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112 की गाड़ी में युवक की मौत, पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई के लिए दो घंटे कांठ रोड पर जाम, शाम को बदल गई कहानी और पति व दो सालों पर हत्या का केस

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 18 Dec 2021 01:00 AM IST
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Youth dies in 112 car, jammed on Kanth road for two hours to act on police personnel, story changed in the evening and murder case on husband and two years
मुरादाबाद। निजी अस्पताल के नर्सिंग सुपरवाइजर भूपेंद्र पांडे की मौत के मामले में बारह घंटे में ही पूरी कहानी ही बदल गई। शुक्रवार सुबह परिजनों ने दावा किया था कि 112 की गाड़ी में भूपेंद्र की मौत हुई थी। लोगों का आरोप था कि पुलिस कर्मियों की पीटने से उसकी मौत हुई है। जिससे गुस्साए लोगों ने कांठ रोड पर जाम लगाकर पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस अफसरों के आश्वासन पर दो घंटे बाद लोग शांत हुए और जाम खोल दिया, लेकिन शाम होते ही कहानी बदल गई। पुलिस ने युवक के भाई की तहरीर पर हत्या का केस दर्ज किया है। जिसमें पत्नी और दो सालों को आरोपी बनाया गया है, जबकि पुलिस कर्मियों को बिना जांच ही क्लीनचिट मिल गई।
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भोजपुर थानाक्षेत्र के सेहल गांव निवासी भूपेंद्र पांडे (34) कांठ रोड स्थित विवेकानंद नर्सिंग होम में नर्सिंग सुपरवाइजर के पद पर तैनात थे। शुक्रवार सुबह भूपेंद्र के भाई और पिता पुलिस को बताया था कि गुरुवार रात को भूपेंद्र का पत्नी साधना से विवाद हो गया था। शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे साधना ने इसकी जानकारी रामपुर के गंगापुर मिलक निवासी अपने भाइयों को फोन पर दी थी। भूपेंद्र के भाई सोनू उर्फ प्रकाश चंद्र ने पुलिस को बताया कि साधना के भाई के फोन करने पर ही शुक्रवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे पीआरवी में तैनात तीन पुलिस कर्मी घर आए थे।
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आरोप है कि भूपेंद्र के साथ पुलिस कर्मियों ने गाली-गलौज की। विरोध करने पर उन्होंने भूपेंद्र को डंडे से पीटना शुरू कर दिया। इसके बाद उसे अपनी गाड़ी में बैठा लिया। मौके पर इकट्ठा हुए ग्रामीणों ने पुलिस की गाड़ी का दरवाजा खोलकर देखा तो भूपेंद्र की मौत हो चुकी थी। इससे पुलिस कर्मियों के होश उड़ गए। ग्रामीणों की भीड़ जुटी तो पुलिस कर्मी भूपेंद्र को गाड़ी में डालकर वहां से भागने लगे। इसी बीच भूपेंद्र के तहेरे भाई ग्राम प्रधान विजय पांडे गाड़ी में बैठ गए। इसके बाद पुलिस कर्मी उसे लेकर विवेकानंद अस्पताल ले गए, जहां पर डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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कुछ ही देर में परिजन भी पहुंच गए। परिजनों ने नाराजगी जताई तो पुलिस कर्मी गाड़ी लेकर भाग गए। इसके बाद आक्रोशित परिजनों ने शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे शव को कांठ रोड पर रखकर जाम लगा दिया। इससे यातायात व्यवस्था बेपटरी हो गई।
सूचना पर एसपी देहात व सीओ ठाकुरद्वारा अनूप सिंह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया। गुस्साए परिजनों ने करीब दो घंटे बाद परिजनों ने जाम खोला। शाम होते ही कहानी बदल गई। भूपेंद्र के भाई ने भोजपुर थाने में भूपेंद्र की पत्नी साधना और उसके दो भाई प्रदीप व विनोद पांडे के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया है। जिसमें वादी ने बयान दिया है कि साधना ने फोन कर अपने भाइयों को घर बुला लिया था। साधना और उसके भाइयों ने भूपेंद्र की पिटाई की। जिससे उसके भाई की मौत हो गई है।

भूपेंद्र के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। पोस्टमार्टम में मौत की वजह स्पष्ट नहीं हुई है। शरीर पर भ कोई चोट का नहीं नहीं है। भाई की तहरीर पर पत्नी और दो सालों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है। केस की विवेचना में जो भी तथ्य सामने आएंगे। उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विद्याशंकर मिश्रा पुलिस अधीक्षक ग्रामीण
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