूस्टर डोज देने का निर्णय लिया है, जो गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं। विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए भी सरकार ने ऐसा कदम उठाया है। सोमवार से शुरू हुए इस अभियान में पहले दिन सीएचसी में 11 स्वास्थ्यकर्मियों को कोरोनारोधी टीके की बूस्टर डोज दी गई। सीएचसी के अधीक्षक डॉ. अजय कुमार त्यागी ने बताया कि जिन लोगों को कोरोना की कोविशील्ड या कोवैक्सीन टीके की दोनों डोज लग चुकी हैं, उन्हें दूसरी डोज के नौ माह पूरे होने के बाद बूस्टर डोज दी जाएगी। लेकिन बूस्टर डोज केवल फ्रंट लाइन वर्कर और 60 साल से अधिक उम्र के गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को ही लगाने के आदेश मिले हैं। उन्होंने बताया कि 60 वर्ष से अधिक आयु के कई लोग पहले दिन बूस्टर डोज लगवाने सीएचसी पहुंच गए। लेकिन उन्हें इसलिए लौटा दिया गया, क्योंकि उनकोे दूसरी डोज लगे अभी नौ माह पूरे नहीं हुए थे।