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Muzaffarnagar: राकेश टिकैत बोले- गन्ना आंदोलन कमजोर, इसलिए बागपत से भाव बढ़ाए बिना लौटे सीएम
Mon, 17 Feb 2025 11:01 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर
अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Mon, 17 Feb 2025 11:01 PM IST
सार
नवीन मंडी कूकड़ा में महापंचायत का आयोजन किया गया। इसमें भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि किसान गन्ने को आधा कर दें, दूसरी फसलों की बुवाई करें, भाव खुद बढ़ जाएगा।
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महापंचायत में मंच पर नरेश टिकैत, राकेश टिकैत और अन्य।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर आयोजित भाकियू टिकैत की किसान मजदूर महापंचायत में गन्ना मूल्य 500 रुपये प्रति क्विंटल और एमएसपी गारंटी कानून समेत आठ मांग प्रस्ताव पास किए गए। भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि किसानों के सामने अस्तित्व की लड़ाई है। भाकियू प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि आजादी की शताब्दी तक सरकार 70 फीसदी जमीन छीन लेगी। गन्ने का आंदोलन ही नहीं हुआ, इसलिए मुख्यमंत्री बागपत से बिना भाव बढ़ाए वापस लौट गए।
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पंचायत को संबोधित करते नरेश टिकैत।
- फोटो : अमर उजाला
शहर की नवीन मंडी कूकड़ा में आयोजित महापंचायत में भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि किसान गन्ने को आधा कर दें, विकल्प के तौर पर दूसरी फसलों की बुवाई करें, भाव खुद बढ़ जाएगा। किसानों को एकजुट होना होगा। सही रास्ता बता सकते हैं, उंगली पकड़कर नहीं चलाएंगे। अपना वोट किसी को भी दो, हमारे लिए कहीं बिगाड़ मत करना, हमारे संबंध भी सबके साथ हैं, संबंध नहीं बिगाड़ेंगे। किसानों से एकजुटता का आह्वान किया।
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अपनी बात कहते राकेश टिकैत।
- फोटो : अमर उजाला
भाकियू प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार का रवैया ठीक नहीं है। हर मुद्दे पर किसानों को दबाने का काम किया जा रहा है। किसानों को फसलों के दाम नहीं, बल्कि कर्जा दिया जा रहा है। सरकार ने तय कर लिया कि कर्ज देकर जमीन ले लो, अगर भाव दे दिया तो किसान गुजारा कर लेगा। जमीन छीनने की योजना बना रखी है। व्यापारी जमीन खरीद रहे हैं। अगर यही हाल रहा तो 2047 तक 70 फीसदी जमीन बिक जाएगी। गन्ने का आंदोलन ही नहीं हुआ, इसलिए मुख्यमंत्री बागपत से बिना भाव बढ़ाए लौट गए। सरकार तोड़ना चाहती है। जातियों में बांट रही है। मुकाबला नहीं किया तो अधिकारी लूट ले जाएंगे।
यह मांग प्रस्ताव किए गए पारित
- किसानों को 500 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य दिया जाना चाहिए।
- उद्योगपतियों की तरह किसानों की संपूर्ण ऋण माफी होनी चाहिए।
- एमएसपी गारंटी कानून/सी2 प्लस 50 कानून लागू होना चाहिए।
- खेती किसानी को एनजीटी व जीएसटी मुक्त खेती की जानी चाहिए।
- विद्युत या किसी भी संस्था का निजीकरण बंद होना चाहिए।
- जीएम बीज का पूरे देश में विरोध किया जाएगा। ट्रायल नहीं होने देंगे।
- एलएआरआर अधिनियम 2013 को लागू किया जाना चाहिए।
- केंद्र सरकार को अपनी नई कृषि मसौदा नीति को रद्द कर देना चाहिए।
- किसानों को 500 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य दिया जाना चाहिए।
- उद्योगपतियों की तरह किसानों की संपूर्ण ऋण माफी होनी चाहिए।
- एमएसपी गारंटी कानून/सी2 प्लस 50 कानून लागू होना चाहिए।
- खेती किसानी को एनजीटी व जीएसटी मुक्त खेती की जानी चाहिए।
- विद्युत या किसी भी संस्था का निजीकरण बंद होना चाहिए।
- जीएम बीज का पूरे देश में विरोध किया जाएगा। ट्रायल नहीं होने देंगे।
- एलएआरआर अधिनियम 2013 को लागू किया जाना चाहिए।
- केंद्र सरकार को अपनी नई कृषि मसौदा नीति को रद्द कर देना चाहिए।