{"_id":"5b20202b4f1c1b2b428b47fb","slug":"101528832043-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाल श्रम विरोध दिवस मनाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाल श्रम विरोध दिवस मनाया
Updated Wed, 13 Jun 2018 01:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुजफ्फरनगर। सहायक श्रमायुक्त अनिल सिंह ने कहा कि 14 साल कम के बच्चों से काम लेना अपराध है। ऐसे बच्चों को शिक्षा दी जानी चाहिए।
सरकुलर रोड स्थित श्रम विभाग के कार्यालय में अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम विरोध दिवस मनाया गया। सहायक श्रमायुक्त ने कहा कि समाज के सभी लोगों का फर्ज बनता है कि 14 साल के बच्चों से न तो कार्य कराए और न ही काम लें। इसका उल्लंघन करने पर बीस हजार का जुर्माना वसूला जाएगा। श्रम परिवर्तन अधिकारी केके मिश्रा ने कहा कि 14 वर्ष से 18 तक के किशोर श्रमिकों से केवल गैर खतरनाक प्रक्रिया के कार्य लिये जा सकते है। सुभाष उपाध्याय महामंत्री ईंट भट्ठा कामगार यूनियन ने उपस्थित लोगों से अपील की कि वह बच्चों से काम न ले, उन्हें विद्यालय में भेजें। एएलसी ने बताया कि कंडीशनल कैश योजना के अंतर्गत पात्र बाल श्रमिकों को राज्य सरकार द्वारा आर्थिक मदद दी जा रही है। इसमें ऐसे बाल श्रमिक पात्र है जिनके माता-पिता नही है अथवा बिमारी या अपंगता के कारण वे काम नही कर सकते तथा परिवार के लिए कुछ अर्जित करने में अक्षम है। साजिद अंसारी, शाहिद अली खान आदि रहे।
विज्ञापन
सरकुलर रोड स्थित श्रम विभाग के कार्यालय में अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम विरोध दिवस मनाया गया। सहायक श्रमायुक्त ने कहा कि समाज के सभी लोगों का फर्ज बनता है कि 14 साल के बच्चों से न तो कार्य कराए और न ही काम लें। इसका उल्लंघन करने पर बीस हजार का जुर्माना वसूला जाएगा। श्रम परिवर्तन अधिकारी केके मिश्रा ने कहा कि 14 वर्ष से 18 तक के किशोर श्रमिकों से केवल गैर खतरनाक प्रक्रिया के कार्य लिये जा सकते है। सुभाष उपाध्याय महामंत्री ईंट भट्ठा कामगार यूनियन ने उपस्थित लोगों से अपील की कि वह बच्चों से काम न ले, उन्हें विद्यालय में भेजें। एएलसी ने बताया कि कंडीशनल कैश योजना के अंतर्गत पात्र बाल श्रमिकों को राज्य सरकार द्वारा आर्थिक मदद दी जा रही है। इसमें ऐसे बाल श्रमिक पात्र है जिनके माता-पिता नही है अथवा बिमारी या अपंगता के कारण वे काम नही कर सकते तथा परिवार के लिए कुछ अर्जित करने में अक्षम है। साजिद अंसारी, शाहिद अली खान आदि रहे।