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वनभूमि का अवैध प्रयोग किया तो होगी कार्रवाई
Updated Tue, 12 Sep 2017 12:55 AM IST
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वनभूमि का अवैध प्रयोग किया तो होगी कार्रवाई
मुजफ्फरनगर। वन विभाग ने अपनी भूमि को अवैध कब्जा मुक्त कराने के लिए अभियान शुरू किया है। यदि कोई वन भूमि का अवैध प्रयोग करता मिला तो वन संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
सामाजिक वानिकी प्रभाग के प्रभागीय निदेशक सूरज ने बताया कि जनपद के अंतर्गत संरक्षित वन, घोषित सड़कों के किनारे होटल, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, स्कूल, कॉलेज, पेट्रोल पंप के लिए रास्ते का प्रयोग, टेलीफोन केबल बिछाना, विद्युत एवं अन्य प्रयोजन के लिए खंभे गाड़ना आदि गैर वानिकी कार्य वन संरक्षण अधिनियम 1980 के अधीन है। केंद्र सरकार की अनुमति लिए बिना इनमें कार्य करना दंडनीय अपराध है। उन्होंने बताया कि यदि कोई संस्था या व्यक्ति बिना अनुमति संरक्षित वन भूमि का गैर वानिकी प्रयोग करता पाया गया तो उसके विरुद्ध वन संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी, इसलिए इस मामले में सतर्कता बरती जाए। डीएफओ सूरज ने बताया कि वन भूमि को कब्जामुक्त कराने के लिए विभाग की ओर से अभियान चलाया गया है। एसडीओ के नेतृत्व में रेंजर और वन दरोगा के साथ टीम विभिन्न स्थानों पर छापेमारी का कार्य करेगी। वन भूमि पर गैर वानिकी कार्य पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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मुजफ्फरनगर। वन विभाग ने अपनी भूमि को अवैध कब्जा मुक्त कराने के लिए अभियान शुरू किया है। यदि कोई वन भूमि का अवैध प्रयोग करता मिला तो वन संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
सामाजिक वानिकी प्रभाग के प्रभागीय निदेशक सूरज ने बताया कि जनपद के अंतर्गत संरक्षित वन, घोषित सड़कों के किनारे होटल, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, स्कूल, कॉलेज, पेट्रोल पंप के लिए रास्ते का प्रयोग, टेलीफोन केबल बिछाना, विद्युत एवं अन्य प्रयोजन के लिए खंभे गाड़ना आदि गैर वानिकी कार्य वन संरक्षण अधिनियम 1980 के अधीन है। केंद्र सरकार की अनुमति लिए बिना इनमें कार्य करना दंडनीय अपराध है। उन्होंने बताया कि यदि कोई संस्था या व्यक्ति बिना अनुमति संरक्षित वन भूमि का गैर वानिकी प्रयोग करता पाया गया तो उसके विरुद्ध वन संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी, इसलिए इस मामले में सतर्कता बरती जाए। डीएफओ सूरज ने बताया कि वन भूमि को कब्जामुक्त कराने के लिए विभाग की ओर से अभियान चलाया गया है। एसडीओ के नेतृत्व में रेंजर और वन दरोगा के साथ टीम विभिन्न स्थानों पर छापेमारी का कार्य करेगी। वन भूमि पर गैर वानिकी कार्य पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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