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टेंडर को लेकर ईओ और अध्यक्षा आमने-सामने
Updated Wed, 12 Jul 2017 01:07 AM IST
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टेंडर को लेकर ईओ और अध्यक्षा आमने-सामने
पुरकाजी। कस्बे में कान्हा पशु योजना के टेंडर जारी करने को लेकर नगर पंचायत अध्यक्षा और ईओ आमने-सामने आ गए हैं। नगर पंचायत अध्यक्षा जहां टेंडर छोड़े जाने की तैयारी में जुटी हैं, वहीं ईओ टेंडर को निरस्त कराने के प्रयास में जुटे हैं।
शासन द्वारा कस्बे में आवारा पशुओं के लिए कान्हा पशु योजना के तहत कुछ इमारतें बनाई जानी हैं, जिसके लिए शासन से करीब साढ़े चार करोड़ की राशि आवंटित कर एक करोड़ रुपये नगर पंचायत कार्यालय के खाते में भेज दिए गए हैं। जिसे बनाने के लिए गत माह हुई बोर्ड बैठक में कुछ सभासदों के विरोध के बावजूद उक्त योजना के प्रस्ताव को पास कर दिया गया था। सूत्रों के अनुसार टेंडर के लिए गत सप्ताह नगर पंचायत अध्यक्षा ने ईओ को विश्वास में लिए बिना टेंडर प्रकाशित करा दिया है। इसकी जानकारी मिलने पर ईओ ने आपत्ति जताई। ईओ अधिकारियों से मिलकर टेंडर निरस्त कराए जाने का प्रयास कर रहे हैं। ईओ मनोज यादव का कहना है कि उनकी जानकारी के बिना टेंडर प्रकाशित कराए गए हैं। मौजूदा नगर पंचायत अध्यक्षा का कार्यकाल एक सप्ताह का बाकी रह गया है, ऐसे में पांच करोड़ के ठेके छोड़ने का कोई औचित्य नहीं है। इस संबंध में एडीएम को जानकारी दे दी गई है, टेंडर निरस्त कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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पुरकाजी। कस्बे में कान्हा पशु योजना के टेंडर जारी करने को लेकर नगर पंचायत अध्यक्षा और ईओ आमने-सामने आ गए हैं। नगर पंचायत अध्यक्षा जहां टेंडर छोड़े जाने की तैयारी में जुटी हैं, वहीं ईओ टेंडर को निरस्त कराने के प्रयास में जुटे हैं।
शासन द्वारा कस्बे में आवारा पशुओं के लिए कान्हा पशु योजना के तहत कुछ इमारतें बनाई जानी हैं, जिसके लिए शासन से करीब साढ़े चार करोड़ की राशि आवंटित कर एक करोड़ रुपये नगर पंचायत कार्यालय के खाते में भेज दिए गए हैं। जिसे बनाने के लिए गत माह हुई बोर्ड बैठक में कुछ सभासदों के विरोध के बावजूद उक्त योजना के प्रस्ताव को पास कर दिया गया था। सूत्रों के अनुसार टेंडर के लिए गत सप्ताह नगर पंचायत अध्यक्षा ने ईओ को विश्वास में लिए बिना टेंडर प्रकाशित करा दिया है। इसकी जानकारी मिलने पर ईओ ने आपत्ति जताई। ईओ अधिकारियों से मिलकर टेंडर निरस्त कराए जाने का प्रयास कर रहे हैं। ईओ मनोज यादव का कहना है कि उनकी जानकारी के बिना टेंडर प्रकाशित कराए गए हैं। मौजूदा नगर पंचायत अध्यक्षा का कार्यकाल एक सप्ताह का बाकी रह गया है, ऐसे में पांच करोड़ के ठेके छोड़ने का कोई औचित्य नहीं है। इस संबंध में एडीएम को जानकारी दे दी गई है, टेंडर निरस्त कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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