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टर्म लोन योजना में आए 100 आवेदन
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टर्म लोन योजना में आए 100 आवेदन
मुजफ्फरनगर। अल्पसंख्यक समाज के कल्याण के लिए 13 वर्षों से बंद पड़ी टर्म लोन योजना को फिर से शुरू कर दिया गया है। योजना के शुरू होते ही इसके लिए आवेदन भी आने शुरू हो गए हैं। फिलहाल 31 दिसंबर तक ही आवेदन मांगे गए थे, लेकिन अब आवेदन करने की तिथि बढ़ाई जा रही है। योजना का लाभ लेने के लिए करीब 475 लोग फार्म ले गए हैं, लेकिन जमा करने वालों की संख्या एक सौ ही है।
अल्पसंख्यक समाज में आने वाले मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध, पारसी व जैन धर्म के बेरोजगार युवक-युवतियों को एक से 20 लाख रुपये तक का टर्म लोन देने के लिए योजना की शुरुआत की गई है। यह योजना 2007 में बंद हो गई है। योजना के तहत छह फीसदी वार्षिक की दर से ब्याज देना होगा। योजना के तहत जिले में 50 लाभार्थियों का चयन किया जाना है। फिलहाल इस योजना में 31 दिसंबर 2019 तक आवेदन मांगे गए थे। 475 युवक-युवतियां विभाग से फार्म लेकर गए, लेकिन जमा केवल एक सौ ने ही किए हैं। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी शिवेंद्र कुमार ने बताया कि योजना में आवेदन जमा करने की तिथि को बढ़ाया जा रहा है।
वित्तीय लक्ष्य कम, नहीं मिलेंगे दो लाख से ज्यादा
मुजफ्फरनगर। वैसे तो टर्म लोन योजना में एक लाख से लेकर 20 लाख रुपये तक लोन देने का प्राविधान है, लेकिन जिले में वित्तीय लक्ष्य बेहद कम है। 50 लाभार्थियों को 75 लाख रुपये का ऋण वितरण होना है। इसलिए विभाग ने तय किया है कि एक लाभार्थी को दो लाख रुपये से ज्यादा का लोन नहीं दिया जा सकता।
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ये हैं ऋण देने के लिए शर्तें
- आवेदक अल्पसंख्यक वर्ग तथा उत्तर प्रदेश का मूल निवासी हो।
- पारिवारिक आय ग्रामीण 98 हजार व शहरी 1.20 लाख से अधिक न हो।
- आवेदक की आयु 18 वर्ष से अधिक हो।
- जो पहले योजना का लाभ ले चुके हैं, वह इसके पात्र नहीं होंगे।
इन परियोजनाओं के लिए दिया जाएगा लोन
मुजफ्फरनगर। टर्म लोन योजना के अंतर्गत एग्रीकल्चर एंड एलाइड, टेक्निकल ट्रेड्स, स्मॉल बिजनेस, आर्टिजन एवं ट्रांसपोर्ट एंड सर्विस सेक्टर में स्वरोजगार शुरू करने के लिए लोन दिया जाएगा। ऋण की वापसी पांच वर्षों में 20 समान त्रैमासिक वार्षिक किस्तों पर की जाएगी।
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मुजफ्फरनगर। अल्पसंख्यक समाज के कल्याण के लिए 13 वर्षों से बंद पड़ी टर्म लोन योजना को फिर से शुरू कर दिया गया है। योजना के शुरू होते ही इसके लिए आवेदन भी आने शुरू हो गए हैं। फिलहाल 31 दिसंबर तक ही आवेदन मांगे गए थे, लेकिन अब आवेदन करने की तिथि बढ़ाई जा रही है। योजना का लाभ लेने के लिए करीब 475 लोग फार्म ले गए हैं, लेकिन जमा करने वालों की संख्या एक सौ ही है।
अल्पसंख्यक समाज में आने वाले मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध, पारसी व जैन धर्म के बेरोजगार युवक-युवतियों को एक से 20 लाख रुपये तक का टर्म लोन देने के लिए योजना की शुरुआत की गई है। यह योजना 2007 में बंद हो गई है। योजना के तहत छह फीसदी वार्षिक की दर से ब्याज देना होगा। योजना के तहत जिले में 50 लाभार्थियों का चयन किया जाना है। फिलहाल इस योजना में 31 दिसंबर 2019 तक आवेदन मांगे गए थे। 475 युवक-युवतियां विभाग से फार्म लेकर गए, लेकिन जमा केवल एक सौ ने ही किए हैं। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी शिवेंद्र कुमार ने बताया कि योजना में आवेदन जमा करने की तिथि को बढ़ाया जा रहा है।
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वित्तीय लक्ष्य कम, नहीं मिलेंगे दो लाख से ज्यादा
मुजफ्फरनगर। वैसे तो टर्म लोन योजना में एक लाख से लेकर 20 लाख रुपये तक लोन देने का प्राविधान है, लेकिन जिले में वित्तीय लक्ष्य बेहद कम है। 50 लाभार्थियों को 75 लाख रुपये का ऋण वितरण होना है। इसलिए विभाग ने तय किया है कि एक लाभार्थी को दो लाख रुपये से ज्यादा का लोन नहीं दिया जा सकता।
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ये हैं ऋण देने के लिए शर्तें
- आवेदक अल्पसंख्यक वर्ग तथा उत्तर प्रदेश का मूल निवासी हो।
- पारिवारिक आय ग्रामीण 98 हजार व शहरी 1.20 लाख से अधिक न हो।
- आवेदक की आयु 18 वर्ष से अधिक हो।
- जो पहले योजना का लाभ ले चुके हैं, वह इसके पात्र नहीं होंगे।
इन परियोजनाओं के लिए दिया जाएगा लोन
मुजफ्फरनगर। टर्म लोन योजना के अंतर्गत एग्रीकल्चर एंड एलाइड, टेक्निकल ट्रेड्स, स्मॉल बिजनेस, आर्टिजन एवं ट्रांसपोर्ट एंड सर्विस सेक्टर में स्वरोजगार शुरू करने के लिए लोन दिया जाएगा। ऋण की वापसी पांच वर्षों में 20 समान त्रैमासिक वार्षिक किस्तों पर की जाएगी।