फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   MP Dimple wish to become instructors with disabilities quota

सांसद डिंपल की विकलांग कोटे से अनुदेशक बनने की चाहत!

Thu, 02 May 2013 01:24 AM IST
कन्नौज/योगेंद्र बघेल
कन्नौज/योगेंद्र बघेल Updated Thu, 02 May 2013 01:24 AM IST
विज्ञापन
MP Dimple wish to become instructors with disabilities quota

अनुदेशक भर्ती के लिए मांगे गए आवेदन में किसी तरह की शर्त न होने से अभ्यार्थियों ने कई फर्जी नामों से आवेदन कर दिया। इसी तरह किसी ने सांसद डिंपल यादव को भी नहीं बख्शा।

विज्ञापन


सांसद डिंपल यादव का विकलांग कोटे से कला वर्ग में अनुदेशक बनने की चाहत रखने का हल्ला लखनऊ तक पहुंच चुका है।

अधिकारियों ने शुरुआत में इस मामले को काफी हल्के में लिया, लेकिन अमर उजाला में इस खबर को प्रमुखता के साथ प्रकाशित किए जाने के बाद जिले में हलचल मच गई।
विज्ञापन


सपा नेताओं ने इस मामले को सीएम कार्यालय तक पहुंचा दिया। मामला मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पत्नी से जुड़ा होने के कारण जब लखनऊ से अधिकारियों के पास मोबाइल फोनों की घंटियां घनघनानी शुरू हुई तो सो रहे अफसर जागे और तेजी के साथ उन सिरफिरों तक पहुंचने के लिए रणनीति बनानी शुरू कर दी।
विज्ञापन
विज्ञापन


फिलहाल बीएसए को पूरे मामले की बिंदुवार जांच के आदेश दिए गए हैं। डीएम का कहना है कि उक्त प्रकरण को साइबर क्राइम ब्रांच को सौंपा जाएगा, और उन सिरफिरों को पकड़ा जाएगा।

गौरतलब है कि प्रदेश सरकार की ओर से परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को देखते हुए मानदेय पर अनुदेशक रखने की मंजूरी प्रदान की गई थी। इसी तरह स्नातक पास अभ्यार्थियों से आन-लाइन कला, कंप्यूटर, शारीरिक शिक्षा सहित अन्य विषयों के लिए आवेदन मांगे गए थे।

आवेदन में किसी तरह की शर्त न होने से नेट पर चैटिंग करने वाले कुछ सिरफिरे यहां भी अफसरों को घनचक्कर बनाने से बाज नहीं आए। इन अभ्यार्थियों ने कई फर्जी नामों से आवेदन कर दिया। इसी तरह किसी ने सांसद को भी नहीं बख्शा।

डिंपल यादव पत्नी अखिलेश यादव के नाम से आन-लाइन आवेदन कर दिया। इन आवेदनों में मजे की बात यह रही स्नातक, प्रोफेशनल योग्यता में जो प्राप्तांक भरे गए, उनसे प्रदेश स्तर पर बनी मेरिट में यह सबसे ऊपर पहुंच गए।

जब उक्त कटअप सूची जिला बेसिक शिक्षाधिकारी कार्यालय पर लगी तब भी किसी अधिकारी ने इस पर खासा ध्यान नहीं दिया। अमर उजाला ने जब इस खबर को प्रकाशित किया तब अधिकारी हरकत में आए।

पूर्व ब्लाक प्रमुख नवाब सिंह यादव ने कहा कि यह एक गंभीर मामला है। किसी शरारती तत्व ने ऐसा किया है। मामले को मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचा दिया गया।

जल्द ही उस शरारती तत्व तक जांच एजेंसी पहुंच जाएगी, और उसे कड़ी सजा दिलाई जाएगी।

जिलाधिकारी डा.रुपेश कुमार ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में है। बीएसए को प्रारंभिक जांच के आदेश दिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद इस मामले को साइबर क्राइम शाखा को सौंपा जाएगा, जो कि जांच पड़ताल कर उन लोगों को पकड़ेगे।

बीएसए अम्बरीष कुमार यादव ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई, जल्द ही उन तक पहुंचा जाएगा।

बीएसए कार्यालय में कटआफ सूची फाड़ी गई
बीएसए कार्यालय में लगी कटअप सूची में प्रदेश के सीएम की पत्नी का नाम अनुदेशक पद के लिए होने की जानकारी के बाद उस सूची को ही बुधवार को किसी ने फाड़ दिया।

शरारती तत्वों ने कई अभ्यार्थियों को पहुंचाया नुकसान
इन शरारती तत्वों ने भले ही अपने मजे के लिए इस तरह की शरारत की, लेकिन इनकी इस गलती का खामियाजा मेधावियों को भुगतना पड़ा। इन शरारती तत्वों के चलते वह मेरिट में अपना स्थान बनाने में नाकामयाब रहे।

निशुल्क के चलते भी इस मामले की बढ़ी गुंजाइश
आन-लाइन आवेदन करने का तरीका यह होता है, कि कोई भी अभ्यार्थी पहले आन-लाइन भर्ती के लिए रजिस्ट्रेशन नंबर प्राप्त करता है। इसके बाद बैंक में चालान फीस जमा करनी पड़ती है।


उसके बाद आन-लाइन आवेदन स्वीकृत होता है, लेकिन सरकार की ओर से विकलांग कोटे में अभ्यार्थियों के लिए निशुल्क व्यवस्था कर रखी थी, उनको किसी तरह की फीस नहीं जमा करनी थी। इस कारण भी इस सुविधा का शरारती तत्वों ने जमकर फायदा उठाया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed